कोलकाता/नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Assembly Elections 2026) में तृणमूल कांग्रेस को करारी हार मिली है। भाजपा ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर सरकार बनाने की स्थिति बना ली है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हार स्वीकार करने से इनकार करते हुए सीएम पद से इस्तीफा देने से मना कर दिया है। उन्होंने चुनाव में धांधली का आरोप लगाया है। विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 7 मई को खत्म होने वाला है, जिसके बाद संवैधानिक प्रक्रिया के तहत नई सरकार का गठन होना तय माना जा रहा है।
ममता बनर्जी ने क्या कहा?
ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा कि वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी। उन्होंने दावा किया कि यह जनादेश नहीं बल्कि साजिश है। ममता ने कहा, “मैं हारी नहीं हूं, इसलिए इस्तीफा भी नहीं दूंगी।” उन्होंने भाजपा पर 100 सीटों की चोरी का आरोप लगाया और चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया। ममता ने बताया कि काउंटिंग सेंटर पर उनके साथ मारपीट भी हुई।
#WATCH | Kolkata: West Bengal CM Mamata Banerjee says, "I will not resign, I did not lose, I will not go to Raj Bhavan…The question doesn't arise. No. Now, I also want to say that we didn't lose the election. It is their attempt to defeat us. Officially, through the Election… pic.twitter.com/AKKFvQ2gvq
— ANI (@ANI) May 5, 2026
अगर सीएम इस्तीफा न दे तो क्या होगा?
भारतीय संविधान के अनुसार, अगर कोई मुख्यमंत्री इस्तीफा नहीं देता तो राज्यपाल के पास महत्वपूर्ण शक्तियां होती हैं। राज्यपाल हारे हुए मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांग सकते हैं। अगर इनकार किया जाए तो वे विधानसभा को भंग करने का सुझाव दे सकते हैं या मुख्यमंत्री को बर्खास्त भी कर सकते हैं।
इस मामले में अनुच्छेद 164 के तहत राज्यपाल नई सरकार बनाने के लिए बहुमत वाले दल के नेता को मुख्यमंत्री नियुक्त कर सकते हैं और शपथ दिलवा सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, चुनाव नतीजे आने के बाद पुरानी सरकार का स्वतः ही कार्यकाल समाप्त माना जाता है।
नई सरकार कैसे बनेगी?
पश्चिम बंगाल में भाजपा ने 200 से ज्यादा सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया है। राज्यपाल सबसे बड़े दल यानी भाजपा के विधायक दल के नेता को मुख्यमंत्री बनाकर सरकार बनाने का निमंत्रण दे सकते हैं। नई सरकार बनने के बाद पुरानी सरकार का कार्यकाल खत्म हो जाएगा।
विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 7 मई को पूरा हो रहा है। 8 मई तक विधानसभा अपने आप भंग मानी जाएगी। ऐसे में ममता बनर्जी के इस्तीफा देने या न देने का ज्यादा असर नहीं रह जाएगा। संवैधानिक प्रक्रिया के मुताबिक नई सरकार का गठन हो जाएगा।
संवैधानिक प्रावधान क्या कहते हैं?
राज्यों में सरकार बनाने के लिए अनुच्छेद 164 अहम है। राज्यपाल बहुमत साबित करने वाले नेता को सीएम पद सौंपते हैं। अगर कोई संकट हो तो अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन की सिफारिश भी की जा सकती है, लेकिन यहां चुनाव नतीजे साफ हैं, इसलिए ऐसी स्थिति नहीं बनने की उम्मीद है।
पश्चिम बंगाल में 15 साल बाद सत्ता बदलाव हो रहा है। तृणमूल कांग्रेस की सरकार का अंत हो चुका है। भाजपा की जीत को पार्टी ने लोकतंत्र की जीत बताया है, जबकि TMC इसे साजिश करार दे रही है।
आगे क्या हो सकता है?
ममता बनर्जी ने कानूनी और राजनीतिक लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने 10 सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाने की भी घोषणा की है। अब सबकी नजर राज्यपाल के अगले कदम पर है। संविधान के नियमों के अनुसार नई सरकार जल्द बनने की संभावना है।
यह चुनाव पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है। आम लोगों को उम्मीद है कि नई सरकार राज्य के विकास पर ध्यान देगी और कानून व्यवस्था मजबूत करेगी।
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