असम विधानसभा चुनाव 2026 (Assam Election Results 2026) के नतीजे 4 मई को घोषित हो गए हैं। भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अपनी जालुकबारी सीट पर भारी अंतर से जीत हासिल कर सत्ता में वापसी की राह आसान कर ली है। कांग्रेस को इस बार भी करारी हार मिली है।
असम चुनाव 2026: BJP की तीसरी जीत
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को मतदान हुआ था। मतगणना के बाद साफ हो गया कि एनडीए एक बार फिर सरकार बनाने जा रहा है। इस जीत को भाजपा की हैट्रिक कहा जा रहा है।
हिमंता बिस्वा सरमा ने जालुकबारी विधानसभा सीट पर शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बिदीशा नेओग को 89,434 वोटों के अंतर से हराया। सरमा को इस सीट पर 1,27,151 वोट मिले। यह जीत उनके लोकप्रियता और स्थानीय समर्थन को दिखाती है।
कांग्रेस को बड़ा झटका, गौरव गोगोई हारे
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गौरव गोगोई जोरहाट सीट से चुनाव हार गए। भाजपा के हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने उन्हें 2,03,182 वोटों से हराया। गौरव गोगोई को 4,06,257 वोट मिले, लेकिन यह पर्याप्त नहीं साबित हुआ। कांग्रेस के लिए यह चुनाव और चुनौतियां साबित हुआ।
पीएम मोदी का बयान: नया इतिहास रचा गया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम समेत अन्य राज्यों में भाजपा की जीत पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह दिन ऐतिहासिक है। पीएम मोदी ने भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत की तारीफ की और कहा कि उन्होंने कमल खिलाकर नया इतिहास रचा है। उन्होंने असम, बंगाल और अन्य राज्यों के लोगों को भी धन्यवाद दिया।
अमित शाह का धन्यवाद
गृह मंत्री अमित शाह ने असम की जनता को धन्यवाद दिया। सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा कि यह ऐतिहासिक हैट्रिक जनादेश है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की 10 साल की सरकार की नीतियों को असम की प्रगति से जोड़ा। शाह ने कहा कि यह समर्थन सुरक्षित और विकसित असम बनाने की दिशा में और मजबूती देगा।
राहुल गांधी की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव नतीजों पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि असम और बंगाल में चुनाव आयोग के सहयोग से भाजपा ने सीटें हासिल कीं। उन्होंने ममता बनर्जी से सहमति जताते हुए कहा कि बंगाल में 100 से ज्यादा सीटें प्रभावित हुईं। राहुल ने इसे पहले के कई चुनावों से जोड़ा।
चुनाव के प्रमुख मुद्दे
इस चुनाव में बांग्लादेशी घुसपैठ, NRC, CAA, बाढ़ समस्या, बेरोजगारी, चाय बागान मजदूरों की स्थिति और विकास जैसे मुद्दे मुख्य रहे। मतदान के दौरान भारी प्रतिशत दर्ज किया गया। दोनों पक्षों ने अपने पक्ष में माहौल होने का दावा किया था।
हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में एनडीए सरकार अब आगामी पांच सालों में इन मुद्दों पर काम करेगी। असम में स्थिर सरकार बनने से विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
यह चुनाव परिणाम असम की राजनीति में भाजपा की मजबूत पकड़ को दोहराते हैं। कांग्रेस को अपनी रणनीति पर फिर से विचार करने की जरूरत दिखती है।
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