HomeRailway Newsअमृत भारत योजना के बावजूद हापुड़ रेलवे स्टेशन का कायाकल्प तीन साल...

अमृत भारत योजना के बावजूद हापुड़ रेलवे स्टेशन का कायाकल्प तीन साल बाद भी अधूरा, यात्री परेशान

हापुड़ रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत योजना के तहत शुरू हुआ जीर्णोद्धार तीन साल बाद भी अधूरा। नया FOB, लिफ्ट और एस्केलेटर का काम रुका, यात्री परेशान। जानें पूरी अपडेट।

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

हापुड़। हापुड़ रेलवे स्टेशन का जीर्णोद्धार तीन साल बीतने के बावजूद अधर में लटका है। अमृत भारत योजना के तहत शुरू हुए काम में कई जरूरी सुविधाएं अभी भी अधूरी हैं, जिससे रोज हजारों यात्रियों को परेशानी हो रही है। करीब तीन साल पहले रेलवे ने हापुड़ स्टेशन को आधुनिक बनाने का ऐलान किया था। उस वक्त अधिकारियों ने दावा किया था कि काम समय पर और अच्छी क्वालिटी के साथ पूरा हो जाएगा। लेकिन आज स्थिति ये है कि स्टेशन की सूरत पूरी तरह नहीं बदली। कई बड़े काम अधूरे पड़े हैं।

हापुड़ गुड़ और गल्ला मंडी के लिए जाना जाता है। यहां का रेलवे स्टेशन व्यापारिक नजरिए से काफी महत्वपूर्ण है। अंग्रेजों के जमाने में बना यह जंक्शन रोजाना करीब 60 पैसेंजर, एक्सप्रेस और स्पेशल ट्रेनों का ठहराव स्थल है। रोज हजारों लोग यहां से सफर करते हैं। इसलिए यहां आधुनिक सुविधाओं की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी।

क्या काम हो चुका है और क्या बाकी

शुरुआती चरण में प्लेटफॉर्म नंबर एक की ऊंचाई बढ़ाने, नया वेटिंग हॉल बनाने, नए शौचालय, आधुनिक टिकट काउंटर और भव्य मुख्य द्वार का निर्माण पूरा हो गया। निकास द्वार का काम अभी चल रहा है। लेकिन स्टेशन के अंदरूनी ढांचे में बड़े बदलाव अभी भी अधूरे हैं। यात्रियों को असली राहत देने वाले काम रुके हुए हैं।

प्लेटफॉर्म बदलने में बड़ी दिक्कत

सबसे बड़ी समस्या एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म जाने की है। बारिश के मौसम में अंडरपास में कब पानी भर जाए, कोई नहीं जानता। बुजुर्ग और महिला यात्री खासतौर पर परेशान रहते हैं। योजना में 12 मीटर चौड़ा नया फुट ओवरब्रिज (एफओबी), ऑटोमैटिक सीढ़ियां (एस्केलेटर) और दोनों तरफ लिफ्ट लगाने का प्रस्ताव था। बताया गया था कि यह एफओबी करीब एक साल में तैयार हो जाएगा। लेकिन अभी कुछ महीने पहले सिर्फ पिलर खड़े हुए हैं। लिफ्ट और एस्केलेटर का काम तो शुरू भी नहीं हुआ।

काम की रफ्तार धीमी क्यों?

शुरुआत में रेलवे के बड़े अधिकारी मौके पर आकर निरीक्षण करते और निर्देश देते थे। लेकिन समय बीतने के साथ काम की गति काफी धीमी पड़ गई। प्लेटफॉर्म नंबर चार और पांच के सुंदरीकरण का काम भी लंबे समय से अटका पड़ा है। स्थानीय लोग और रोजाना सफर करने वाले यात्री कहते हैं कि देरी की वजह से उन्हें हर दिन असुविधा झेलनी पड़ रही है।

रेलवे का क्या कहना है

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि काम जल्द पूरा कराने की कोशिश जारी है। बारिश के मौसम ने भी कुछ काम प्रभावित किया। नया फुट ओवरब्रिज का मुख्य ढांचा लखनऊ में तैयार हो रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही वह हापुड़ पहुंच जाएगा। लिफ्ट, एस्केलेटर और बाकी बाकी काम भी जल्द पूरे कराने का वादा किया गया है।

हापुड़ स्टेशन व्यापार और यात्री आवागमन का महत्वपूर्ण केंद्र है। तीन साल बीतने के बाद भी यात्री आधुनिक सुविधाओं का इंतजार कर रहे हैं। अगर काम की रफ्तार नहीं बढ़ी तो आने वाले दिनों में परेशानी और बढ़ सकती है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि प्रशासन इस देरी पर गंभीरता से ध्यान दे और अधूरे कामों को प्राथमिकता के साथ पूरा करे।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Women Express पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

- Advertisement -
Previous article

Related News

Delhi epaper

Prayagraj epaper

Kurukshetra epaper

Ujjain epaper

Latest News