नई दिल्ली। दिल्ली के श्रीराम इंस्टीट्यूट फॉर इंडस्ट्रियल रिसर्च ने अपना स्थापना दिवस दिल्ली विश्वविद्यालय के सर शंकर लाल कॉन्सर्ट हॉल में एक विशेष वैज्ञानिक व्याख्यान के साथ मनाया। इस मौके पर संस्थान ने अपना 60वाँ वार्षिक व्याख्यान आयोजित किया, जिसमें रक्षा क्षेत्र की प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. रंजना नल्लमल्ली ने मुख्य भाषण दिया।
कार्यक्रम की मुख्य बातें
इस वर्ष का व्याख्यान “नवाचार और प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता के माध्यम से भारत की रक्षा को सशक्त बनाना” विषय पर केंद्रित रहा। डॉ. रंजना नल्लमल्ली, जो DRDO के डायरेक्टोरेट ऑफ फ्यूचरिस्टिक टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट की प्रमुख हैं, ने भाषण में स्वदेशी नवाचार की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि कैसे DRDO भविष्य की प्रौद्योगिकियों को प्रबंधित करके देश की रक्षा प्रणालियों को मजबूत बनाने में लगातार काम कर रहा है और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
प्रो. अखिलेश त्यागी, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष ने पूरे कार्यक्रम की अध्यक्षता की। संस्थान के निदेशक डॉ. मुकुल दास ने आए हुए वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, छात्रों और उद्योग जगत के लोगों का स्वागत किया। उन्होंने संस्थान के अनुसंधान और नवाचार के मिशन पर भी प्रकाश डाला।
सम्मान और प्रेरणा
इस अवसर पर बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के उपाध्यक्ष श्री माधव बी. श्रीराम ने लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों को उनके समर्पण के लिए सम्मानित किया।
श्रीराम इंस्टीट्यूट फॉर इंडस्ट्रियल रिसर्च भारत के प्रमुख अनुसंधान संस्थानों में से एक है। यह वार्षिक व्याख्यान श्रृंखला पिछले कई वर्षों से विचार-विमर्श का महत्वपूर्ण मंच बनी हुई है। यह युवा शोधकर्ताओं को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की प्रगति में योगदान देने के लिए प्रेरित करती है।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने राष्ट्रीय रक्षा और स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकास पर चर्चा का लाभ उठाया। यह आयोजन संस्थान की स्थापना की याद दिलाते हुए भविष्य की दिशा भी दिखाता है।
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