नयी दिल्ली। केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की भर्ती प्रक्रिया की उच्च-स्तरीय समीक्षा की। बैठक में उन्होंने भर्ती को और अधिक पारदर्शी, सटीक तथा तेज बनाने पर जोर दिया। अब सभी विभागीय परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के जरिए आयोजित की जाएंगी और रेलवे टैबलेट आधारित टेस्टिंग का दायरा बढ़ाएगा। वित्त वर्ष 2025-26 में रेलवे ने 43,781 उम्मीदवारों को नौकरी दी है।
भर्ती प्रक्रिया में बड़े बदलाव
रेल मंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि भर्ती प्रक्रिया को और बेहतर बनाने के लिए टेक्नोलॉजी का ज्यादा इस्तेमाल किया जाएगा। इससे उम्मीदवारों को सही और समय पर जानकारी मिल सकेगी। सालाना भर्ती कैलेंडर के तहत निकाली गई वैकेंसी की जानकारी को युवाओं ने काफी पसंद किया है।
2025-26 में दी गई नौकरियां
भारतीय रेलवे ने इस वित्त वर्ष में छह प्रमुख श्रेणियों में 47,084 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया पूरी की और 43,781 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र दिए। इनमें असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) के 18,799 पद, टेक्नीशियन के 14,298 पद, पैरामेडिकल स्टाफ के 1,376 पद शामिल हैं। इसके अलावा सब-इंस्पेक्टर के 452, कॉन्स्टेबल के 4,208 और जूनियर इंजीनियर (JE)/DMS/CMA के 7,951 पद भरे गए।
तेज और पारदर्शी प्रक्रिया पर फोकस
श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे अब व्यवस्थित और टेक्नोलॉजी आधारित तरीके से भर्ती कर रहा है। इससे पहले के मुकाबले प्रक्रिया तेज हुई है। सभी परीक्षाएं अब CBT मोड में होंगी, जिससे पेपर लीक जैसी समस्याओं को कम किया जा सकेगा और चयन प्रक्रिया निष्पक्ष बनेगी। टैबलेट आधारित परीक्षण को और बढ़ावा दिया जाएगा ताकि दूर-दराज के क्षेत्रों के उम्मीदवार भी आसानी से परीक्षा दे सकें।
रेलवे की इस पहल से लाखों युवा लाभान्वित हो रहे हैं। पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के कारण उम्मीदवारों का विश्वास बढ़ा है। रेल मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भर्ती में और तेजी लाई जाए तथा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
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