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Tuesday, August 3, 2021
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दुनिया की दो दिग्गज फुटबॉल टीमों को ताज पहनाया

—ब्राजील में संपन्न रेड बुल नेमार जूनियर्स फाइव
—फाइनल में हंगरी की जसिर्क्रेटाक टीम को मिला ताज
—नेमार जूनियर से मिलने का कलिना से साओ पाउलो तक का सफर

(खेल संवाददाता)

नई दिल्ली। : प्राइया ग्रांडे, ब्राजील में रेड बुल नेमार जूनियर्स फाइव विश्व फाइनल में दुनिया की दो सबसे दमदार फाइव-ए-साइड फुटबॉल टीमों को ताज पहनाया गया। इसके लिए खासतौर पर ग्लोबल फुटबॉल सुपरस्टार नेमार जूनियर ने कोपा अमेरिका में लगी चोट के बाद पहली बार मैदान में कदम रखा। यहां स्थित इंस्टीट्यूटो प्रोजेटो नेमार जूनियर में 12-13 जुलाई को वर्ल्ड फाइनल्स में जबरदस्त भिडंत के बाद हंगरी (मिश्रित) और स्लोवाकिया (महिला) शीर्ष पर रहे। यही वह जगह है जहां ब्राजील के लोग फुटबॉल खेलते हुए बड़े होते हैं। रेड बुल नेमार जूनियर्स फाइव दुनिया का सबसे बड़ा फाइव-ए-साइड फुटबॉल टूर्नामेंट है। एनर्जी ड्रिंक का बड़ा खिलाड़ी ‘रेड बुल’ इसका आयोजन करता है।

Neymar Jr and the 2019 Women’s World Champions (Slovakia) are seen during Red Bull

रेड बुल नेमार जूनियर्स फाइव 2019 की भारतीय चैंपियन टीम, मुंबई की कलिना रेंजर्स ने ब्राजील में विश्व फाइनल में देश का प्रतिनिधित्व किया और हंगरी के खिलाफ ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए बेशकीमती तजुर्बा हासिल किया। गौरतलब है कि हंगरी की टीम ही आगे जाकर टूर्नामेंट की विजेता बनी। दुर्भाग्य से, लक्जमबर्ग के साथ बराबरी पर छूटने और स्पेन तथा अंगोला के खिलाफ दिल तोड़ने वाली हार के साथ भारतीय टीम का टूर्नामेंट में सफर ग्रुप स्टेज में ही खत्म हो गया था। इसके पहले एंथनी मचाडो, टायसन पेरीरा, हैंडरसन डियास, रेयान शेख, क्रेग डिसूजा, मेल्विन बारबोजा और चार्नेल डी’अल्मीडा की टीम ने कोलकाता में रेड बुल नेमार जूनियर्स फाइव का राष्ट्रीय फाइनल जीता था। विश्व फाइनल में टीम इंडिया के तौर पर खेलते हुए उन्होंने विपक्षियों को कड़ी टक्कर दी और उन्हें दुनिया के सबसे बड़े 5-ए-साइड फुटबॉल टूर्नामेंट में भागीदारी का मूल्यवान अनुभव मिला।

भारत का प्रतिनिधित्व करना एक खास अहसास

टीम कलिना रेंजर्स मुंबई, भारत के खिलाड़ी एंथनी मचाडो कहते हैं, “ब्राजील में होना और भारत का प्रतिनिधित्व करना एक खास अहसास है। हमें इस बात पर भी गर्व है कि हम रेड बुल नेमार जूनियर्स फाइव 2019 नेशनल चैंपियंस में हिस्सा लेने वाली 3216 टीमों के बीच विजेता बनकर उभरे। इसने एक दिन ब्राजील में खूबसूरत खेल खेलने के हमारे सपने का पूरा होना मुमकिन बनाया। हमने यहां विश्व फाइनल्स में कुछ विश्व स्तरीय फुटबॉल टीमों के खिलाफ खेला। यह 10 मिनट का मैच होता है, गेंद कभी भी आंखों से ओझल नहीं होती है और आपको लगातार खेलना पड़ता है। इसलिए आपको मजबूत गेम प्लान के साथ ही अपने भीतर बहुत एनर्जी भी रखनी होती है। हम रेड बुल का शुक्रिया अदा करना चाहते हैं कि उसने लगातार हमें नए पंख दिए और इस तरह के टूर्नामेंटों के जरिए 5-ए-साइड फुटबॉल के प्रति अपना समर्थन दिया है। हम थोड़े निराश तो हैं कि हम ग्रुप स्टेज से आगे नहीं जा सके, हालांकि हमें गर्व है कि हमने अपना अंतिम मैच हंगरी की टीम के खिलाफ जीता, जो आगे चलकर अंतत: चैंपियन बनी। यह सीखने का एक शानदार अनुभव था और निश्चित रूप से हमारे खेल को बेहतर बनाने में मदद करेगा। इस दौरान नेमार जूनियर से मिलने का हमारा सपना भी साकार हुआ।”

40 देशों में शानदार फाइव-ए-साइड खिलाड़ियों ने संघर्ष किया

इस वर्ष की प्रतियोगिता के क्वालीफायर राउंड्स में 1,00,000 से अधिक खिलाड़ियों की सहभागिता रही और छह महाद्वीपों के 40 देशों में शानदार फाइव-ए-साइड खिलाड़ियों ने संघर्ष किया। हंगरी ने अपने आठ मैचों में से 7 जीते, जिसमें फाइनल में स्पेन पर 2-0 की जीत भी शामिल है। उसे मिश्रित प्रतियोगिता का खिताब मिला। हंगरी को अपनी एकमात्र हार भारत की टीम कलिना रेंजर्स के हाथों झेलनी पड़ी। द्वितीय महिला विश्व चैंपियन होने का सम्मान स्लोवाकिया को मिला। यह टीम पूरे टूर्नामेंट में लगातार अजेय बनी रही और फाइनल में जापान को 2-1 से करीबी मात दी। दोनों विश्व चैंपियन टीमों को पेरिस सेंट-जर्मेन में नेमार जूनियर से मिलने के लिए एक्सक्लूसिव बिहाइंड द सीन्स ट्रिप का मौका मिलेगा। रेड बुल द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के विजेता के रूप में अब हंगरी की जसिर्क्रेटाक और स्लोवाकिया की स्पार्टक मायजावाजेनी टीम मैक्सिको की डेपोर्टिवो मागो और ब्राजील की रेसेन्हा 013 (2018), रोमानिया की ताओ यूनाइटेड (2017) और ब्राजील की अन्जोस दा बोला (2016) जैसी टीमों की कतार में शामिल हो गई हैं।

नेमार जूनियर खिलाड़ियों के प्रदर्शन

प्रतियोगिता के बाद चर्चा करते हुए नेमार जूनियर खिलाड़ियों के प्रदर्शन से काफी प्रभावित दिखे। ब्राजील के फॉरवर्ड खिलाड़ी ने कहा: “स्तर वाकई बहुत ऊंचा था, और आज तो वास्तव में बहुत गहन रहा। यह प्रतियोगिता मुझे अपने बचपन की याद दिलाती है जब मैं यहां की गलियों में 5×5, 3×3, 2×2 खेलता था। यह मेरे लिए वाकई बड़े गर्व की बात है कि जहां मैं पला-बढ़ा, उस जगह पर इतने सारे देशों के लोगों की मेजबानी कर पाया।

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