35.1 C
New Delhi
Monday, May 27, 2024

जादू-टोने करने के आरोप में महिलाओं से क्रूरता, मारी जा रही हैं महिलाएं

गुमला(झारखंड) /अदिति सिंह। देश में महिलाएं जहां चांद पर जाने की तैयारी कर रही हैं वहीं झारखंड का एक जिला ऐसा भी है, जहां की महिलाएं जादू-टोना करने के शक में क्रूरता की शिकार हो रही हैं। उनके साथ खतरनाक अमानवीय बर्ताव हो रहा है और वह मारी जा रही हैं। इसकी शिकार महिलाएं लड़ रही हैं सम्मान पाने की लड़ाई लड रही हैं। गुमला राज्य का ऐसा जिला है जहां बहुत सी महिलाओं पर जादू-टोना करने का शक जता कर उनके साथ क्रूरता की गई । घटना को काफी वक्त बीत जाने के बाद भी ये महिलाएं सदमे से उबर नहीं पाई हैं और आज भी खौफ में जी रही हैं। इसी जिले की 40 वर्षीय भिखनी के पड़ोसी ने सपने में उसे जादू-टोना करते देखा था । इसके बाद भिखनी को निर्वस्त्र करके बालों से पकड़ कर घुमाया गया। उसे प्रताड़ित किया गया और ऐसे ऐसे अत्याचार किए गए जो सोच से भी परे हैं। घटना को दो वर्ष बीत चुके हैं लेकिन आज भी भिखनी सदमे में है।

—झारखंड के गुमला की महिलाओं से होता है दर्दनाक एवं अमानवीय बर्ताव
—महिलाओं के साथ अमानवीय बर्ताव करने के 476 मामले सामने आए
—शिकार महिलाएं लड़ रही हैं सम्मान पाने की लड़ाई

उसे रातों में नींद नहीं आती और इस बात का डर सताता है कि आरोपी जब जेल से छूटेगा तो क्या होगा? राज्य सरकार के कार्यक्रम गरिमा के तहत दीदियों से काउंसलिंग करा रही भिखनी कहती है, वह मुझे मार डालेगा छोड़ेगा नहीं राज्य सरकार के इस कार्यक्रम का लक्ष्य ऐसे अमानवीय बर्ताव की शिकार हुई महिलाओं में आत्मविश्वास पैदा करना और उनके मन से भय निकालना है। रामपुर गांव की 45 वर्षीय रेबेका टिर्की भी इन्हीं अनुभवों से गुजर चुकी हैं। रेबेका बताती हैं कि उनके पड़ोसी की बच्ची बीमार पड़ गई थी और इससे बाद उसे डायन करार दे दिया गया । यहीं से शुरू हुई थी उसके सामाजिक बहिष्कार और तिरस्कार की यातना।

जादू-टोने करने के आरोप में महिलाओं से क्रूरता, मारी जा रही हैं महिलाएं

शांति खल्खो की भी कहानी कमोबेश ऐसी ही है और वह कहती है कि जब भी उसे याद आता है कि कैसे उसे घर से बाहर घसीट कर लाया गया था और जिंदा जलाने की तैयारी कर ली गई थी, वह सिहर उठती है। एक अधिकारी के अनुसार गुमला में जादू-टोने करने का आरोप लगा कर महिलाओं के साथ अमानवीय बर्ताव करने के मामले की संख्या 476 है। इस संबंध में पूछे जाने पर उपायुक्त सुशांत गौरव कहते हैं कि इस सामाजिक बुराई के खिलाफ अभियान चला कर लोगों के बर्ताव में बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है। जिले के विकास के लिए किए गए कार्यों के वास्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अप्रैल माह में सम्मानित होन वाले गौरव ने कहा कि जब भी कोई ऐसा मामला सामने आता है तो आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मामले नहीं हो,यह जागरुकता फैलाने के लिए गरिमा कार्यक्रम के तहत अभियान चलाए जाते हैं और नुक्कड़ नाटक आयोजित किए जाते हैं। गौरव ने बताया, एक मामले में 19 महिलाओं को गिरफ्तार किया गया । वह कहते हैं कि समस्या काफी पुरानी और गंभीर है,किसी महिला पर ऐसे आरोप उसकी संपत्ति हड़पने के लिए अथवा गलत उद्देश्यों के लिए रिश्तेदार ही लगाते हैं। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के जिला प्रबंधक रविकांत मिश्रा ने कहा कि पीड़ित गरिमापूर्ण जीवन शुरू करने के लिए प्रोजेक्ट गरिमा के तहत विभिन्न आजीविका कार्यक्रमों में लगे हुए हैं। इस महीने की शुरुआत में लातेहार जिले में कथित तौर पर काला जादू करने के आरोप में एक बुजुर्ग दंपति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। हेसला गांव की एक पंचायत में कुछ लोगों ने सिब्बल गंजू (70) और उनकी पत्नी बवनी देवी (65) को घसीट कर लाठियों से पीट-पीटकर मार डाला। इससे पहले, ग्रामीणों के एक समूह द्वारा 40 वर्षीय सूरजमणि देवी का गला कुल्हाड़ी से काट दिया गया था। घटना के समय वह पलामू में अपने पांच साल के बेटे के साथ सो रही थी। गौरतलब है कि झारखंड में प्रति वर्ष ऐसे आरोप में 60-70 लोगों की हत्या कर दी जाती है। उपायुक्त कहते हैं, ऐसे मामले दिखाते हैं कि कैसे अभी भी हमारे समाज में अंधकार है,लेकिन हम जागरुकता फैला रहे है और कुछ वर्षों में इसे समाप्त कर देंगे।

latest news

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related Articles

epaper

Latest Articles