26 C
New Delhi
Saturday, April 10, 2021

BJP अध्यक्षों ने पीएम मोदी के समक्ष पेश किया रिपोर्ट कार्ड

संगठन चुनाव जीतने की मशीन नहीं : पीएम
-कार्यकर्ताओं ने आपदा को अवसर में बदल दिया
–पीएम मोदी ने पार्टी के ‘सेवा ही संगठन’ कार्यक्रम को संबोधित किया
–राज्यों ने लॉकडाउन में किए जनसेवा कार्यों का दिया ब्योरा
-प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं में किया ऊर्जा का नया संचार
-कोरोना काल में अपने आदर्शों के बीच खुद को तपा रहे थे कार्यकर्ता
– अभाव और खतरे के बीच लाखों लोगों का सहारा बने भाजपाई

(खुशबू पाण्डेय)
नई दिल्ली/ टीम डिजिटल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यहां कहा कि लॉकडाउन के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने एक संगठन के रूप में जन-सेवा की जो अद्भुत मिसाल पेश की है, वह मानव इतिहास का सबसे बड़ा सेवा यज्ञ है। भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए राष्ट्र की सेवा करना सबसे पहला धर्म है। उन्होंने कहा कि हमारा संगठन चुनाव जीतने की मशीन नहीं है, हमारे लिए संगठन का मतलब है सेवा, सबका साथ, सबका सुख और सबकी समृद्धि। हमारा संगठन समाज के हित के लिए काम करने वाला संगठन है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार की शाम भारतीय जनता पार्टी के ‘सेवा ही संगठन’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं में ऊर्जा का नया संचार किया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के समक्ष पार्टी की दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र, असम, उत्तर प्रदेश, बिहार और कर्नाटक इकाई ने डिजिटली अपना रिपोर्ट कार्ड पेश किया। साथ ही लॉकडाउन के दौरान जन-सेवा के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा किये गए कार्यों के बारे में विस्तार से बताया। राज्यों ने कई लोगों की प्रेरणादायी कहानियों को भी प्रधानमंत्री और पार्टी नेतृत्व के साथ साझा किया। कार्यक्रम को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने भी संबोधित किया। इस दौरान पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह, अमित शाह, केंद्रीय टीम के साथ भाजपा मुख्यालय में मौजूद रहे।

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने आपदा को अवसर में बदल दिया। अवसर ये कि आप ज्यादा से ज्यादा लोगों की सेवा कर सकें, ज्यादा से ज्यादा लोगों की तकलीफ कम कर सकें, उन्हें इस मुसीबत से उबार सकें। उन्होंने कहा कि जिसकी हम सेवा करते हैं, उसका सुख ही हमारा संतोष है। इसी भावना से गरीबों के प्रति, इसी समभाव और ममभाव से हमारे कार्यकर्ताओं ने इतने कठिन समय में सेवा ही संगठन का इतना बड़ा अभियान चलाया है। दुनिया की नजरों में पार्टी कार्यकर्ता कोरोना काल में काम कर रहे थे लेकिन मेरी नजर में वे खुद को कसौटी पर कस रहे थे, अपने आदर्शों के बीच खुद को तपा रहे थे। आज मैंने जब प्रेजेंटेशन देखा तो मुझे बड़ा अचरज हुआ। आप लॉकडाउन के बीच अभाव और खतरे के बीच लाखों लोगों का सहारा बने। उनके साथी बने, यह बहुत बड़ा काम है। पार्टी कार्यकर्ताओं का यह अदम्य सेवा भाव और संगठन द्वारा ‘सेवा ही संगठन को आत्मसात करना मुझे भी नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है।

कई साथियों ने जन-सेवा हेतु अपना बलिदान दिया

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक ऐसे समय में जब दुनिया में सब अपने आप को बचाने में लगे हों, भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपनी चिंता छोड़कर खुद को गरीबों-जरूरतमंदों की सेवा में समर्पित कर दिया। यह सेवा का बहुत बड़ा उदाहरण है। कई शहरों में हमारे पार्टी कार्यकर्ता खतरे को जानते हुए भी कार्य करते रहे। ऐसे कई साथियों ने जन-सेवा हेतु अपना बलिदान दिया है। पीएम मोदी ने ऐसे लोगों को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि दी। साथ ही उन राज्यों की पार्टी इकाइयों से अनुरोध किया कि वे इन परिवारों को संभालें।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाजपा के सेवा कार्यक्रमों की इतनी बड़ी व्यापकता, इतनी बड़ी विविधता, इतने बड़े स्केल पर, इतने लंबे समय तक सेवा-मुझे लगता है कि यह मानव इतिहास का सबसे बड़ा सेवा यज्ञ है। मुझे पार्टी कार्यकर्ताओं पर पूरा भरोसा है कि वे आने वाले दिनों में भी ऐसे ही जी-जान से लगे रहकर लोगों की मदद का काम करते रहेंगे।

प्रधानमंत्री ने दी डिजिटल बुकलेट बनाने की सलाह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर के पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि लॉकडाउन के दौरान किए गए कार्यो का पूरा ब्यौरा एक डिजिटल बुक लेट के रूप में तैयार करें। इसकी शुरुआतमंडल स्तर से शुरू करें। इसके बाद जिला स्तर, राज्य स्तर और राष्ट्रीय स्तर पर इस अभियान पर एक डिजिटल बुकलेट प्रकाशित करना चाहिए। साथ ही हम यह लक्ष्य निर्धारित करें कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती यानी 25 सितंबर तक कम से कम तीन भाषाओं हिंदी, अंग्रेजी और मातृभाषा में डिजिटल बुकलेट प्रकाशित हो जाए। यह ऐसी चीज है जो भविष्य में प्रेरणा देने वाली है। पीएम ने पार्टी की अन्य इकाइयों से भी अपील किया कि वे अपना प्रस्तुतीकरण भेजें, मैं उन्हें देखूंगा।

सत्ता को अपने लाभ का माध्यम नहीं बनाया

पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी हर दिन अपने घर से 500 लोगों को खाना पहुंचाने का प्रबंध किया। जिस पार्टी के शीर्ष से लेकर बूथ स्तर तक के कार्यकर्ता, सांसद, विधायक सेवा को ही अपना कर्तव्य माने, जीवन मंत्र माने, इसे देख कर हमें गर्व होता है कि हम ऐसे सेवाव्रती संगठन के सदस्य हैं। जन संघ के समय से ही ये सेवा भाव की परंपरा और संस्कार हमारे अंदर आत्मसात हुए। उन्होंने कहा कि जनसंघ और भाजपा के जन्म का मूलत: उद्देश्य ही यही था कि हमारा देश सुखी कैसे बने, समृद्ध कैसे बने। इसी मूल प्रेरणा के साथ, भारतीयता की प्रेरणा के साथ, सेवा की भावना के साथ राजनीति में आए। साथ ही राजनीति में सदैव ही सत्ता को सेवा का माध्यम माना। कभी भी सत्ता को अपने लाभ का माध्यम नहीं बनाया। नि:स्वार्थ सेवा ही हमारा संकल्प रहा है और यही हमारे संस्कार रहे हैं। हमें अपने पूर्वगामियों की तपस्या से ये संस्कार मिले हैं। हमारा यह समर्पित जीवन आगे की पीढिय़ों के लिए भी प्रेरणा देगा।

सात S को पार्टी का मूल मंत्र बताया

प्रधानमंत्री मोदी ने सात S को पार्टी का मूल मंत्र बताते हुए कहा कि हमें 7 एस अर्थात् सेवा भाव, संतुलन, संयम, समन्वय, सकारात्मकता, सद्भाव और संवाद की शक्ति को लेकर आगे बढऩा चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पार्टी के 52 अनुसूचित जाति के सांसद, 43 आदिवासी सांसद, 113 से अधिक पिछड़े वर्ग के सांसद और विधानसभाओं में 150 से अधिक विधायक हैं। भाजपा सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करती है। इसका यह भी मतलब है कि भाजपा हर वर्ग से जुड़ी हुई है और समाज का हर वर्ग हमसे जुड़ा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में ‘स्पर्धा’ का एक गुण भी होता है लेकिन जब एक समान लक्ष्य के साथ समान भाव से सेवा का कार्य किया जाय तो यह संगठन की शक्ति बन जाता है। इससे न केवल संगठन की टीम भावना प्रबल होती है बल्कि व्यक्ति और व्यक्तित्व का भी विकास होता है। इस तरह के सेवा अभियानों से लोगों की मदद तो होती ही है, पार्टी कार्यकर्ताओं को भी समाज को जानने का, नए तरीके से सोचने का अवसर मिलता है। यह पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए एक तरह से प्रशिक्षण का भी काम करता है।

Related Articles

1 COMMENT

  1. कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री ने बहुत अच्छा उद्बोधन दिया है इसका असर बूथ स्तर पर संगठन को देखने को मिलेगा

Comments are closed.

epaper

Latest Articles