नयी दिल्ली/ अदिति सिंह : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में 65.60 लाख रुपये की तीन अचल संपत्तियाँ ज़ब्त कर ली हैं।
ईडी के गुवाहाटी स्थित क्षेत्रीय कार्यालय ने शनिवार को बताया कि यह मामला पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) के उप मुख्डिय अभियंता हेम चंद्र बोराह और उनकी पत्नी गायत्री सैकिया से जुड़ा है। गायत्री सैकिया गुवाहाटी के भास्कर विद्यापीठ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में सरकारी शिक्षिका हैं।ईडी ने केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज की गयी प्राथमिकी के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जाँच शुरू की थी। सीबीआई ने भी इस मामले में आरोप पत्र दायर किया था।
—पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के उप मुख्डिय अभियंता हेम चंद्र बोराह और उनकी पत्नी गायत्री सैकिया से जुड़ा
सीबीआई के आरोप पत्र के विस्तृत विश्लेषण और पीएमएलए के तहत की गयी स्वतंत्र जाँचों पर आधारित ईडी की जाँच से पता चला कि एक अप्रैल, 2016 से 17 जनवरी, 2021 तक की जाँच अवधि के दौरान हेम चंद्र बोराह ने अपनी पत्नी गायत्री सैकिया के साथ मिलकर कथित तौर पर अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक, यानी 73.76 लाख रुपये की संपत्ति जमा की। यह राशि उक्त अवधि के दौरान उनके सभी ज्ञात वैध स्रोतों से हुई कुल आय का 86.88 प्रतिशत थी।
जाँच में पता चला कि आरोपियों ने अपराध से अर्जित धन को वैध बनाने के लिए एक सुनियोजित तरीका अपनाया था। उनके पास कुल सात बैंक खाते होने के बावजूद, हेम चंद्र बोराह और गायत्री सैकिया द्वारा एटीएम और यूपीआई के माध्यम से की गई कुल नकद निकासी केवल 1,36,894 रुपये थी।
वैध वेतन आय को बैंक खातों में सुरक्षित रखा
ईडी जाँच से यह साबित हुआ कि आरोपियों ने कथित तौर पर रिश्वत के रूप में मिली अवैध नकदी का इस्तेमाल अपने रोज़मर्रा के घरेलू खर्चों को पूरा करने के लिए किया, और इस तरह अपनी वैध वेतन आय को बैंक खातों में सुरक्षित रखा। बाद में, जमा हुए वेतन को चेक भुगतान के माध्यम से अचल संपत्तियाँ खरीदने और उन्हें ‘दागरहित’ संपत्ति के रूप में दिखाने के लिए इस्तेमाल किया गया। इस मामले में आगे की जाँच अभी जारी है।

