लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के 6,600 से अधिक सरकारी नलकूपों (Tubewells) का कायाकल्प कर 3.15 लाख से ज्यादा किसान परिवारों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचा दिया है। सरकार की इस पहल से प्रदेश की सिंचाई क्षमता में 3.77 लाख हेक्टेयर का इजाफा हुआ है, जिससे खेती की लागत घटने के साथ फसलों की पैदावार में भी सुधार देखने को मिल रहा है।
पुराने ट्यूबवेल की बदली रंगत, 2,493 नए नलकूप भी बनकर तैयार
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के जारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2022-23 से 2025-26 के बीच पूरे प्रदेश में बुनियादी सिंचाई तंत्र को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया गया:
- 2,493 नए राजकीय नलकूपों का निर्माण कार्य पूरा किया गया।
- 1,769 खराब या असफल नलकूपों को दोबारा चालू किया गया।
- 6,600 नलकूपों को मॉडर्न तकनीकों से लैस कर उनका आधुनिकीकरण (Modernization) किया गया।
इन ठोस कदमों से कुल 3.77 लाख हेक्टेयर जमीन के लिए सिंचाई सुविधा बहाल हुई है। इसके अलावा, पंप नहरों के आधुनिकीकरण और नई नहर परियोजनाओं के जरिए भी 0.62 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि तक पानी की पहुंच सुनिश्चित की गई है।
2026-27 के लिए बड़ा रोडमैप: 5.59 लाख और परिवारों तक पहुंचेगा फायदा
आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भी राज्य सरकार ने सिंचाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने का खाका तैयार किया है। इसके तहत:
- 1,750 बंद पड़े या असफल नलकूपों का री-कंस्ट्रक्शन कराया जाएगा।
- 8,717 नलकूपों को हाई-टेक सुविधाओं से जोड़ने की योजना पर काम जारी है।
इन आगामी परियोजनाओं के पूरा होते ही प्रदेश में 4.21 लाख हेक्टेयर नई सिंचाई क्षमता पैदा होगी, जिसका सीधा फायदा राज्य के 5.59 लाख अतिरिक्त कृषक परिवारों को मिलेगा। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, बल्कि किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी।
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