प्री-वर्कआउट सप्लीमेंट लेने के कुछ देर बाद कई लोगों को चेहरे, गर्दन, हाथों और बाजुओं पर खुजली, झुनझुनी या सुई चुभने जैसा अहसास होता है। यह सामान्य साइड इफेक्ट मुख्य रूप से सप्लीमेंट में मौजूद बीटा-एलेनिन (Beta-Alanine) की वजह से होता है, जिसे चिकित्सकीय भाषा में पेरेस्टीसिया (Paresthesia) कहा जाता है। यह असुविधा आमतौर पर 15-30 मिनट में शुरू होकर एक घंटे के अंदर अपने आप कम हो जाती है और त्वचा को कोई स्थायी नुकसान नहीं पहुंचाती।
प्री-वर्कआउट सप्लीमेंट और खुजली की समस्या
आजकल युवा जिम जाने और फिट रहने के लिए प्री-वर्कआउट सप्लीमेंट का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं। लेकिन पहली बार इस्तेमाल करने वाले कई लोग इस सप्लीमेंट को पीने के बाद अचानक होने वाली खुजली से परेशान हो जाते हैं। ऐसा महसूस होता है जैसे चेहरे या हाथों पर छोटी चींटियां चल रही हों। यह अनुभव सामान्य है और ज्यादातर लोगों को होता है।
आखिर क्यों होती है यह खुजली?
इस खुजली या झुनझुनी के मुख्य कारण में बीटा-एलेनिन नामक अमीनो एसिड शामिल है। यह इंग्रीडिएंट मांसपेशियों की क्षमता बढ़ाने और थकान कम करने के लिए प्री-वर्कआउट फॉर्मूला में इस्तेमाल किया जाता है। जब यह शरीर में जाता है तो त्वचा की सतह के पास मौजूद नसों को प्रभावित करता है, जिससे पेरेस्टीसिया नामक सनसनी होती है।
कई बार सप्लीमेंट में मौजूद नियासिन (विटामिन B3) की अधिक मात्रा भी इस समस्या को बढ़ा सकती है। यह कोई एलर्जी नहीं है बल्कि सप्लीमेंट के सामान्य प्रभाव का हिस्सा है।
यह खुजली कितने समय तक रहती है?
यह असुविधा प्री-वर्कआउट सप्लीमेंट लेने के 15 से 30 मिनट के अंदर शुरू होती है। ज्यादातर मामलों में यह 45 मिनट से 1 घंटे के भीतर पूरी तरह से चली जाती है। समय के साथ शरीर इस इंग्रीडिएंट के प्रति अभ्यस्त हो जाता है और खुजली की तीव्रता कम हो जाती है।
रिसर्च क्या कहती है?
वैज्ञानिक अध्ययनों में भी इस बात की पुष्टि हुई है कि बीटा-एलेनिन ही इस प्रभाव का प्रमुख कारण है। जर्नल ऑफ न्यूरोसाइंस में प्रकाशित शोध के अनुसार, यह त्वचा की नसों पर सीधा प्रभाव डालता है। नियासिन की अधिक मात्रा भी इसी तरह की झुनझुनी पैदा कर सकती है। ये दोनों ही इंग्रीडिएंट वर्कआउट से पहले ऊर्जा बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।
खुजली की तीव्रता किन बातों पर निर्भर करती है?
- ली गई डोज की मात्रा
- व्यक्ति की संवेदनशीलता
- खाली पेट लेने या भोजन के साथ लेने का तरीका
जो लोग उच्च डोज लेते हैं या पहली बार इस्तेमाल करते हैं, उन्हें यह प्रभाव ज्यादा महसूस होता है।
क्या यह त्वचा को नुकसान पहुंचाती है?
विश्वसनीय जानकारी के अनुसार, बीटा-एलेनिन से होने वाली यह खुजली त्वचा को कोई स्थायी क्षति नहीं पहुंचाती। इसमें सूजन, छाले या लंबे समय तक रहने वाली समस्या नहीं होती। यह केवल अस्थायी सनसनी है जो खुद-ब-खुद ठीक हो जाती है। फिर भी अगर कोई गंभीर लक्षण जैसे सांस लेने में तकलीफ या सूजन दिखे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
खुजली कम करने के आसान उपाय
इस असुविधा को कम करने के लिए कुछ सरल तरीके अपनाए जा सकते हैं:
- डोज कम करें: शुरुआत में कम मात्रा से शुरू करें और धीरे-धीरे बढ़ाएं।
- डोज बांटकर लें: पूरी डोज एक साथ न लें, छोटे-छोटे हिस्सों में लें।
- भोजन के साथ लें: खाली पेट न लें, कुछ हल्का खाकर लें।
- पानी ज्यादा पिएं: अच्छी मात्रा में पानी पीने से प्रभाव कम हो सकता है।
समय के साथ शरीर इस सप्लीमेंट को सहन करना सीख जाता है।
सावधानी और सलाह
प्री-वर्कआउट सप्लीमेंट का इस्तेमाल हमेशा निर्देशानुसार करें। अगर आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है तो डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह लेकर ही शुरू करें। याद रखें कि कोई भी सप्लीमेंट संतुलित आहार और सही वर्कआउट का विकल्प नहीं हो सकता।
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