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Tuesday, October 4, 2022

मोदी मंत्रिमंडल का पुर्नगठन, 15 कैबिनेट और 28 राज्यमंत्रियों ने ली शपथ

-अच्छा रिजल्ट देने वाले 7 राज्यमंत्रियों का हुआ प्रमोशन, बने कैबिनेट मंत्री
-7 महिलाएं भी बनी मंत्री, एनडीए के 3 घटक दलों से एक-एक मंत्री शामिल
-राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दिलाई कुल 43 सदस्यों को मंत्रिपद की शपथ
— मोदी मंत्रिमंडल में अब मंत्रियों की संख्या 77 हो गई है
–आठ नए चेहरों को भी कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया
–मंत्री की शपथ लेने वाले 2 नेता किसी भी सदन के सदस्य नहीं
–मंत्रिमंडल में नेताओं की बजाय विषय विशेषज्ञों को दी गई तरजीह

(खुशबू पाण्डेय)
नई दिल्ली/ टीम डिजिटल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल के पहले और बहुप्रतिक्षीत विस्तार एवं पुर्नगठन बुधवार की शाम हो गया। मंत्रिमंडल में मोदी सरकार का आमूल-चूल परिवर्तन किया गया है। कुल 15 कैबिनेट और 28 राज्यमंत्रियों ने शपथ ली है। इसमें 7 महिलाएं भी शामिल हैं। अब मोदी मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या 77 हो गई है। राष्ट्रपति भवन में करीब डेढ़ घंटे तक चले शपथ ग्रहण समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोङ्क्षवद ने मंत्रिपरिषद में शामिल किए गए सभी 43 सदस्यों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसमें 36 नए चेहरों को शामिल किया गया है, जबकि 7 वर्तमान राज्यमंत्रियों को पदोन्नत कर मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। जबकि छह कैबिनेट मंत्रियों , एक राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार तथा पांच राज्य मंत्रियों की छुट्टी की गयी है। आठ नए चेहरों को भी कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया।

एनडीए के सहयोगी दल जनता दल यूनाइटेड, अपना दल और लोकजन शक्ति पार्टी से अलग हुए गुट से एक- एक मंत्री ने शपथ ली। मंत्रिपरिषद विस्तार में शपथ लेने वाले 43 मंत्रियों में 30 लोकसभा और 11 राज्यसभा के सदस्य हैं। इसके साथ ही, असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल और भाजपा की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष एल मुरुगन दो ऐसे मंत्री हैं जो फिलहाल संसद के किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। सोनोवाल फिलहाल असम विधानसभा सदस्य हैं। मंत्रिमंडल में चुनावी राज्यों, जातिगत और क्षेत्रीय समीकरण का पूरा ख्याल रखा गाय है। नये मंत्रिमंडल में नेताओं से ज्यादा विषय विशेषज्ञों (डाक्टर, इंजीनियर, वकील, प्रोफेसर आदि) को तरजीह दी गई है।
समारोह में उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल, स्मृति ईरानी, निवर्तमान मंत्री रविशंकर प्रसाद एवं प्रकाश जावड़ेकर और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर मौजूद थे।
बता दें कि प्रधानमंत्री के रूप में मई 2019 में 57 मंत्रियों के साथ अपना दूसरा कार्यकाल आरंभ करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फेरबदल व विस्तार किया है। संविधान के मुताबिक मंत्रिपरिषद में सदस्यों की अधिकतम संख्या 81 हो सकती है। आज जो 43 सदस्य शपथ लेने वाले मंत्रियों में 36 नये चेहरे हैं। इस प्रकार से नये पुनर्गठित मंत्रिपरिषद में सदस्यों की कुल संख्या 77 हो गयी है।

कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली

कैबिनेट मंत्री के रूप में सबसे पहले महाराष्ट्र के दिग्गज नेता नारायण राणे, असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल, मध्य प्रदेश से 7 बार के सांसद वीरेन्द्र कुमार, ज्योतिरादित्य सिंधिया, रामचंद्र प्रसाद सिंह, अश्विनी वैष्णव, पशुपति कुमार पारस, किरेन रिजीजू, राजकुमार सिंह, हरदीप सिंह पुरी, मनसुख मांडविया, भूपेन्द्र यादव, परषोत्तम रूपाला, जी किशन रेड्डी और अनुराग सिंह ठाकुर ने शपथ ली। इसमें से किरेन रिजीजू, राजकुमार सिंह, हरदीप सिंह पुरी, मनसुख मंडाविया, परषोत्तम रूपाला, जी किशन रेड्डी और अनुराग सिंह ठाकुर निवर्तमान मंत्रिपरिषद में राज्य मंत्री थे। कैबिनेट मंत्रियों में नारायण राणे, भूपेन्द्र यादव, वीरेन्द्र कुमार, रामचंद्र प्रसाद सिंह, अश्विनी वैश्वणव और पशुपति कुमार पारस नये हैं।

राज्यमंत्री के रूप में 28 सांसदों ने ली शपथ

राज्य मंत्री के रूप में शपथ लेने वालों में पंकज चौधरी, सुश्री अनुप्रिया पटेल, डॉ. सत्यपाल सिंह बघेल, राजीव चंद्रशेखर, सुश्री शोभा करंदलाजे, भानुप्रताप सिंह वर्मा, सुश्री दर्शना विक्रम जरदोश, सुश्री मीनाक्षी लेखी, सुश्री अन्नपूर्णा देवी, ए. नारायणस्वामी, कौशल किशोर, अजय भट्ट, बी, एल वर्मा, अजय कुमार, देवूसिंह चौहान, भगवंत खूबा, कपिल मोरेश्वर पाटिल, सुश्री प्रतिमा भौमिक, डॉ. सुभाष सरकार, डॉ. भगवत किशन राव कराड, डॉ. राजकुमार रंजन सिंह, डॉ. भारती प्रवीण पवार, बिश्वेसर टूडू, शांतनु ठाकुर, डॉ. महेन्द्र भाई मुंजापारा, जॉन बारला, डॉ. एल मुरुगन और निशीथ प्रमाणिक शामिल हैं।

भाजपा संगठन से दिग्गजों की हुई सरकार में एंट्री

मोदी सरकार के बहुप्रतिक्षित मंत्रिमंडल विस्तार में भारतीय जनता पार्टी संगठन के दिग्गज रणनीतिकार भूपेंद्र यादव की सरकार में एंट्री हुई है। भूपेंद्र राज्यसभा सांसद हैं और गृहमंत्री अमित शाह के बेहद करीबी भी माने जाते हैं। वह वर्तमान में भाजपा के राष्ष्ट्रीय महासचिव भी हैं। इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी का लोकप्रिय चेहरा और लंबे समय से राष्ट्रीय प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी को केंद्रीय मंत्रिपरिषद में जगह मिली है। वह अपने राजनीतिक विरोधियों का मुकाबला करते हुए लंबे वक्त से पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों की वकालत करती रहीं और इसी काबिलियत उनकी एंट्री हुई है। वह नई दिल्ली लोकसभा सीट से सांसद हैं। भागवत कराड़ भाजपा के महराष्ट्र ईकाई के संगठन से जुड़े रहे और 2020 में उन्हें राज्यसभा भेजा गया था।

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