गांधीनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई ‘प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना’ (PM SVAMITVA Yojana) आज ग्रामीण सशक्तिकरण का सबसे बड़ा जरिया बन चुकी है। दशकों से गांवों में रहने वाले लोग अपने ही घरों के मालिकाना हक के कानूनी दस्तावेजों (प्रॉपर्टी कार्ड) के लिए तरस रहे थे, जिससे वे वित्तीय लाभों से वंचित थे। लेकिन इस महाअभियान ने तस्वीर बदल दी है, और इस रेस में गुजरात ने पूरे देश को पीछे छोड़कर नंबर-1 का स्थान हासिल कर लिया है।
अकेले गुजरात की हिस्सेदारी 50% से अधिक
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के कुशल नेतृत्व में गुजरात ने इस योजना में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। योजना के दूसरे चरण के तहत देश भर में जितने भी प्रॉपर्टी कार्ड बांटे गए हैं, उनमें से आधी से ज्यादा (50 फीसदी से अधिक) हिस्सेदारी अकेले गुजरात की है। अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक (Drone Technology) का इस्तेमाल कर राज्य सरकार अब तक 18.50 लाख से अधिक ग्रामीण संपत्तियों के कानूनी ‘प्रॉपर्टी कार्ड’ तैयार कर चुकी है।
आंकड़ों में गुजरात की बादशाहत
साल 2021-22 में इस योजना के दूसरे चरण से जुड़ने के बाद गुजरात ने राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान पाया है। राष्ट्रीय आंकड़ों पर नजर डालें तो:
- देश भर के 58,197 गांवों में ड्रोन सर्वे हुआ, जिसमें कुल 32,35,260 प्रॉपर्टी कार्ड बने।
- इनमें से अकेले गुजरात ने 14,900 गांवों में ड्रोन उड़ान पूरी की और 18,50,614 प्रॉपर्टी कार्ड तैयार कर देश में सबसे बड़ी कामयाबी हासिल की।
- गुजरात के मेहसाणा (1,66,504 कार्ड) और अहमदाबाद (1,53,125 कार्ड) जिले इस अभियान में सबसे आगे रहे हैं। इसके अलावा खेड़ा, बनासकांठा और आणंद में भी 1-1 लाख से अधिक कार्ड बने हैं।
विवाद हुए खत्म, अब घर पर मिल रहा 50 लाख तक का लोन
भारतीय सर्वेक्षण विभाग, गुजरात राजस्व विभाग और पंचायती राज विभाग के बेहतरीन तालमेल ने इस योजना को पारदर्शी बनाया है। जीआईएस (GIS) मैपिंग के कारण पीढ़ियों से चले आ रहे जमीन के आपसी विवाद और कोर्ट-कचहरी के चक्कर पूरी तरह खत्म हो गए हैं।
सबसे बड़ा फायदा यह हुआ है कि ग्रामीण संपत्तियों को अब ‘वित्तीय एसेट’ की मान्यता मिल गई है। इस प्रॉपर्टी कार्ड की बदौलत ग्रामीण अब बैंकों से आसानी से लोन ले पा रहे हैं। गुजरात में इस कार्ड के आधार पर 50 लाख रुपये तक के बैंक लोन भी मंजूर किए गए हैं, जिससे गांवों में व्यापार, शिक्षा और आजीविका के नए रास्ते खुले हैं।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Women Express पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

