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Wednesday, March 3, 2021

गुरुद्वारा कमेटी नहीं सुनी तो गुरमीत शंटी ने बदल लिया रास्ता

–गुरमीत सिंह शंटी शिरोमणि अकाली दल (दिल्ली) में हुए शामिल, की घर वापसी
–सरना बंधुओं ने दिलाई पार्टी की सदस्यता, भरी हुंकार
— पंथक पार्टी नहीं, कारपोरेट डीलर बन चुकी अकाली दल बादल:शंटी

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल : दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व महासचिव एवं वर्तमान सदस्य गुरमीत सिंह शंटी रविवार को शिरोमणि अकाली दल (दिल्ली) में दल बल के साथ शामिल हो गए। पार्टी के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने शंटी को पटका पहनाकर स्वागत किया और पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई। गुरमीत सिंह दिल्ली कमेटी में भ्रष्टाचार और गलत प्रबंधन के चलते अकाली दल बादल से नाराज चल रहे थे। शुरू में उन्होंने कमेटी अध्यक्ष मनजिंदर सिंह को सचेत भी किया, लेकिन कमेटी प्रबंधन ने अपना रवैया नहीं बदला। आखिर कार शंटी ने ही अपना रास्ता बदल दिया। शंटी पिछले साल दिल्ली कमेटी में व्याप्त भष्टाचार के मुद्दे पर तत्कालीन कमेटी अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके को कुर्सी से उतरवाया था। उन्होंने लगातार कई घोटाले उजागर किए थे।
अपनी नई पारी की शुरुआत करने वाले सरदार शंटी ने दावा किया कि बादल पार्टी के साथ रहने पर घुटन हो रही थी। अकाली दल बादल आज पंथक पार्टी नहीं रही, बल्कि महज एक कारपोरेट डीलर बन कर रह चुकी है। उनका कौम की सेवा जमीनी वास्तविकता से कोई लेना देना नहीं है।
गुरमीत सिंह शंटी ने आरोप लगाते हुए कहा कि अकाली दल बादल अब गुरु ग्रंथ साहिब या गुरु पंथ को समर्पित नहीं है, उनका केवल एक एजेंडा है वह अपनी जेबे भरना। शंटी ने कहा कि वह पहले ही सरदार परमजीत सिंह सरना के साथ काम कर चुके हैं। सरना बंधुओं की साफछवि के सामने बादल दूर-दूर तक नहीं दिखते।सरना के कार्यकाल में स्कूलों के शिक्षकों के वेतन को उनके खाते में हर महीने की 30 तारीख को जमा हो जाती थी। लेकिन, आज शिक्षकों को पिछले सात महीनों से वेतन नहीं मिला है।

दूर के ढोल सुहावने होते हैं : गुरमीत शंटी

दिल्ली कमेटी के पूर्व महासचिव कहा कि दूर के ढोल सुहावने होते हैं, लेकिन जब आप अंदर से देखते है तब आपको आश्चर्य होता है। बादल गुट के सिरसा,कालका यह सब संगत को गुमराह कर रहे हैं। वहां जाकर मुझे अहसाह हुआ कि सरना दल के समय रिकार्ड कितना अच्छा था और सब कुछ कितना दुरुस्त था। समय की मांग और आत्मा की आवाज सुनते हुए ईमानदारी के साथ आगे बढऩे का निश्चय लिया। ऐसी पार्टी जो सिर्फ पंथ के लिए खड़ी हो और मुझे शिअदद से बेहतर कोई नहीं लगा।

शंटी की घर वापसी से मजबूत होगी पार्टी : सरना

इस मौके पर परमजीत सिंह सरना ने शंटी को सदस्यता दिलवाई। साथ ही कहा कि शंटी ईमानदार और जुझारू इंसान हैं। इन्होंने पहले भी अपने ईमानदारी और अपने काम से एक अलग छाप छोड़ी है। उनका शिअदद परिवार में आने से पार्टी मजबूत होगी। शंटी पार्टी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहयोग करेंगे।

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