नई दिल्ली /अदिति सिंह। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव (Railway Minister Ashwini Vaishnaw) ने रेल भवन में एक विस्तृत सुरक्षा समीक्षा बैठक के दौरान महाप्रबंधकों एवं डीआरएम की जमकर क्लास ली। साथ ही मीटिंग शुरू होने के बाद देरी से पहुंचे एक महाप्रबंधक को तुरंत बर्खास्त करने के फरमान सुना दिए। मंत्री ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन (CRB) सतीश कुमार को बैठक के दौरान ही निर्देश दिया कि लापरवाह अधिकारियों की तुरंत छुटटी कर दें। ऐसे लोग विभाग का माहौल खराब करते हैं। मंत्री ने लापरवाह महाप्रबंधक को तुरंत बैठक छोडने के आदेश सुना दिए। इसके बाद महाप्रबंधक काफी देर तक गिडगिडाते रहे। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक को पूरी तरह से गोपनीय रखा गया था। सिर्फ बैठक की सूचना दी गई थी। यही कारण है कि हर वरिष्ठ अधिकारी दो दिन से अपनी कमियां सुधारने एवं काम पूरा करने में जुटे रहे। रेल मंत्री के इस कवायद से समूचे रेलवे सिस्टम में अधिकारियों के बीच हड़कंप मचा है। साथ ही लापरवाह अधिकारी अपनी नौकरी बचाने के लिए इधर उधर हाथ—पांव मार रहे है।

—मीटिंग शुरू होने के बाद आए महाप्रबंधक को देख नाराज हुए रेलमंत्री
—बैठक में एक—एक महाप्रबंधकों से उनके प्रोजेक्ट के बावत ली जानकारी, सुझाव भी दिए
—रेलवे सुरक्षा, तकनीकी और रखरखाव संबंधी कमियों के सुधार के निर्देश दिए
—निम्न गुणवत्ता वाली आपूर्ति और जानबूझकर की गई लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक बैठक में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, रेलवे बोर्ड के सदस्य, जोनल रेलवे के महाप्रबंधक, महानिदेशक एवं मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम ) उपस्थित रहे।
इस दौरान रेल मंत्री ने बैठक के दौरान सिग्नलिंग से संबंधित तकनीकी कमियों को मिशन मोड में दूर करने के निर्देश दिए। ओवरहेड इक्विपमेंट के संबंध में, जिन स्थानों पर कंपोनेंट्स की निर्धारित सेवा अवधि पूरी हो चुकी है, वहां उनके रखरखाव और प्रतिस्थापन के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
वर्कशॉप में मेंटेनेंस के स्तर को सुधारने के निर्देश
रेल मंत्री ने कोचों के रखरखाव, विशेषकर फायर सेफ्टी से संबंधित इलेक्ट्रिकल सर्किट एवं वायरिंग पर विशेष ध्यान देकर वर्कशॉप में मेंटेनेंस के स्तर को सुधारने के निर्देश दिए। रेल मंत्री ने वैगन और कोच के कपलर तथा पहियों के रखरखाव पर भी ध्यान देने को कहा।
ट्रैक के रखरखाव के संबंध में पॉइंट मशीन, टर्नआउट और फास्टनर का उचित रखरखाव सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। जहां कहीं भी फास्टनर नहीं हैं, वहां उन्हें लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
खराब गुणवत्ता वाली आपूर्ति के मामलों में कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश
बैठक में खराब गुणवत्ता वाली आपूर्ति के मामलों में कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। सिग्नलिंग एवं टेलीकम्युनिकेशन , ओएचई, ट्रैक, कोच अथवा वैगन से संबंधित सामग्री की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर संबंधित सप्लायर के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। जानबूझकर की गई लापरवाही के मामलों में संबंधित सप्लायर को स्थायी रूप से ब्लैकलिस्ट करने के भी निर्देश दिए गए।
रेल मंत्री ने सभी अधिकारियों को जिला एवं राज्य प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर उन स्थानों पर अग्रिम तैयारियां करने को कहा, जहां त्योहारों या मेलों के कारण अचानक यात्रियों की भीड़ बढ़ने की संभावना है, ताकि वहां आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जा सकें।
मंत्री की आनलाइन बैठक में कुर्सी की अदला बदली मेंं पकडे गए जीएम
रेलवे सूत्रों के मुताबिक रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव की वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिये शुरू हुई बैठक में ज्यादातर अधिकारी समय से मौजूद रहे। लेकिन एक महाप्रबंधक ने अपनी कुर्सी पर किसी और कर्मचारी को बैठा रखा था, ताकि मंत्री जी को लगे जीएम साहब बैठे हैं। बैठक के बीच में ही महाप्रबंधक चुपके से आए और कुर्सी की अदला बदली करने लगे। इस बीच मंत्री जी की नजर उस कुर्सी पर पड गई। उन्होंने भरी मीटिंग में उस महाप्रबंधक की क्लास ले ली। पहले तो जमकर फटकारा उसके बाद उन्हें तुरंत बर्खास्त करने का फरमान सुना दिया। साथ ही अधिकारी को मीटिग छोडकर जाने को भी कह दिया गया। इस कवायद को देख बाकी सभी अधिकारी हरकत में आ गए। सूत्रों की माने तो बैठक के दौरान रेलवे बोर्ड से लेकर डीआरएम स्तर तक के अधिकारी डरते रहे कि अगला नंबर अब किसका होगा।


