NDMA Alert Message: शनिवार 2 मई 2026 को दोपहर करीब 11:42 बजे देशभर के ज्यादातर स्मार्टफोन अचानक बज उठे। फोन पर तेज सायरन जैसी आवाज के साथ एक सरकारी मैसेज फ्लैश हुआ। कई लोग हैरान रह गए, लेकिन यह कोई खतरे की सूचना नहीं थी। यह भारत सरकार द्वारा मोबाइल-बेस्ड डिजास्टर अलर्ट सिस्टम की टेस्टिंग थी, ताकि आपदा के समय लोगों तक तुरंत जानकारी पहुंचाई जा सके।
क्या हुआ ठीक-ठीक?
देश के विभिन्न राज्यों में लोगों के फोन पर एक साथ सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट आया। मैसेज हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में था। इसमें लिखा था कि भारत सरकार ने स्वदेशी तकनीक से सेल ब्रॉडकास्ट सर्विस शुरू की है। यह टेस्ट मैसेज था, इसलिए किसी को कोई कार्रवाई करने की जरूरत नहीं थी। यह टेस्टिंग केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुई। संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी इस मौके पर मौजूद थे।
अलर्ट मैसेज का पूरा टेक्स्ट
मैसेज में लिखा था:
“भारत ने अपने नागरिकों के लिए तुरंत आपदा अलर्ट सर्विस के लिए स्वदेशी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके सेल ब्रॉडकास्ट लॉन्च किया है। सतर्क नागरिक, सुरक्षित देश। यह मैसेज मिलने के बाद जनता को कोई एक्शन लेने की जरूरत नहीं है। यह एक टेस्ट मैसेज है। भारत सरकार।”
यह मैसेज कई भारतीय भाषाओं में भी लोगों तक पहुंचा। NDMA (नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी) के तहत यह पूरी व्यवस्था चलाई जा रही है।
लॉन्च और टेस्टिंग का समय
यह टेस्टिंग 2 मई 2026 को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राहत आयुक्तों, आपदा प्रबंधन सचिवों, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, फायर सर्विस, सिविल डिफेंस और होम गार्ड्स के प्रमुखों के सालाना सम्मेलन के दौरान की गई। केंद्रीय गृह मंत्रालय और संचार मंत्रालय ने मिलकर यह कदम उठाया।
यह सिस्टम कैसे काम करता है?
सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक खास है। इसमें मैसेज सीधे मोबाइल टावर से सभी फोनों पर भेजा जाता है। इसमें नंबर डायल करने या इंटरनेट की जरूरत नहीं पड़ती। यह सिस्टम इजरायल में लंबे समय से इस्तेमाल हो रहा है, जहां मिसाइल या रॉकेट हमले की सूचना तुरंत लोगों को दी जाती है ताकि वे सुरक्षित जगह पर पहुंच सकें।
भारत में इसे SACHET नाम से भी जाना जाता है। दूरसंचार विभाग (DoT) और NDMA के साथ C-DOT (सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स) ने इस स्वदेशी सिस्टम को तैयार किया है। पहले से ही इस सिस्टम के जरिए प्राकृतिक आपदाओं, चक्रवात और मौसम चेतावनियों के लिए करोड़ों SMS भेजे जा चुके हैं। अब सेल ब्रॉडकास्ट के जरिए और तेजी से अलर्ट पहुंचाने की तैयारी है।
सरकार क्यों कर रही है यह टेस्टिंग?
आपदा के समय सही जानकारी समय पर पहुंचना बहुत जरूरी होता है। भूकंप, बाढ़, चक्रवात या कोई अन्य आपात स्थिति में लोगों को तुरंत सचेत किया जा सके, इसी उद्देश्य से सरकार ने इस सिस्टम को मजबूत किया है। फोन आज हर व्यक्ति के पास है, इसलिए यह सबसे तेज माध्यम है। टेस्टिंग से पता चलता है कि सिस्टम कितना प्रभावी है और कहां सुधार की जरूरत है।
उपयोगकर्ता इसे कैसे नियंत्रित कर सकते हैं?
अगर आपको ऐसे अलर्ट नहीं चाहिए तो आप इन्हें बंद कर सकते हैं। मोबाइल सेटिंग्स में जाएं → Safety & Emergency → Wireless Emergency Alerts → Test Alerts। यहां से आप टेस्ट अलर्ट को ऑन या ऑफ कर सकते हैं। ज्यादातर फोनों में यह विकल्प उपलब्ध है।
भारत के लिए महत्वपूर्ण कदम
यह स्वदेशी तकनीक आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक अच्छा कदम है। आपदा प्रबंधन को मजबूत करने से जान-माल की हानि को कम किया जा सकता है। सरकार का कहना है कि भविष्य में इस सिस्टम का इस्तेमाल विभिन्न प्रकार की आपदाओं में किया जाएगा।
टेस्टिंग के दौरान लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। यह सिर्फ सिस्टम की जांच थी। सरकार समय-समय पर ऐसे टेस्ट करती रहेगी ताकि असली आपदा में सिस्टम बिना किसी समस्या के काम करे।
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