HomeStateDelhiडॉ. हरमीत सिंह की नई किताब "सिख धर्म के सुनहरे पन्ने", का...

डॉ. हरमीत सिंह की नई किताब “सिख धर्म के सुनहरे पन्ने”, का दिल्ली में विमोचन

अकाली बाबा फूला सिंह एजुकेशनल सोसाइटी ने खालसा कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. हरमीत सिंह द्वारा लिखित किताब "सिख धर्म के सुनहरे पन्ने" का विमोचन किया। चेम्सफोर्ड क्लब में आयोजित इस कार्यक्रम में दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

नई दिल्ली। अकाली बाबा फूला सिंह एजुकेशनल सोसाइटी ने खालसा कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. हरमीत सिंह द्वारा लिखित किताब “सिख धर्म के सुनहरे पन्ने” का विमोचन किया। चेम्सफोर्ड क्लब में आयोजित इस कार्यक्रम में दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मनजीत सिंह जी.के., पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के पूर्व वाइस चांसलर डॉ. जसपाल सिंह, पूर्व सांसद जनार्दन द्विवेदी, सोसाइटी के प्रेसिडेंट गगनप्रीत सिंह और सेक्रेटरी अपिंदर सिंह ने किताब को रिलीज किया।

किताब विमोचन समारोह

कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियों ने हिस्सा लिया। वक्ताओं ने डॉ. हरमीत सिंह के शिक्षा और धार्मिक क्षेत्र में योगदान को याद किया। किताब में सिख गुरुओं और सिख इतिहास को सरल और संक्षिप्त तरीके से बताया गया है। खास बात यह है कि इसमें पंजाबी, हिंदी और अंग्रेजी अनुवाद एक साथ दिए गए हैं।

प्रमुख अतिथियों के विचार

मनजीत सिंह जी.के. ने डॉ. हरमीत सिंह को बधाई देते हुए उनके और अपने पिता जत्थेदार संतोख सिंह के बीच के रिश्ते का जिक्र किया। उन्होंने पुराने मोर्चों के दौरान हुई गिरफ्तारी की भी बात की।

डॉ. जसपाल सिंह ने कहा कि किताब का कंटेंट बहुत उपयोगी है क्योंकि इसमें गुरुओं का इतिहास आसान भाषा में दिया गया है।

जनार्दन द्विवेदी ने खालसा कॉलेज में डॉ. हरमीत सिंह की गिरफ्तारी के समय प्रोफेसरों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन को याद किया।

कुलमोहन सिंह ने बताया कि 25 साल की उम्र में पंथक चुनावी राजनीति में आने का श्रेय उन्होंने जत्थेदार संतोख सिंह और डॉ. हरमीत सिंह की जोड़ी को दिया।

डॉ. हरिंदर पाल सिंह ने किताब की भाषा शैली और कंटेंट की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह किताब सिख इतिहास समझने वाले नए लोगों के लिए बहुत उपयोगी साबित होगी।

कार्यक्रम की विशेषताएं

इस मौके पर खालसा कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर प्रोफेसर हरमिंदर सिंह, पंजाब एंड सिंध बैंक के रिटायर्ड अधिकारी कुलबीर सिंह और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। मंच का संचालन डॉ. परमिंदर पाल सिंह ने किया।

किताब “सिख धर्म के सुनहरे पन्ने” सिख धर्म और इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए एक अच्छा संग्रह मानी जा रही है। इसमें महत्वपूर्ण घटनाओं को ध्यान से संकलित किया गया है।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Women Express पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related News

Delhi epaper

Prayagraj epaper

Kurukshetra epaper

Ujjain epaper

Latest News