HomeNationalलेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे होंगे अगले थलसेना प्रमुख

लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे होंगे अगले थलसेना प्रमुख

नयी दिल्ली /अदिति सिंह । लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे थल सेना के 29वें प्रमुख होंगे और वह जनरल एम. एम. नरवणे का स्थान लेंगे जिनका कार्यकाल इस महीने के अंत में पूरा हो रहा है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। लेफ्टिनेंट जनरल पांडे अभी थल सेना के उप-प्रमुख हैं। वह कोर ऑफ इंजीनियर […]

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नयी दिल्ली /अदिति सिंह । लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे थल सेना के 29वें प्रमुख होंगे और वह जनरल एम. एम. नरवणे का स्थान लेंगे जिनका कार्यकाल इस महीने के अंत में पूरा हो रहा है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। लेफ्टिनेंट जनरल पांडे अभी थल सेना के उप-प्रमुख हैं। वह कोर ऑफ इंजीनियर के पहले कमांडर हैं जो थल सेना का प्रमुख होंगे। इससे पहले पैदल सेना, तोपखाना और बख्तरबंद रेजिमेंट के अधिकारी ही 13 लाख र्किमयों वाली थल सेना के प्रमुख होते रहे हैं। एक फरवरी को थल सेना का उप-प्रमुख बनने से पहले वह थल सेना की पूर्वी कमान का नेतृत्व कर रहे थे। इस कमान पर सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा की रक्षा की जिम्मेदारी है।

—जनरल एम. एम. नरवणे का स्थान लेंगे मनोज पांडे
—लेफ्टिनेंट जनरल पांडे अभी थल सेना के उप-प्रमुख हैं
— राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र हैं पांडे
—दिसंबर 1982 में कोर ऑफ इंजीनियर्स में नियुक्त किया गया

जनरल नरवणे का कार्यकाल 30 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की नियुक्ति संबंधी समिति ने लेफ्टिनेंट जनरल पांडे को अगला थल सेना प्रमुख नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। लेफ्टिनेंट जनरल पांडे अंडमान निकोबार कमान के प्रमुख के तौर पर भी काम कर चुके हैं। अंडमान निकोबार कमान भारत में तीनों सेनाओं की एकमात्र कमान है। थल सेना ने ट््वीट किया, थल सेना के प्रमुख जनरल एम. एम. नरवणे और सभी कर्मी लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे को भारतीय थल सेना का 29वां प्रमुख नियुक्त किए जाने पर बधाई देते हैं। लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे एक मई 2022 को थल सेना के प्रमुख का कार्यभार ग्रहण करेंगे। पांडे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र हैं और उन्हें दिसंबर 1982 में कोर ऑफ इंजीनियर्स (बॉम्बे सैपर्स) में नियुक्त किया गया था। उन्होंने अपने बेहतरीन करियर में कई अहम पदों पर काम किया और विभिन्न इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियानों में भाग लिया। उन्होंने जम्मू कश्मीर में ऑपरेशन पराक्रम के दौरान नियंत्रण रेखा के पास एक इंजीनियर रेजिमेंट की कमान संभाली। इसके अलावा उन्होंने पश्चिमी लद्दाख के ऊंचाई वाले इलाकों में एक पर्वतीय डिवीजन और पूर्वोत्तर में एक कोर की भी कमान संभाली। उन्होंने इथोपिया और इरिट्रिया में संयुक्त राष्ट्र मिशन में मुख्य इंजीनियर के रूप में भी कार्य किया है। वह जून 2020 से मई 2021 तक अंडमान निकोबार कमांड के कमांडर-इन-चीफ थे। उनकी शानदार सेवा के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक, विशिष्ट सेवा पदक, थल सेना प्रमुख से प्रशस्ति पत्र आदि से सम्मानित किया जा चुका है।

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एक संयोग यह भी

इस बीच संयोग की बात यह है कि नए सेना प्रमुख की नियुक्ति के बाद भारतीय सशस्त्र बलों के तीनों सेना प्रमुख खडकवासला में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के 61वें बैच से होंगे। रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, नौसेना प्रमुख एडमिरल हरि कुमार और एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी भी उसी एनडीए कोर्स से हैं। लेफ्टिनेंट जनरल पांडे जहां लीमा स्क्वाड्रन से हैं, वहीं दो अन्य प्रमुख एनडीए के जूलियट स्क्वाड्रन से हैं। अधिकारियों ने कहा कि तीनों प्रमुखों के साथ होने से तीनों सेवाओं के बीच संयुक्तता को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी और यह बहुत महत्वपूर्ण होगा जब तीनों सेवाएं एकीकृत थिएटर कमांड के निर्माण की दिशा में काम कर रही हों।

 

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