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Wednesday, February 24, 2021

पाकिस्तान के गुरुद्वारे पर हमले के विरोध में भड़की BJP

–ननकाना साहिब पर किए गए हिंसक हमले को बताया निंदनीय
-पाक सरकार पर बोला हमला, कहा दोषियों पर हो तत्काल कार्रवाई
–भाजपा ने पाकिस्तान की घटना को सीएए से जोड़ा
–कहा-नागरिकता कानून का विरोध करने वाले आत्मनिरीक्षण करें
–अल्पसंख्यक समुदायों के जान-माल और गरिमा की रक्षा के लिए उठाई मांग

(नीता बुधौलिया)

नई दिल्ली : केंद्र में सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी ने पाकिस्तान के गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब पर हुए हमलों की कठोर निंदा करते हुए पाकिस्तान पर जमकर हमला किया। साथ ही, देश में पाकिस्तान की पैरोकार बनी पार्टियों, कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों को कटघरे में खड़ा किया है। भाजपा ने कहा कि पाकिस्तान में पंजाब के ननकाना साहिब पर किया गया हिंसक हमला कायरतापूर्ण और निंदनीय है। हम पाकिस्तान सरकार (Government of Pakistan) से ननकाना साहिब और पाकिस्तान के अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के जान-माल और गरिमा की रक्षा के लिए तत्काल उपाय करने का अपील करते हैं।


भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं लोक सभा सांसद मीनाक्षी लेखी एवं पार्टी के राष्ट्रीय सचिव तरुण चुघ ने संयुक्त प्रेस कांफं्रेस में कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों पर लगातार हिंसा के कृत्य होते रहे हैं और दशकों से अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार मानव अधिकार का उल्लंघन भी होता रहा है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्यों को धमकी, जबरन धर्मांतरण और कठोर ईशनिंदा कानून के तहत फंसाकर मौत का शिकार होना पड़ा है। यही कारण है कि उस देश में अल्पसंख्यकों की आबादी लगातार कम हुई है। इस कारण पाकिस्तान के निर्माण के बाद से भारत में ऐसे सताए गए अल्पसंख्यकों का जबरन पलायन जारी है। गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब की उस बड़ी साजिश का सिर्फ एक प्रतीकात्मक कृत्य है और यह 21वीं सदी की बहु-सांस्कृतिक आधुनिक सभ्यता के मापदंडों के प्रतिकूल है।

मीनाक्षी लेखी ने कहा कि पाकिस्तान में सिखों, हिंदुओं, ईसाइयों और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की युवा लड़कियों को उनके घरों से जबरन अगवा किए जाने, इस्लाम में तब्दील होने और मुस्लिम लड़कों से शादी करने के हजारों सबूत मिले हैं, जबकि पुलिस, सरकार एजेंसियों और अदालतों ने इस अन्याय को वैध बनाकर अपराधियों का समर्थन किया है। यह न केवल सीएए जैसे अधिनियम की आवश्यकता को सही ठहराता है बल्कि इसके तत्काल कार्यान्वयन की आवश्यकता पर भी जोर देता है। पाकिस्तान अब साबित करता है कि सीएए सही और समय पर है।

काबा या जेरुसलम पर किए किसी हमले के समान निंदनीय : तरुण चुघ

भाजपा नेता तरुण चुघ ने कहा कि हम वैश्विक सिख आस्था के ऐसे महत्वपूर्ण मंदिर के खिलाफ हिंसा के इस वीभत्स कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं। यह काबा या जेरुसलम पर किए किसी हमले के समान निंदनीय है। पाकिस्तान सरकार और समाज को पता होना चाहिए कि पाकिस्तानी सिख अविभाजित भारत के मूल सिख समुदाय के वंश रहे हैं, जिन्होंने इसे अपना घर मानते हुए पाकिस्तान में रहने का फैसला किया। इसलिए हमारी मांग है कि पाकिस्तान सरकार को अविलंब के उनके जीवन, गरिमा और बुनियादी मानवाधिकारों की रक्षा करनी चाहिए।

सिख समुदाय की सुरक्षा के लिए कदम उठाए

पार्टी के राष्ट्रीय सचिव तरुण चुघ ने कहा कि ननकाना साहिब जैसे पवित्र स्थान पर अल्पसंख्यक सिख समुदाय को निशाना बनाया गया जो कि गुरु नानक देव जी की जन्मभूमि है। हम पाकिस्तान से मांग करते हैं कि वो तुरंत ही सिख समुदाय की सुरक्षा के लिए कदम उठाए। भाजपा गुरुद्वारा ननकाना साहिब पर हुए हमले की निंदा करता है। इसके साथ ही सिख समुदाय के सबसे बड़े तीर्थस्थल ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर हमले में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

 पाकिस्तान की भाषा बोलने लगते हैं विपक्षी पार्टियां

राष्ट्रीय सचिव तरुण चुघ ने कहा कि नागरिकता कानून (CAA) का विरोध करने वाले सभी लोगों को कल की घटना के मद्देनजर आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। यह सबसे पवित्र सिख तीर्थस्थलों में से एक पर हुई एक बर्बर और अभद्र घटना थी। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे हमले के खिलाफ देश को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए और पाकिस्तान को विश्व स्तर पर बेनकाब करना चाहिए तो विपक्षी पार्टियां पाकिस्तान की भाषा बोलने लगते हैं। आज पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के खिलाफ जो हो रहा है, उसके खिलाफ आवाज उठाने का बेहतर मौका है, और सीएए की सार्थकता साफ नजर आ रही है।

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के उत्पीडऩ का बड़ा सबूत

भाजपा के राष्ट्रीय सचिव तरुण चुघ ने कहा कि ननकाना साहिब गुरुद्वारा की घटना पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के उत्पीडऩ का एक और जीता जागता सुबूत है और जो लोग संशोधित नागरिकता का विरोध कर रहे हैं, उन्हें पता नहीं है कि वे क्या कह रहे हैं। सीएए का विरोध एक गुमराह करने वाला कदम है। यदि किसी को पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति के बारे में प्रमाण की जरूरत है तो कल ननकाना साहिब गुरुद्वारा पर हुई घटना एक ताजा सुबूत है।

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