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MP के OBC छात्रों की दिल्ली में पढ़ाई हुई आसान, दिल्ली छात्रगृह योजना का बढ़ा दायरा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट ने 2005 से चल रही इस योजना में संशोधन को मंजूरी दी है। अब दिल्ली के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे मध्य प्रदेश के ओबीसी विद्यार्थियों को मासिक सहायता राशि 1,550 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दी गई है।

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भोपाल/अदिति सिंह: मध्य प्रदेश सरकार ने ओबीसी वर्ग के छात्रों के लिए दिल्ली छात्रगृह योजना में बड़ा बदलाव किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट ने 2005 से चल रही इस योजना में संशोधन को मंजूरी दी है। अब दिल्ली के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे मध्य प्रदेश के ओबीसी विद्यार्थियों को मासिक सहायता राशि 1,550 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दी गई है। साथ ही लाभार्थियों की संख्या भी दोगुनी कर दी गई है। इस फैसले से छात्रों को आवास और भोजन की बेहतर व्यवस्था मिल सकेगी और वे बिना आर्थिक चिंता के अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे सकेंगे।

ओबीसी छात्रों के कल्याण के लिए ऐतिहासिक कदम

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी छात्रों के शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए लगातार काम हो रहा है। दिल्ली छात्रगृह योजना के तहत अब छात्रों को सालाना 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता मिलेगी। पहले यह राशि काफी कम थी। राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि सहायता राशि में करीब 6.5 गुना की बढ़ोतरी हुई है। यह बदलाव ओबीसी वर्ग के युवाओं को बेहतर अवसर देने की दिशा में एक ठोस प्रयास है।

सरकार ने योजना का दायरा भी बढ़ाया है। पहले हर साल अधिकतम 50 छात्रों को ही लाभ मिलता था। अब हर वर्ष 100 नए विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा, जिनमें 50 स्नातक और 50 स्नातकोत्तर स्तर के छात्र होंगे। पुराने छात्रों को भी अपने बचे हुए कोर्स की अवधि तक बढ़ी हुई राशि का फायदा मिलेगा।

योजना का लाभ किसे और कैसे मिलेगा

इस योजना का लाभ लेने के लिए विद्यार्थियों को पिछड़ा वर्ग मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति की पात्रता होनी चाहिए। उनके माता-पिता या अभिभावक की वार्षिक आय संबंधित नियमों के अनुसार तय सीमा के अंदर होनी चाहिए। योजना में नए छात्रों के अलावा पहले से दिल्ली में पढ़ रहे छात्रों को भी नवीनीकरण का लाभ दिया जाएगा।

2026-27 में नए और पुराने कुल 150 विद्यार्थियों पर 1.80 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। जब योजना पूरी तरह लागू हो जाएगी, यानी चौथे वर्ष में कुल 300 छात्रों पर सालाना 3.60 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

राज्यमंत्री कृष्णा गौर का बयान

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने इस फैसले पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि पहले से पढ़ रहे छात्रों को भी शेष कोर्स तक नई राशि मिलेगी। यह निर्णय ओबीसी छात्र-छात्राओं के सपनों को नई उड़ान देगा और उन्हें आर्थिक बोझ से मुक्त कर उज्ज्वल भविष्य बनाने में मदद करेगा।

सरकार का मानना है कि दिल्ली जैसे शहर में उच्च शिक्षा लेना महंगा पड़ता है। बढ़ी हुई सहायता से छात्र बेहतर तरीके से पढ़ाई और रहन-सहन का प्रबंधन कर सकेंगे। यह कदम ओबीसी वर्ग को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने और समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

मध्य प्रदेश सरकार शिक्षा क्षेत्र में लगातार निवेश कर रही है। दिल्ली छात्रगृह योजना का यह संशोधन ओबीसी विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा। छात्र अब दिल्ली के अच्छे संस्थानों में बिना ज्यादा आर्थिक परेशानी के अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे।

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