HomePunjabi Newsदर्शन सिंह चढ्ढा बने गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा इन्द्रलोक के अध्यक्ष

दर्शन सिंह चढ्ढा बने गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा इन्द्रलोक के अध्यक्ष

–दिल्ली कमेटी के पूर्व महासचिव गुरमीत शंटी की अध्यक्षता में हुआ चुनाव –सिख संगत ने चढ्ढा को लगातार 11वीं बार प्रधान की जिम्मेदारी सौंपी नई दिल्ली/ टीम डिजिटल : गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा इन्द्रलोक के चुनाव में संगत ने सरदार दर्शन सिंह चढ्ढा को प्रधान चुनकर अगले कार्यकाल के लिये पुन: सेवा सौंपी। दर्शन […]

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

–दिल्ली कमेटी के पूर्व महासचिव गुरमीत शंटी की अध्यक्षता में हुआ चुनाव
–सिख संगत ने चढ्ढा को लगातार 11वीं बार प्रधान की जिम्मेदारी सौंपी

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल : गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा इन्द्रलोक के चुनाव में संगत ने सरदार दर्शन सिंह चढ्ढा को प्रधान चुनकर अगले कार्यकाल के लिये पुन: सेवा सौंपी। दर्शन सिंह लगातार पिछले दस सालों से यह जिम्मेदारी निभा रहे है। एक सादे समारोह में दर्शन चढ्ढा को समाज के प्रति उनकी सेवा के लिये सम्मानित किया गया।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य एवं पूर्व महासचिव सरदार गुरमीत सिंह शंटी की अध्यक्षता में संपन्न हुए चुनाव के बाद गुरमीत सिंह ने दर्शन सिंह चढ्ढा के कार्यकलापों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के प्रति सेवा भावना मृदुभाषी व गुरूद्वारे की उन्नति के कारण सिख संगत ने चढ्ढा को लगातार 11वीं बार प्रधान की जिम्मेदारी सौंपी है जो अपने मे बड़ी बात है। इस अवसर पर दर्शन सिंह चढ्ढा ने सिख संगत का धन्यवाद किया, और कहा कि वह आगे भी अपनी जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी व लगन से निभाएंगे।

गुरू गोबिंद सिंह के दर्शाए मार्ग को अपनाना समय की मांग : शंटी

श्री गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में पश्चिमी दिल्ली के त्री नगर की अलग-अलग सिंह सभाओं की ओर से समागम आयोजित किया गया। इस मौके पर शिरोमणि अकाली दल (दिल्ली) के महासचिव गुरमीत सिंह शंटी ने कहा है कि श्री गुरू गोबिंद सिंह जी के दर्शाए मार्ग को अपनाना समय की मांग है। दसवें पातशाह साहिब श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने हमें शब्द गुरू ,गुरु ग्रंथ साहिब जी साथ जोडऩे के अतिरिक्त जबर ज़ुल्म से लडऩे की हिम्मत भी दी है। उन्होंने कहा कि गुरू जी ने खालसा पंथ की स्थापना करने के बाद पांच प्यारों से खुद अमृत की दात लेकर एक ऐसी उदाहरण पेश की जो दुनिया के किसी धर्म में नहीं है कि एक गुरू ने अपने सेवकों को इतना सम्मान दिया हो।

दिल्ली कमेटी के वरिष्ठ सदस्य गुरमीत शंटी ने कहा कि गुरू गोबिंद सिंह ने हमे खंडे बाटे का अमृतपान करवा कर खालस इंसान बनाया है और जात पात के भेदभाव से बाहर किया है। गुरू जी कृपाण और कलम के धनी थे, उन्होंने जाप साहिब, सवैये, चौपाई साहिब, अकाल उस्तत, जफरनामा और बचित्र नाटक जैसी रचनाओं के साथ सिक्ख कौम का अध्यात्मिक, समाजिक और धार्मिक मार्ग दर्शन किया है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल दिल्ली संगत के सहयोग से दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की सेवा जब संभालेगी तो खंडर बन चुके बाला साहिब अस्पताल को शुरू करना हमारी प्राथमिकता होगी। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के शिक्षक संस्थानों की हालत को सुधारने के साथ साथ कर्मचारियों को तनख्वाह भी समय पर दी जाएगी।

Related News

Delhi epaper

Prayagraj epaper

Kurukshetra epaper

Ujjain epaper

Latest News