गाजियाबाद। कमिश्नरेट पुलिस की मुस्तैदी और स्मार्ट पुलिसिंग के चलते गाजियाबाद में स्ट्रीट क्राइम, खासकर चेन स्नैचिंग की वारदातों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पुलिस कमिश्नर जे. रविन्दर गौड़ के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियानों के बाद पिछले दो वर्षों के मुकाबले वर्ष 2026 में स्नैचिंग की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगा है।
आंकड़ों की जुबानी: 2 साल में तेजी से घटा स्नैचिंग का ग्राफ
पुलिस कमिश्नर कार्यालय से जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, गाजियाबाद में स्ट्रीट क्राइम को रोकने के लिए पुलिस की लगातार गश्त और चेकिंग अभियान रंग ला रहे हैं।
यदि पिछले वर्षों के आंकड़ों से तुलना की जाए, तो:
- वर्ष 2024: स्नैचिंग की कुल 293 घटनाएं दर्ज हुई थीं।
- वर्ष 2025: यह आंकड़ा घटकर 245 पर आ गया।
- वर्ष 2026 (15 अगस्त तक): स्नैचिंग की मात्र 79 वारदातें सामने आई हैं।
अगर शहर के अलग-अलग जोन्स की बात करें, तो 15 अगस्त 2026 तक नगर जोन में 26, ट्रांस हिंडन जोन में 40 और ग्रामीण जोन में महज 13 स्नैचिंग की घटनाएं दर्ज की गई हैं।
बाहरी जिलों के 63 अपराधियों सहित कुल 91 गिरफ्तार
पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई के चलते जनवरी से 15 अगस्त 2026 के बीच स्नैचिंग के मामलों में कुल 91 अभियुक्तों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
इनमें से 28 अपराधी गाजियाबाद कमिश्नरेट क्षेत्र के रहने वाले हैं, जबकि 63 अपराधी गैर-जनपद यानी बाहरी जिलों से आकर अपराध को अंजाम देते थे। आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि स्नैचिंग की वारदातों में बाहरी अपराधियों का हाथ लगभग 69.23 प्रतिशत रहा है।
दूसरे जिलों से आकर वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों को रोकने के लिए कमिश्नरेट पुलिस ने विशेष प्लान तैयार किया है। शहर की सीमाओं और संवेदनशील बॉर्डर एरिया में रात के वक्त नाकाबंदी और सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। हर थाने से 25 प्रतिशत पुलिसकर्मियों की विशेष टीम गठित कर सीमाओं पर तैनात की गई है।
यक्ष ऐप (Yaksh App) से डिजिटल निगरानी: 99% अपराधियों की जियो-टैगिंग
गाजियाबाद पुलिस ने अपराधियों पर नकेल कसने के लिए आधुनिक तकनीक और यक्ष ऐप (Yaksh App) का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है।
अपराधियों का सत्यापन: यक्ष ऐप पर अब तक 33,978 (लगभग 99 प्रतिशत) अपराधियों का पूरा ब्योरा, फोटो और निवास स्थान जियो-टैग किया जा चुका है।
बीट और मोहल्लों की मैपिंग: कमिश्नरेट की कुल 2,132 बीटों के अंतर्गत 3,680 गलियों और मोहल्लों की जियो-टैगिंग पूरी हो चुकी है।
CCTV Surveillance: पुलिस ने अब तक 14,745 सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीडिंग ऐप से जोड़ी है, जिससे क्राइम कंट्रोल में काफी मदद मिल रही है।
कठोर वैधानिक कार्रवाई और सख्त हिदायत
पुलिस कमिश्नर जे. रविन्दर गौड़ ने सभी थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सड़क पर होने वाले अपराधों पर पूरी तरह नकेल कसने के लिए नियमित पैट्रोलिंग की जाए।
संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की लगातार चेकिंग के साथ-साथ पुराने अपराधियों के सत्यापन के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा-129बी, गुंडा एक्ट, जिला बदर और मुठभेड़ के बाद गिरफ्तारी जैसी सख्त कार्रवाई अमल में लाई है।
पुलिस कमिश्नर का कहना है कि आम जनता की सुरक्षा और अपराधों पर पूर्ण नियंत्रण गाजियाबाद पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और आने वाले दिनों में भी अपराधियों के खिलाफ यह कार्रवाई इसी प्रकार जारी रहेगी।
- गाजियाबाद में 15 अगस्त 2026 तक चेन स्नैचिंग की 79 घटनाएं दर्ज हुईं।
- वर्ष 2024 में 293 और वर्ष 2025 में 245 स्नैचिंग के मामले दर्ज हुए थे।
- जनवरी से 15 अगस्त के बीच ट्रांस हिंडन जोन में 40, नगर में 26 और ग्रामीण जोन में 13 मामले सामने आए।
- पुलिस के अनुसार स्नैचिंग मामलों में शामिल आरोपियों में गैर-जनपद के अपराधियों की हिस्सेदारी करीब 69.23 प्रतिशत है।
- यक्ष ऐप पर 33,978 अपराधियों का सत्यापन और 14,745 सीसीटीवी कैमरों की फीडिंग की जा चुकी है।
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