लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक पास न होने पर विपक्षी दलों की कड़ी आलोचना की है। भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने इंडी गठबंधन के आचरण को भरी सभा में द्रौपदी के चीरहरण जैसा बताया। सीएम योगी ने कहा कि यह कृत्य नारी सम्मान के खिलाफ है और देश की नारी शक्ति इसे कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, डीएमके और अन्य विपक्षी दलों पर नारी-विरोधी मानसिकता रखने का आरोप लगाया।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक पर विपक्ष का विरोध
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित हुआ था। इस कानून में लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान है। महिला संगठनों की मांग पर सरकार ने इसे 2034 की बजाय 2029 में लागू करने के लिए संशोधन विधेयक लाया।
इस संशोधन से सीटों की संख्या बढ़ाने और परिसीमन की प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को सुलझाने का प्रयास किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया था कि किसी राज्य या वर्ग का हक नहीं लिया जाएगा। दक्षिण भारत के राज्यों को भी आश्वासन दिया गया कि 2011 की जनगणना के आधार पर सीटें बढ़ाई जाएंगी।
फिर भी, लोकसभा में इंडी गठबंधन के दलों ने विधेयक को पास नहीं होने दिया। सीएम योगी ने इसे लोकतंत्र और महिला अधिकारों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार किया, जो महिलाओं के सम्मान के खिलाफ था।
द्रौपदी चीरहरण की याद दिलाता विपक्ष का आचरण
सीएम योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के व्यवहार की तुलना महाभारत के प्रसंग से की। उन्होंने कहा कि भरी सभा में द्रौपदी का चीरहरण जैसे दृश्य संसद में देखने को मिला। विधेयक गिरने के बाद विपक्षी दलों द्वारा जश्न मनाने और टिप्पणियां करने का तरीका नारी गरिमा के खिलाफ था।
यह आचरण न केवल महिला सम्मान को ठेस पहुंचाता है, बल्कि देश की आधी आबादी के अधिकारों को रोकने का प्रयास है। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने का महत्वपूर्ण कदम है, जिसे विपक्ष ने रोकने की कोशिश की।
इंडी गठबंधन की नारी-विरोधी मानसिकता का आरोप
प्रेस वार्ता में सीएम योगी ने कहा कि इंडी गठबंधन ने कई बार महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर विरोध किया है। शाहबानो प्रकरण में मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की बात करने वाले आज क्यों चुप थे, यह सवाल उन्होंने उठाया।
ट्रिपल तलाक पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून का भी कांग्रेस और इंडी गठबंधन के दलों ने विरोध किया था। यह उनके दोहरे मापदंड को दिखाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मुस्लिम महिलाओं के आरक्षण की बात आती है, तो विपक्ष संविधान की दुहाई देता है, लेकिन डॉ. भीमराव अंबेडकर और सरदार वल्लभभाई पटेल के समय धर्म आधारित आरक्षण का विरोध हुआ था।
सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में धर्म आधारित आरक्षण नहीं है, क्योंकि संविधान की भावना इसके खिलाफ है। विपक्ष का यह रवैया नारी-विरोधी मानसिकता को उजागर करता है।
प्रधानमंत्री मोदी के नारी सशक्तिकरण के प्रयास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की। उन्होंने कहा कि 2014 में सत्ता संभालते समय पीएम मोदी ने चार जातियों का जिक्र किया – गरीब, युवा, किसान और नारी। इन वर्गों के विकास के लिए बिना भेदभाव के काम किए गए।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम इसी सोच का हिस्सा है। पीएम मोदी ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान शुरू किया, जिससे लिंगानुपात में सुधार हुआ। मातृ वंदना योजना से माताओं को आर्थिक सहायता मिली। उज्ज्वला योजना ने महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराया, जिससे उनका स्वास्थ्य बेहतर हुआ।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय बनवाने से नारी गरिमा की रक्षा हुई। प्रधानमंत्री आवास योजना से लाखों महिलाओं को पक्का घर मिला। आयुष्मान भारत योजना ने परिवार की महिलाओं पर इलाज का बोझ कम किया।
उत्तर प्रदेश में डबल इंजन सरकार की महिलाओं के लिए योजनाएं
सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाओं का विस्तार से जिक्र किया। कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटी के जन्म से हाईस्कूल तक कुल 25,000 रुपये तक की सहायता दी जाती है। इस योजना से 26 लाख से अधिक बेटियां लाभान्वित हो रही हैं। 2017 से पहले ऐसी कोई योजना नहीं थी।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में 6 लाख से ज्यादा बेटियों की शादी के लिए 1 लाख रुपये की मदद दी गई। निराश्रित महिलाओं, वृद्धों और दिव्यांगों को सालाना 12,000 रुपये की पेंशन मिल रही है।
सरकारी नौकरियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। यूपी पुलिस में महिला कर्मियों की संख्या 10,000 से बढ़कर 44,000 हो गई। स्वयं सहायता समूहों से 1 करोड़ से अधिक महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हुई हैं। लखपति दीदी योजना और ओडीओपी जैसी पहलों में महिलाओं की बड़ी भूमिका है।
विपक्ष पर परिवारवाद और षड्यंत्र का आरोप
सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी और अन्य इंडी गठबंधन दलों पर आरोप लगाया कि उनका एकमात्र उद्देश्य परिवार और खुद को फायदा पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि इन दलों ने हर प्रगतिशील कदम को रोकने का प्रयास किया।
स्टेट गेस्ट हाउस कांड जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सपा को इस अवसर पर अपने पाप धोने का मौका था, लेकिन उन्होंने बैरियर बनकर खड़े होने का काम किया। एनडीए पूरा गठबंधन उत्तर प्रदेश की नारी शक्ति के साथ खड़ा है।
महिलाओं के सशक्तिकरण से देश का विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब महिलाओं को नेतृत्व मिलता है, तो शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वावलंबन के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आते हैं। आज संसद में महिला सांसदों की संख्या पहले से अधिक है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम इसे और बढ़ाने का प्रयास था।
उत्तर प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई यूनिट्स में आधी से ज्यादा महिलाएं काम कर रही हैं। 21,000 से अधिक स्टार्टअप्स में आधे से ज्यादा महिलाओं के नेतृत्व में चल रहे हैं। रक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में भी महिलाएं आगे बढ़ रही हैं।
सीएम योगी ने देश की आधी आबादी से अपील की कि नारी-विरोधी आचरण को कभी स्वीकार न करें। उन्होंने कहा कि पूरा एनडीए महिलाओं के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। कांग्रेस और इंडी गठबंधन को अपने आचरण पर माफी मांगनी चाहिए, लेकिन यह कृत्य अक्षम्य है।
प्रेस वार्ता में उपस्थित प्रमुख नेता
इस प्रेस वार्ता में केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, अपना दल और सुभासपा समेत एनडीए के अन्य दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सीएम योगी ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना की और कहा कि उत्तर प्रदेश उनके हर प्रयास में उनके साथ है।
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