गांधीनगर। गुजरात में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर किसानों की फसलों की रिकॉर्ड खरीद दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार ने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक पर आधारित एक पारदर्शी और सुदृढ़ खरीद व्यवस्था लागू की है। इस डिजिटल व्यवस्था के तहत किसानों को उनकी उपज का पूरा पैसा सीधे उनके बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजा जा रहा है। सरकार का दावा है कि इस पहल से न केवल बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है, बल्कि किसानों को बिना किसी देरी के समय पर भुगतान भी मिल रहा है।
मंडियों में व्यवस्था सुधार से खिले किसानों के चेहरे
राज्य की अनाज मंडियों (APMCs) में अपनी फसल बेचने पहुंच रहे किसान इस नई डिजिटल व्यवस्था से बेहद संतुष्ट हैं। पहले के समय में फसल बेचने के बाद किसानों को अपने पैसों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था, जिससे मजबूरन कई बार उन्हें खुले बाजार में एमएसपी से भी कम दामों पर अपनी उपज बेचनी पड़ती थी।
अब पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, मोबाइल पर एसएमएस (SMS) के माध्यम से जानकारी और डीबीटी से बैंक खातों में सीधे पैसे आने से पूरी प्रक्रिया काफी सरल और तेज हो गई है। बनासकांठा के किसान ईश्वर रबारी बताते हैं कि सरकार द्वारा एमएसपी पर खरीद और तुरंत ऑनलाइन भुगतान मिलने से वे जरूरत पड़ने पर बैंक से पैसे निकालकर अपने वित्तीय काम आसानी से पूरा कर पा रहे हैं। वहीं, किसान कांजीभाई चौधरी ने कहा कि बाजरे की निर्धारित एमएसपी पर खरीद होने से उन्हें बाजार की तुलना में काफी बेहतर दाम मिल रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है।
आंकड़ों में गुजरात की एमएसपी क्रांति: 2016 से अब तक बड़ा उछाल
केंद्र सरकार द्वारा तय एमएसपी दरों पर फसलों की खरीद के लिए गुजरात सरकार ने पूरी प्रणाली को पूरी तरह से डिजिटल कर दिया है। पिछले दस वर्षों में एमएसपी खरीद के आंकड़ों में अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई है:
| विवरण | वर्ष 2016-17 | वर्ष 2025-26 |
| लाभान्वित किसान | 2.01 लाख | 14 लाख से अधिक |
| कुल खरीद (मीट्रिक टन) | – | 32.54 लाख मीट्रिक टन |
| कुल भुगतान (रुपये में) | ₹1,775 करोड़ | लगभग ₹23,800 करोड़ |
कृषि अधिकारी एम.बी. पटेल के अनुसार, राज्य सरकार का लगातार प्रयास है कि किसानों को उनके पसीने का सही मूल्य मिले। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में एमएसपी खरीद का आंकड़ा ₹23,000 करोड़ के पार पहुंचना एक बड़ी उपलब्धि है।
मूंगफली, कपास और चने की हुई बंपर खरीद
गुजरात में एमएसपी योजना के तहत मूंगफली, कपास, चना और अरहर (तुअर) जैसी प्रमुख फसलों की बड़े पैमाने पर खरीद की जा रही है।
विगत 10 वर्षों के प्रमुख आंकड़े:
- मूंगफली: 52.48 लाख मीट्रिक टन की खरीद पर ₹31,941 करोड़ का भुगतान।
- कपास: 25.23 लाख मीट्रिक टन के लिए ₹17,759 करोड़।
- चना: 16.81 लाख मीट्रिक टन के लिए ₹9,549 करोड़।
- अरहर: 4.97 लाख मीट्रिक टन की खरीद पर ₹3,222 करोड़।
इनके अलावा मूंग, उड़द, सरसों और सोयाबीन उगाने वाले किसानों को भी इस योजना का भरपूर लाभ मिल रहा है। तकनीक-आधारित खरीद और समयबद्ध भुगतान व्यवस्था से राज्य के किसानों का भरोसा एमएसपी व्यवस्था पर लगातार मजबूत हो रहा है।
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