HomeSportsविश्व योगासन चैंपियनशिप 2026: गुजरात की हीना राजगोर ने भारत को स्वर्ण...

विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026: गुजरात की हीना राजगोर ने भारत को स्वर्ण दिलाया, टीम 50 पदकों के साथ टॉप पर

विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 के अंतिम दिन से एक दिन पहले गुजरात की हीना राजगोर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर भारत के स्वर्ण अभियान को मजबूती दी। मेजबान भारत ने अब तक 40 स्वर्ण, 8 रजत और 2 कांस्य सहित कुल 50 पदक हासिल कर पदक तालिका में पहला स्थान बनाए रखा है।

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

अहमदाबाद। विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 के अंतिम दिन से एक दिन पहले गुजरात की हीना राजगोर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर भारत के स्वर्ण अभियान को मजबूती दी। मेजबान भारत ने अब तक 40 स्वर्ण, 8 रजत और 2 कांस्य सहित कुल 50 पदक हासिल कर पदक तालिका में पहला स्थान बनाए रखा है। जापान दूसरे और सिंगापुर तीसरे स्थान पर है। यह आयोजन योगासन को वैश्विक खेल के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

हीना राजगोर का स्वर्ण पदक, घरेलू मैदान पर खास उपलब्धि

गुजरात के भुज की रहने वाली हीना राजगोर ने रविवार को ईकेए एरिना में आयोजित फॉरवर्ड बेंड स्पर्धा (सीनियर-बी महिला वर्ग) में 43.50 अंक प्राप्त कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। ओमान की प्रीति जैमानी ने 38.15 अंकों के साथ रजत पदक जीता। रूस की स्वेतलाना लुकाशोवा और जॉर्डन की माया अल अलोस्थाथ ने 36.96 अंकों के साथ संयुक्त कांस्य पदक हासिल किया।

हीना राजगोर पूर्व मिस गुजरात सुपर मॉडल विजेता हैं और वर्तमान में योग विषय में पीएचडी कर रही हैं। उन्होंने कहा, “अपने घरेलू मैदान पर स्वर्ण पदक जीतना हमेशा विशेष होता है। कोविड के बाद जब मैंने प्रतिस्पर्धात्मक योगासन शुरू किया तो शुरुआत में काफी संघर्ष रहा। लेकिन मानसिक एकाग्रता पर काम करने से अच्छे नतीजे मिल रहे हैं।” हीना मॉडलिंग और योगासन दोनों क्षेत्रों में सक्रिय हैं।

भारत की पदक तालिका में मजबूत बढ़त

समाचार लिखे जाने तक भारत ने कुल 50 पदक जीते हैं, जिसमें 40 स्वर्ण, 8 रजत और 2 कांस्य शामिल हैं। भारतीय खिलाड़ियों ने ज्यादातर स्पर्धाओं में उम्मीद के मुताबिक अच्छा प्रदर्शन किया। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, आयुष मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), गुजरात खेल प्राधिकरण, गुजरात पर्यटन और गुजरात योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन के समर्थन से आयोजित यह चैंपियनशिप योगासन को ओलंपिक मान्यता दिलाने की राह को मजबूत कर रही है।

यह पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप है जो भारत में हो रही है। अहमदाबाद में आयोजित इस इवेंट ने योग की प्राचीन भारतीय परंपरा को वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में प्रमोट किया है।

अन्य देशों का प्रदर्शन

जापान ने दो अतिरिक्त स्वर्ण पदक जीते और कुल 10 पदकों (3 स्वर्ण) के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गया। सिंगापुर 6 पदकों (2 स्वर्ण) के साथ तीसरे स्थान पर है।

जापान के हिसाशी वतानाबे ने सुपाइन इंडिविजुअल सीनियर-बी पुरुष वर्ग में और तोमोका शिमिजू ने लेग बैलेंस इंडिविजुअल सीनियर-सी महिला वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। रूस की स्वेतलाना लुकाशोवा ने सुपाइन इंडिविजुअल सीनियर-बी महिला वर्ग में स्वर्ण हासिल किया। उज्बेकिस्तान के कमोलातदीन रहमानोव ने लेग बैलेंस इंडिविजुअल सीनियर-सी पुरुष वर्ग में स्वर्ण जीतकर देश को पहला स्वर्ण दिलाया।

प्रमुख स्पर्धाओं के नतीजे

आर्टिस्टिक सिंगल सब जूनियर पुरुष
स्वर्ण: रोहन तयाडे (भारत) – 110.13
रजत: प्रयास चौहान (नेपाल) – 43.39
कांस्य: यातीश कृष्णनथन (श्रीलंका) – 24.35

जूनियर महिला
स्वर्ण: तृप्ति डोंगरे (भारत) – 112.63
रजत: स्टोयान एंड्रिया (रोमानिया) – 65.54
कांस्य: किमानी ब्लेक (अमेरिका) – 57.26

सीनियर महिला
स्वर्ण: रुद्राक्षी भावे (भारत) – 114.25
रजत: लैम ङा मान (हांगकांग) – 80.83
कांस्य: चांदनी परियार (नेपाल) – 74.98

सीनियर पुरुष
स्वर्ण: अर्जुन परमार (भारत) – 99.50
रजत: बैट्रोमियो मकुम्बी (तंजानिया) और एलन (उज्बेकिस्तान) – 80.13

फॉरवर्ड बेंड सीनियर बी महिला
स्वर्ण: हीना राजगोर (भारत) – 43.50

लेग बैलेंस इंडिविजुअल सीनियर सी महिला
स्वर्ण: टोमाको शिमिजू (जापान) – 31.84
कांस्य: सुधा (भारत) – 30.30

सीनियर बी पुरुष
स्वर्ण: हिसाशी वतानाबे (जापान) – 41.79
रजत: रोहित चव्हाण (भारत) – 41.78

पारंपरिक योगासन सब जूनियर महिला
स्वर्ण: देवांशी गर्ग (भारत) – 62.58

भारतीय खिलाड़ियों ने सब जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्गों में अच्छा प्रदर्शन दिखाया। नेपाल, श्रीलंका, रोमानिया, अमेरिका, हांगकांग, तंजानिया, उज्बेकिस्तान, रूस और जापान जैसे देशों के खिलाड़ियों ने भी विभिन्न स्पर्धाओं में पदक जीते।

योगासन का वैश्विक महत्व

यह चैंपियनशिप योगासन को एक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में दुनिया भर में लोकप्रिय बनाने में मदद कर रही है। भारत में योग की जड़ें बहुत गहरी हैं और इस आयोजन से इसे ओलंपिक स्तर पर मान्यता मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। गुजरात सरकार और केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों का समर्थन इस इवेंट को सफल बनाने में अहम रहा।

हीना राजगोर जैसी खिलाड़ियों की सफलता युवाओं को योगासन की ओर आकर्षित कर रही है। घरेलू मैदान पर मिली जीत न सिर्फ खिलाड़ी का आत्मविश्वास बढ़ाती है बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती है।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Women Express पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

- Advertisement -
Previous article

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related News

Delhi epaper

Prayagraj epaper

Kurukshetra epaper

Ujjain epaper

Latest News