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Sunday, April 21, 2024

दिल्ली-NCR की हवा खराब, ग्रेप-2 के तहत प्रतिबंध लागू

नई दिल्ली /खुशबू पाण्डेय : दिल्ली-एनसीआर में हवा की दिशा बदलने व गति कम होने के साथ वायु गुणवत्ता खराब स्तर पर पहुंच गई है। अगले सप्ताह प्रदूषण स्तर में संभावित वृद्धि होने वाली है। 23 और 24 अक्टूबर को दिल्ली की समग्र वायु गुणवत्ता के गिरकर बहुत खराब श्रेणी में जाने की आशंका है। इसको देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (Air Quality Management Commission) ने वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए दिल्ली-एनसीआर में ग्रेप-2 के तहत प्रतिबंध लागू किए हैं। आयोग ने प्रदूषण में वृद्धि की आशंका के बीच शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के प्राधिकारियों को निजी परिवहन को हतोत्साहित करने के लिए पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी और सीएनजी (CNG) एवं इलेक्ट्रिक बसों, मेट्रो सेवाओं को बढ़ावा देने का निर्देश दिया।

-निजी परिवहन के लिए पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी का निर्देश
-सीएनजी एवं इलेक्ट्रिक बसों, मेट्रो सेवाओं को बढ़ावा देने का निर्देश
-शनिवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 248 दर्ज किया गया
-तीन इलाकों में हवा बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई
-24 इलाकों में हवा खराब श्रेणी, चार इलाकों में हवा मध्यम श्रेणी में दर्ज
-रहें सावधान, 23-24 अक्टूबर को दिल्ली की समग्र हवा बहुत खराब होगी

सर्दी के दौरान वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली-एनसीआर में लागू की जाने वाली केंद्र सरकार की चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (जीआरएपी) के दूसरे चरण के तहत यह निर्देश दिया गया है। शनिवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 248 दर्ज किया गया, जोकि खराब श्रेणी है। वहीं, शुक्रवार के मुकाबले 53 सूचकांक की वृद्धि हुई है। वहीं, तीन इलाकों में हवा बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई। साथ ही, 24 इलाकों में हवा खराब श्रेणी और चार इलाकों में हवा मध्यम श्रेणी में दर्ज की गई। एनसीआर में ग्रेटर नोएडा का सर्वाधिक सूचकांक दर्ज किया गया। वहीं, समग्र रूप से दिल्ली का एक्यूआई खराब श्रेणी में बरकरार रहा। कमोबेश यही स्थिति रविवार को भी बनी रहने का अनुमान है। बता दें कि दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता की स्थिति की समीक्षा करने के लिए हुई एक बैठक में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने कहा कि भारत मौसम विज्ञान विभाग और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के पूर्वानुमानों से पता चलता है कि प्रतिकूल मौसम और जलवायु परिस्थितियों के कारण 23 और 24 अक्टूबर को दिल्ली की समग्र वायु गुणवत्ता के गिरकर बहुत खराब श्रेणी में जाने की आशंका है। दिल्ली का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक शनिवार को 248 रहा। इसलिए आयोग ने पूरे एनसीआर में जीआरएपी के पहले चरण के तहत पहले से उठाए जा चुके कदमों के अलावा दूसरे चरण के उपाय लागू करने का निर्णय लिया। आयोग ने एक आदेश में कहा, एनसीआर में सभी संबंधित एजेंसियां जीआरएपी के पहले चरण के उपायों के अलावा, दूसरे चरण में परिकल्पित उपाय तत्काल प्रभाव से लागू करें। दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता के आधार पर जीआरएपी को चार चरणों में वर्गीकृत किया गया है। पहला चरण वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 201-300 यानी खराब होने पर लागू किया जाता है। दूसरा चरण एक्यूआई 301-400 (बहुत खराब) होने पर, तीसरा चरण एक्यूआई 401-450 (गंभीर) होने पर और चौथा चरण एक्यूआई 450 से अधिक (गंभीर से भी ज्यादा) होने पर लागू किया जाता है।

पहले चरण में तोडफ़ोड़ परियोजनाओं पर काम रोकने का आदेश

आयोग के मुताबिक पहले चरण में 500 वर्ग मीटर के बराबर या उससे अधिक के उन भूखंड पर निर्माण और तोडफ़ोड़ परियोजनाओं पर काम रोकने का आदेश दिया जाता है जो धूल रोकने के उपायों की निगरानी से संबंधित राज्य सरकार के पोर्टल पर पंजीकृत नहीं होते हैं। इसके अलावा पहले चरण में दिल्ली के 300 किलोमीटर के अंदर प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों और ताप ऊर्जा संयंत्रों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाती है और होटल, रेस्तरां व खुले भोजनालयों के तंदूर में कोयले और जलावन लकड़ी के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया जाता है। निर्माण और तोडफ़ोड़ वाले स्थलों से निकलने वाली धूल पर काबू पाने के लिए दिशानिर्देशों का उचित कार्यान्वयन सुनिश्चित करना भी पहले चरण के तहत आता है।

दूसरा और तीसरा चरण अति गंभीर

दूसरे चरण के तहत उठाए जाने वाले कदमों में व्यक्तिगत वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के उद्देश्य से पार्किंग शुल्क बढ़ाना और सीएनजी एवं इलेक्ट्रिक बस और मेट्रो सेवाओं को बढ़ावा देना शामिल है। तीसरे चरण के तहत, दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में पेट्रोल से चलने वाले बीएस-3 इंजन वाले और डीजल से चलने वाले बीएस-4 चार पहिया वाहनों के इस्तेमाल पर रोक लगाने का प्रावधान है। चौथे चरण में सभी प्रकार के निर्माण और तोडफ़ोड़ कार्यों पर प्रतिबंध लगाना शामिल है। राज्य सरकारें ऐसी स्थितियों के दौरान स्कूली छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाओं और सरकारी व निजी कार्यालयों के लिए घर से काम करने के बारे में निर्णय लेने के लिए भी अधिकृत है।

एनजीटी ने जारी किया बिगड़ती वायु गुणवत्ता पर नोटिस

एनजीटी ने राष्ट्रीय राजधानी में बिगड़ती वायु गुणवत्ता के मामले में दिल्ली के मुख्य सचिव, केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय और एमसीडी के अधिकारियों को नोटिस जारी कर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। एनजीटी ने एक मामले की सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया, जिसमें उसने दिल्ली के वायु गुणवत्ता सूचकांक में गिरावट और चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना के उल्लंघन के संबंध में मीडिया में आईं खबरों के आधार पर स्वत : संज्ञान कार्यवाही शुरू की थी। जीआरएपी के तहत सर्दी के दौरान वायु प्रदूषण को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल की पीठ ने खबरों पर गौर करते हुए कहा कि अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई के बावजूद, दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या गंभीर हो रही है और इसके चलते लोग विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

दिल्ली में 15 अक्टूबर तक 1.5 लाख से अधिक चालान

राष्ट्रीय राजधानी में बिना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) के वाहन चलाने वाले लोगों पर इस साल 15 अक्टूबर तक डेढ़ लाख से अधिक चालान जारी किए गए। दिल्ली यातायात पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। यातायात पुलिस द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस साल 15 अक्टूबर तक कुल 1,58,762 चालान जारी किए गए, जो पिछले साल इसी अवधि के दौरान जारी चालान की संख्या से 50,662 अधिक है। आकंड़ों के मुताबिक, एक जनवरी से 15 अक्टूबर की अवधि के दौरान 2021 में 52,388 तथा 2022 में 1,08,100 चालान जारी किए गए थे।

बेहद खराब खराब श्रेणी में पहुंचेगी

हवा भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान के मुताबिक शनिवार को हवा उत्तर-पश्चिम व उत्तर-पूर्वी दिशा की ओर से चली। इस दौरान हवा की गति चार से आठ किलोमीटर प्रति घंटे से रही। रविवार को हवा उत्तर-पश्चिम व उत्तर-पूर्वी दिशाओं से चलने का अनुमान है। इस दौरान हवा की गति छह से 12 किलोमीटर प्रति घंटे से चलेगी। वहीं, सुबह के समय हल्की धुंध छाए रहने का भी अनुमान है। इस दौरान हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने की आशंका है। वहीं, सोमवार को हवा उत्तर व पूर्वी दिशा की ओर से चलेगी। हवा की चाल छह से आठ किलोमीटर प्रतिघंटे रहने का अनुमान है। सफर इंडिया के मुताबिक शनिवार को दिल्ली में पीएम 2.5 की मात्रा लगभग 110 दर्ज की गई, जोकि खराब श्रेणी में है। वहीं, पीएम 10 की मात्रा करीब 192 दर्ज की गई।

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