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Tuesday, January 20, 2026

Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर आज रात करें ये सरल उपाय, मां लक्ष्मी अपार धन की वर्षा करेंगी

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Mauni Amavasya 2026: आज मौनी अमावस्या या माघ अमावस्या मनाई जा रही है। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह माघ मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है, जो आत्मशुद्धि, मौन व्रत, पितरों की पूजा और दान-पुण्य के लिए विशेष महत्व रखती है। अमावस्या तिथि 18 जनवरी की रात 12:03 बजे से शुरू होकर 19 जनवरी की रात 1:21 बजे तक रहेगी।

इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, मौन रहना और दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है तथा पितृ दोष से मुक्ति मिल सकती है। लाखों श्रद्धालु प्रयागराज में गंगा स्नान करते हैं, क्योंकि यह माघ मेले का प्रमुख स्नान दिवस माना जाता है। ज्योतिषीय दृष्टि से भी यह दिन शुभ योगों से युक्त है, जहां धार्मिक कर्मों का फल कई गुना बढ़ जाता है।

मौनी अमावस्या का महत्व

मौनी अमावस्या को माघी अमावस्या भी कहा जाता है। इस दिन मौन (चुप्पी) धारण करने से मन की शांति मिलती है और आत्मिक शुद्धि होती है। शास्त्रों में इसे पितरों को प्रसन्न करने और मोक्ष प्राप्ति का उत्तम अवसर बताया गया है। अमावस्या तिथि पितरों से जुड़ी होती है, इसलिए तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान विशेष फलदायी होते हैं। साथ ही, यह दिन आध्यात्मिक साधना, संयम और दान के लिए जाना जाता है।

मौनी अमावस्या पर किए जाने वाले मुख्य उपाय

  1. तुलसी पूजा: शाम के समय तुलसी के पौधे के पास शुद्ध घी का दीपक जलाएं। परिक्रमा करें और मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करें। तुलसी को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है, इसलिए यह उपाय सुख-समृद्धि के लिए शुभ है।
  2. राहु-केतु शांति के उपाय: शाम को शिव मंदिर में रुद्राक्ष की माला अर्पित करें और उसी माला से शिव मंत्र का 108 बार जाप करें। जाप के बाद माला धारण करें। इससे राहु-केतु के अशुभ प्रभाव कम होते हैं।
  3. दान-पुण्य: स्नान और पूजा के बाद अपनी क्षमता अनुसार गरीबों को अन्न, वस्त्र, काले तिल और गुड़ का दान करें। विशेष दान में गौ दान (मोक्ष के लिए), भूमि दान (आर्थिक समृद्धि के लिए), स्वर्ण दान (रोग-कर्ज मुक्ति के लिए) और घी का दान (पारिवारिक सुख के लिए) उत्तम माने जाते हैं।
  4. दीपक जलाना: शाम के समय घर की दक्षिण दिशा में पितरों के निमित्त तेल का दीपक जलाएं। साथ ही पीपल और तुलसी के पास भी दीपक प्रज्वलित करें। इससे पितरों की कृपा बनी रहती है।

ये उपाय धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं और श्रद्धा से किए जाने पर लाभकारी माने जाते हैं। मौनी अमावस्या पर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान और मौन व्रत का पालन विशेष रूप से फलदायी होता है।

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