HomeStateRajasthanराजस्थान में OBC सर्वेक्षण के लिए शुरू होगा सर्वे, घर-घर जाकर कर्मचारी...

राजस्थान में OBC सर्वेक्षण के लिए शुरू होगा सर्वे, घर-घर जाकर कर्मचारी करेगी गिनती

राजस्थान ओबीसी आयोग ने पंचायती राज और स्थानीय निकाय चुनावों में आरक्षण तय करने के लिए 10 से 23 जुलाई तक राज्यव्यापी घर-घर सर्वे शुरू किया है। इस डिजिटल सर्वे के बाद ही चुनाव कार्यक्रम घोषित होगा।

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

नई दिल्ली। राजस्थान ओबीसी आयोग आगामी पंचायती राज और शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए आरक्षण की आवश्यकताओं का आकलन करने के लिए शुक्रवार से अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) परिवारों का राज्यव्यापी घर-घर सर्वेक्षण शुरू करेगा।

यह सर्वेक्षण 23 जुलाई तक जारी रहने वाला है, जिसके बाद आयोग अपने निष्कर्षों को एकत्रित करेगा और राज्य सरकार को एक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।

राज्य चुनाव आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा आयोग की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही किए जाने की उम्मीद है, क्योंकि चुनाव कराने से पहले ओबीसी आरक्षण कोटा को अंतिम रूप देना आवश्यक है।

ओबीसी आयोग ने राज्य सरकार को चेतावनी दी है कि सरकारी कर्मचारियों से संबंधित चल रही तबादलों की प्रक्रिया कामों को बाधित कर सकती है और रिपोर्ट जमा करने में देरी हो सकती है।

मुख्य सचिव को लिखे पत्र में आयोग ने उल्लेख किया कि राज्य ने शुक्रवार तक तबादलों की अनुमति दी है और सर्वेक्षण कार्यों के लिए नियुक्त कर्मचारियों सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों का तबादला किया जा रहा है।

आयोग ने चेतावनी दी कि यदि इस कार्य में शामिल जनगणनाकर्मियों और अन्य कर्मियों का तबादला कर उन्हें उनके वर्तमान पदों से मुक्त कर दिया जाता है, तो सर्वेक्षण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिसके परिणामस्वरूप रिपोर्ट को पूरा करने में देरी हो सकती है।

सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, आयोग को पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों के लिए ओबीसी आरक्षण पर सिफारिशें तैयार करने का कार्य सौंपा गया है।

आयोग से अगस्त के दूसरे सप्ताह तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने की उम्मीद है। रिपोर्ट मिलने के बाद, राज्य चुनाव आयोग अगस्त के अंत या सितंबर तक चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है और पंचायती राज एवं शहरी स्थानीय निकाय चुनाव नवंबर तक संपन्न होने की संभावना है।

राजस्थान उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को 31 जुलाई तक पंचायती राज और शहरी स्थानीय निकाय चुनाव कराने का निर्देश दिया था। हालांकि, अब इस समय सीमा का पालन करना मुश्किल लग रहा है, क्योंकि सरकार का कहना है कि आयोग की रिपोर्ट के माध्यम से ओबीसी आरक्षण तय होने तक चुनाव नहीं कराए जा सकते।

Rajdharaa Survey 2026: जानिए कैसे और क्यों हो रहा है यह डिजिटल सर्वे?

राजस्थान के स्थानीय चुनावों से पहले इस बड़े सर्वे से जुड़े 4 सबसे अहम फैक्ट्स:

  1. पूरी तरह डिजिटल मोड: यह सर्वेक्षण कागज पर नहीं बल्कि विशेष रूप से विकसित किए गए ‘Rajdharaa Survey Mobile App’ के जरिए पूरी तरह ऑनलाइन और डिजिटल मोड में किया जा रहा है।

  2. 51,168 प्रगणक तैनात: राज्य भर में डाटा कलेक्ट करने के लिए 51 हजार से अधिक प्रगणकों (Enumerators) और नोडल अधिकारियों को घर-घर जाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

  3. सुप्रीम कोर्ट का ‘ट्रिपल टेस्ट’: यह सर्वे सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत ओबीसी समुदायों के सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय पिछड़ेपन का सटीक वैज्ञानिक डेटा जुटाने के लिए किया जा रहा है।

  4. तबादलों पर आपित्त: आयोग ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर मांग की है कि सर्वे में लगे कर्मचारियों का ट्रांसफर 23 जुलाई तक रोका जाए, ताकि अगस्त के दूसरे सप्ताह तक सरकार को फाइनल रिपोर्ट सौंपी जा सके।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Women Express पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related News

Delhi epaper

Prayagraj epaper

Kurukshetra epaper

Ujjain epaper

Latest News