लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में बयानबाजी का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। सुभासपा प्रमुख और योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर (Om Prakash Rajbhar) ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के करीबी लोग उनसे मिलने और फोटो खिंचवाने के नाम पर कार्यकर्ताओं से पैसे वसूल रहे हैं।
ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया कि फोटो के बदले कार्यकर्ताओं से पैसे वसूले जाने की शिकायत उनसे खुद सपा के कार्यकर्ताओं ने की है। राजभर ने चेतावनी दी कि अगर यह व्यवस्था बंद नहीं हुई तो पार्टी को इसका भारी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
राजभर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ में लिखा, “मित्र अखिलेश जी, आपके कुछ कार्यकर्ता अपने किसी काम से हमारे पास आए। जाति से आपके वाले ही हैं। आपसे बहुत प्रभावित भी हैं। कहते हैं बस भैया की सरकार आ जाए तो ‘आ हा हा, मौज आ जाएगी’। बस उन्होंने हमसे आपकी एक शिकायत की। ये शिकायत वो आपके यहां कर नहीं सकते तो मुझसे बताने लगे। मैंने सोचा आप मित्र हैं तो आपको बता देनी चाहिए।”
मित्र अखिलेश जी, आपके कुछ कार्यकर्ता अपने किसी काम से हमारे पास आए। जाति से आपके वाले ही हैं। आपसे बहुत प्रभावित भी हैं। कहते हैं बस भैया की सरकार आ जाये तो ‘आ हा हा, मौज आ जाएगी’। बस उन्होंने हमसे आपकी एक शिकायत की। ये शिकायत वो आपके यहां कर नहीं सकते तो बात बात में मुझसे बताने…
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) July 10, 2026
उन्होंने आगे लिखा, “आपके यादव कार्यकर्ता मुझसे कहने लगे कि भैया (अखिलेश यादव) से मिलने जाने पर उनके घेरे के लोग हमसे वसूली करते हैं। कहते हैं कि भैया से फोटो खिंचवाने का 5000 रुपए, हाथ मिलवाने का 8000-10,000 रुपए तक और मिलवाने का तो हिसाब किताब ही नहीं है।”
मंत्री ने कहा कि अब मुझे समझ नहीं आया कि धरतीपुत्र के पुत्र यानी आपको ऐसी क्या जरूरत पड़ गई कि अपने धरती पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं से वसूली कर रहे हैं। वो भी आपकी अपनी बिरादरी वालों से। अगर यादव कार्यकर्ता का ये हाल है तो बाकियों का कितना रेट लग रहा आपके यहां?
राजभर ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “सुना है कि आपकी संपत्ति में 900 गुना बढ़ोतरी हुई। फिर ये ‘एक्स्ट्रा इनकम’ का जुगाड़ क्यों? आप कार्यकर्ताओं के खून पसीने की कमाई को क्यों चूस रहे हैं? अगर आप खुद ये वसूली करवा रहे तो क्या ही कहें, लेकिन अगर आपके घेरे वाले ये कर रहे हैं तो कुछ कीजिए। हार तो आप वैसे ही रहे हैं, ये सब बंटाधार करा देंगे।”
उन्होंने कहा, “आप सोच रहे होंगे कि कार्यकर्ता आपके, वसूली आपकी, घेरा आपका तो उसमें हम क्यों बीच में आ गए। दो वजह से हमें आना पड़ा। एक तो आप हमें भले दुश्मन समझें लेकिन हम आपको अपना मित्र मानते हैं। दूसरा आपके प्रशंसक, आपके कार्यकर्ता अपना दर्द मुझसे कहते हुए बोले कि मंत्री जी, आप इसको कह दीजिए तो शायद हमारा भला हो जाए। आप बोलेंगे तो अखिलेश भइया जरूर सुनेंगे और समझेंगे। कार्यकर्ता बेचारे गरीब थे तो सोचा आप तक बात पहुंचा दूं।”
ओमप्रकाश राजभर ने लिखा, “मित्र के रूप में आपको समझा रहा हूं। अपनी मीटिंग का सौदा बंद करवाइए मित्र, वरना बहुत महंगा पड़ सकता है।”
उन्होंने कहा कि गेट पर रेट का काउंटर बंद कीजिए। 20 रुपए चंदा मांग कर कार्यकर्ता को मूर्ख मत बनाइए। बाकी ये सिस्टम चालू रखना या बंद कराना आपका काम है। बंद करा देंगे तो अगले साल हमें अच्छा विपक्ष मिलेगा। यही चलता रहा तो हो सकता है अगले साल नेता प्रतिपक्ष बनाने भर की सीट ना आए। जनता तो हराएगी ही, खुद यही प्रताड़ित शोषित कार्यकर्ता ही आपको हरा देंगे।
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