प्रयागराज। प्रयागराज में 14वां ‘अंतर्यात्रा–2026’ डॉ. ए. खान स्मृति सम्मान समारोह भव्य रूप से संपन्न हुआ। जे. बी. जनकल्याण समिति, लोक संस्कृति विकास संस्थान और करमा नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज के संयुक्त आयोजन में 15 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति श्री जे. जे. मुनीर रहे। सूफी संगीत ने पूरे कार्यक्रम को आध्यात्मिक रंग दिया।
प्रयागराज का सांस्कृतिक महाकुंभ
करमा नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज, दांदूपुर के ऑडिटोरियम में यह आयोजन दो सत्रों में हुआ। प्रथम सत्र में समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम करने वाले 15 कर्तव्ययोगियों को ‘डॉ. ए. खान स्मृति सम्मान’ प्रदान किया गया। इन सम्मानित व्यक्तियों में विविध क्षेत्र शामिल थे, जहां हर कोई अपने काम से समाज को योगदान दे रहा है।

किन्हें मिला सम्मान?
संजय पुरुषार्थी को पर्यावरण और हिंदी साहित्य के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। डॉ. नाज़ फात्मा को मातृत्व, प्रसूति और स्त्री रोग चिकित्सा में उत्कृष्ट कार्य के लिए। शिवानी मिश्रा को शास्त्रीय नृत्य-कथक और नृत्य निर्देशन के लिए। डॉ. श्रद्धा को महिला स्वास्थ्य सेवा में योगदान के लिए।
फ़िज़ा खान को सौंदर्य, अभिनय और कला क्षेत्र में। ऐश्वर्या श्रीवास्तव को लोक संगीत के लिए। सिया को नृत्य और परफॉर्मिंग आर्ट में। मनु को आधुनिक नृत्य और कोरियोग्राफी के लिए। हंज़ला फ़ारूक़ी को विधि और न्याय सेवा में। गुलाम फरीदुद्दीन को सामाजिक सेवा और समाज सुधार के क्षेत्र में।
मनोज कुमार कुशवाहा ‘राज रसिया’ को सुगम संगीत के लिए। साक्षी सिंह को फैशन, कला और अभिनय में। सरिता यादव को संगीत और गायन कला के लिए। कामरान खान को चिकित्सीय कॉरपोरेट रिलेशनशिप में। शिवदत्त मिश्रा को सामाजिक सेवा और जनकल्याण के लिए। ईशान मिश्रा को सूफी गायन और संगीत निर्देशन में योगदान के लिए सम्मान मिला।

सूफी सुरों का जादू
दूसरे सत्र में सुप्रसिद्ध सूफी गायक ईशान मिश्रा और उनके ‘रुद्राक्ष बैंड’ ने सूफी संगीत और ग़ज़लें प्रस्तुत कीं। उनकी प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरा वातावरण आध्यात्मिक और भावनात्मक रूप से ऊंचा उठ गया। गानों की लय और सुरों ने सबके मन को छू लिया।
मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति श्री जे. जे. मुनीर ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलाते हैं। उन्होंने सम्मानित व्यक्तियों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वालों को पहचान देना बहुत जरूरी है।
आयोजकों का संदेश
करमा नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. एम. आई. खान ने बताया कि संस्थान शिक्षा के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का प्रयास करता है। उन्होंने सभी सम्मानित प्रतिभाओं को बधाई दी और उनके काम की सराहना की।
लोक संस्कृति विकास संस्थान के चेयरमैन शरद कुमार मिश्र ने कहा कि समाज के उत्थान के लिए ऐसे कार्यक्रमों की निरंतरता जरूरी है। यह मंच उन लोगों को सम्मान देता है जो समर्पण से समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं और नई पीढ़ी के लिए आदर्श बन रहे हैं।
केएनपीसी के प्रशासक एडवोकेट एहतेशाम खान ने कहा कि ‘अंतर्यात्रा’ सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि समाज की छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने का निरंतर प्रयास है।

रक्तदान शिविर का आयोजन
कार्यक्रम के नवीन सत्र में रक्तदान शिविर भी लगा। इसमें 32 छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने रक्तदान किया। सभी को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। यह पहल समाज सेवा की भावना को और मजबूत करती दिखी।
उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
कार्यक्रम में केएनपीसी की प्राचार्या डॉ. विपना के. भंडारी, संयुक्त निदेशक नुजहत अफ़रोज़, छात्र कल्याण अधिकारी राज खान, नोडल अधिकारी एडवोकेट राशिद सिद्दीकी और कई अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहीं। इनमें मंजुला, बीनू, ज़िक्रा, विद्या, नम्रता, शशि, राधे, प्रियंका, नूतन, कनक, राजीव, श्रेया, अंतिमा, रानू, आरती और राकेश मिश्रा शामिल थे।
मंच का संचालन शरद कुमार मिश्र ने किया। धन्यवाद ज्ञापन संजय पुरुषार्थी ने प्रस्तुत किया। पूरा आयोजन प्रतिभाओं के सम्मान और समाज में सकारात्मक प्रेरणा का प्रतीक बनकर उभरा। उपस्थित सभी लोगों के मन में यह कार्यक्रम एक यादगार छाप छोड़ गया।
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