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दिल्ली में PM मोदी से मिले CM नायब सैनी, नई इंडस्ट्री पॉलिसी और गुरुग्राम के जलभराव पर हुई चर्चा

हरियाणा के CM नायब सैनी ने PM नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर ₹5 लाख करोड़ की इंडस्ट्रियल पॉलिसी और गुरुग्राम के स्पेशल ड्रेनेज प्लान की जानकारी दी।

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नई दिल्ली। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित सेवा तीर्थ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। बैठक के बाद हरियाणा भवन में मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ प्रदेश के विकास, नई औद्योगिक नीति, निवेश और कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दौरान उन्हें प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन भी मिला।

नई औद्योगिक नीति और निवेश की PM मोदी को दी जानकारी

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि हाल ही में लॉन्च की गई हरियाणा की नई औद्योगिक नीति और इसके साथ जारी की गई नौ सेक्टोरल पॉलिसियों के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जानकारी दी गई। नई औद्योगिक नीति के तहत अगले पांच वर्षों में प्रदेश में 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।

सैनी के मुताबिक, औद्योगिक नीति लॉन्च होने के दिन ही 1.10 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इनमें से करीब 25 हजार करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है। उन्होंने बताया कि जापान यात्रा के दौरान लगभग 4,500 करोड़ रुपये के एमओयू भी साइन किए गए थे। इनमें से करीब 2,500 करोड़ रुपये की परियोजनाएं जमीन पर आ चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को प्रदेश की एमएसएमई पॉलिसी की जानकारी भी दी। इसके अलावा इसी महीने मुंबई में प्रमुख उद्योगपतियों के साथ हुई बैठक के दौरान करीब 66 हजार करोड़ रुपये के एमओयू साइन किए जाने की जानकारी भी साझा की गई।

नायब सैनी ने बताया कि नारनौल के नांगल चौधरी में तैयार हो चुके इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक हब के प्रथम चरण के पूरा होने के बारे में भी प्रधानमंत्री को अवगत कराया गया। इसके साथ ही 27 अगस्त से शुरू हुए हरियाणा विधानसभा सत्र से जुड़ी जानकारी भी साझा की गई।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षाबंधन के अवसर पर हरियाणा की बहनों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भी प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की बधाई दी।

गुरुग्राम जलभराव पर सरकार का एक्शन प्लान

गुरुग्राम में जलभराव के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पिछले 12 वर्षों से शहर में सुधार के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन के कारण कम समय में अत्यधिक बारिश होने को भी एक चुनौती बताया।

मुख्यमंत्री के अनुसार, इस वर्ष गुरुग्राम में सामान्य से अधिक बारिश हुई है और यमुनानगर के बाद प्रदेश में सबसे ज्यादा वर्षा गुरुग्राम में हुई। 6, 7 और 8 अगस्त को करीब 230 मिलीमीटर बारिश हुई थी। इसके बावजूद जल निकासी व्यवस्था ने काम किया। वहीं 24 अगस्त को कम समय में हुई तेज बारिश के कारण कुछ इलाकों में जलभराव हुआ, लेकिन मुख्यमंत्री के मुताबिक व्यवस्था में सुधार के चलते करीब दो घंटे में स्थिति सामान्य हो गई।

सरकार ने जलभराव वाले क्षेत्रों के लिए कई उपाय किए हैं। पहली बार कैमरा आधारित निरीक्षण के जरिए नालों की डी-सिल्टिंग सुनिश्चित की गई है। चिन्हित 99 जलभराव बिंदुओं में से अधिकांश स्थानों पर वाटर हार्वेस्टिंग वेल लगाए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इनके जरिए करीब 13,000 मीट्रिक लीटर वर्षा जल का रिचार्ज हुआ है।

हीरो होंडा चौक पर जयपुर-दिल्ली हाईवे के पास नए नाले का निर्माण किया गया है। लैग-1, 2 और 3 से अतिक्रमण हटाकर सफाई कराई गई है, जबकि लैग-4 को चालू किया गया है। अरावली की तलहटी में चेक डैम बनाए गए हैं, ताकि पहाड़ी क्षेत्र से आने वाले पानी को नियंत्रित किया जा सके। इसके अलावा ग्रीन बेल्ट को सड़क से ऊपर की स्थिति से नीचे किया गया है, जिससे सड़क पर पानी आने की समस्या कम करने में मदद मिले।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 74 पुराने तालाबों और जल निकायों को भी व्यवस्थित किया गया है।

जापानी कंपनी करेगी सर्वे, IIT दिल्ली के साथ रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रोजेक्ट

नायब सैनी ने बताया कि गुरुग्राम के जल प्रबंधन को लेकर जापानी कंपनी निप्पॉन कोई के माध्यम से सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के बाद गुरुग्राम के निचले इलाकों से पानी को नूंह होते हुए यमुना तक पहुंचाने की योजना पर काम किया जाएगा।

इसके साथ ही आईआईटी दिल्ली के सहयोग से रेन वाटर हार्वेस्टिंग की नई परियोजना शुरू की गई है। इसके तहत भूजल रिचार्ज पर काम किया जा रहा है। अगले मानसून सत्र से पहले 100 ऐसे स्ट्रक्चर स्थापित करने का लक्ष्य है, जिनके माध्यम से मानसून के दौरान 25 से 30 करोड़ लीटर पानी भूजल में रिचार्ज किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि अगले मानसून सत्र तक गुरुग्राम में जलभराव की स्थिति में और बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

कांग्रेस के प्रदर्शन पर CM सैनी का हमला

विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस विधायकों के प्रदर्शन और वॉकआउट पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है और वह झूठ बोलकर जनता तथा सदन को गुमराह करना चाहती है।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जब सदन में तथ्यों के आधार पर चर्चा होती है तो विपक्ष सदन से बाहर चला जाता है और हंगामा करता है। उन्होंने 1984 के दंगों के विरोध में एक दलित-सिख विधायक द्वारा सदन में उठाई गई आवाज को दबाने के प्रयास पर भी आपत्ति जताई। सैनी ने कहा कि किसी की आवाज को इस तरह दबाना उचित नहीं है।

KEY POINTS:

  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर हरियाणा के विकास और निवेश से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
  • नई औद्योगिक नीति के तहत अगले पांच वर्षों में 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।
  • गुरुग्राम के 99 चिन्हित जलभराव बिंदुओं में से अधिकांश पर वाटर हार्वेस्टिंग वेल लगाए गए हैं।
  • जापानी कंपनी निप्पॉन कोई के जरिए गुरुग्राम के जल प्रबंधन को लेकर सर्वे कराया जा रहा है।
  • आईआईटी दिल्ली के सहयोग से 100 नए रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

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