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Friday, September 17, 2021
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पहला चरण: पश्चिम बंगाल 30 में 26, असम में 47 में से 37 सीटें जीतेगी BJP

—बंगाल एवं असम में पहले चरण की हुई बंपर वोटिंग से भाजपा गदगद
—पश्चिम बंगाल में 200 सीटों के साथ बीेजेपी की बनेगी स्पष्ट सरकार : अमित शाह
—दीदी की खिसक चुकी है जमीन, मां, माटी और मानुष के वादे खोखले

नयी दिल्ली/ खुशबू पाण्डेय : केंद्रीय गृह मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने आज यहां रविवार को पश्चिम बंगाल एवं असम में प्रथम चरण के मतदान में बूथ-स्तर से मिले फीडबैक के आधार पर दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी, पश्चिम बंगाल और असम, दोनों जगह भारी बहुमत से सरकार बनाने जा रही है। अपने सरकारी निवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पश्चिम बंगाल में 84 प्रतिशत एवं असम में 79 प्रतिशत से अधिक मतदान भाजपा के लिए शुभ संकेत है। पार्टी की चुनाव मशीनरी में लगे जिम्मेदार लोगों के अनुसार पश्चिम बंगाल में इस चरण में 30 में से कम से कम 26 तथा असम में 47 में से कम से कम 37 सीटों पर भाजपा विजयी रहेगी। उन्होंने यह दावा भी किया कि पश्चिम बंगाल में आठों चरण के मतदान में भाजपा तृणमूल से काफी आगे रहेगी।

अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लगभग 84 प्रतिशत से अधिक और असम में 79 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ है और शांतिपूर्ण मतदान हुआ है। पश्चिम बंगाल और असम, दोनों हर चुनाव में चुनावी हिंसा के लिए जाना जाने वाले प्रदेश थे, लेकिन कल दोनों जगहों पर कहीं भी हिंसा नहीं हुई, चुनाव में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई। मतदाताओं का भारी उत्साह बताता है कि यह दोनों राज्यों में लोकतंत्र की दृष्टि से आने वाले दिनों के लिए एक शुभ संकेत है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि दोनों राज्यों में भाजपा के कार्यकर्ताओं, ग्राउण्ड में मौजूद कार्यकर्ताओं, बूथ स्तर तक पार्टी का प्रचार करने वाले कार्यकर्ताओं और जिला एवं प्रदेश स्तर के नेतृत्व से विस्तृत चर्चा करने के बाद मानता हूँ कि पश्चिम बंगाल में भाजपा प्रथम चरण के मतदान में 30 में से 26 से अधिक सीटों पर विजयी हो रही है। हमारी सीटें भी बड़ी मात्रा में बढ़ रही हैं और सीटों पर जीत का अंतर भी बहुत बड़ी मात्रा में बढ़ रहा है। जहाँ तक असम का सवाल है तो भाजपा प्रथम चरण के मतदान में असम में 47 में से 37 से अधिक सीटों पर विजय प्राप्त करेगी।
केंद्रीय गृह मंत्री ने पश्चिम बंगाल की मातृशक्ति खासकर महिलाओं का आभार प्रकट किया। पहले चरण के चुनाव में महिलाओं ने बढ़-चढ़ कर भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में मतदान किया है। प्रथम चरण के मतदान में 26 सीटों में विजय की प्रबल संभावना के साथ भारतीय जनता पार्टी की जो शुरुआत हुई है, वह 200 से अधिक सीटों पर जीत के हमारे लक्ष्य को सिद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसी तरह चुनाव आगे बढ़ता रहा तो भारतीय जनता पार्टी निश्चित रूप से 200 से अधिक सीटों पर विजयश्री के साथ पश्चिम बंगाल में सरकार बनाएगी। गृह मंत्री ने दोहराया कि भाजपा पश्चिम बंगाल में 200 से अधिक सीटें जीतेगी और नंदीग्राम में भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 25 से 30 हजार वोटाें से शिकस्त देगी। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में जनता ने परिवर्तन का मन बना लिया है। मां, माटी और मानुष के वादे खोखले साबित हुए हैं। सुश्री ममता बनर्जी के पैरों के नीचे की जमीन खिसक चुकी है और जनता ने खिसकायी है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने स्वीकार किया कि नागरिकता संशोधन कानून असम एवं पश्चिम बंगाल दोनों राज्यों में एक बड़ा मुद्दा है। जनता में जागृति आयी है।

असम में सकारात्मक मतदान हुआ, सरकार ने किया है काम

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल और असम, दोनों राज्यों में सकारात्मक मतदान हुआ है। असम में भाजपा सरकार के नेतृत्व में आतंकवाद-मुक्त असम, आंदोलन-मुक्त असम, विकास के रास्ते पर चल पड़े हुए असम और रोजगार के रास्ते पर चल पड़े हुए असम के पक्ष में स्पष्ट जनादेश दिखाई देता है। इसके साथ ही, असम में भाजपा के बाढ़-मुक्त असम के वादे को भी जनता का बहुत बड़ा समर्थन मिला है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में असम में जो विकास हुआ है, मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और हिमंता बिस्वा शर्मा की जोड़ी ने जिस प्रकार से प्रदेश में अभूतपूर्व विकास कर के दिखाया है, इसे बहुत बड़ा जन-समर्थन मिलता हुआ दिखाई देता है। असम की जनता को डबल इंजन सरकार का कंसेप्ट भारतीय जनता पार्टी के आचरण से समझ में आया है। ब्रह्मपुत्र नदी पर 6 पुलों का निर्माण होना, केवल पांच वर्षों में असम में 20,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण होना, काजीरंगा का अवैध घुसपैठियों से मुक्त होना और श्रीमंत शंकर देव एवं श्रीमंत माधव देव की सत्र भूमि का भी अतिक्रमण से मुक्त होना जैसे ढेर सारे कार्यों के प्रति असम की जनता का भाजपा के प्रति एक सकारात्मक झुकाव स्पष्ट नजर आता है। प्रथम चरण में 47 सीटों पर हुए मतदान के बाद इसका मुझे विश्वास है कि इन 47 सीटों में से भाजपा गठबंधन की सीटें 37 से कम नहीं होगी।

बंगाल में तुष्टिकरण और घुसपैठ की राजनीति

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जिस तरह तुष्टिकरण और घुसपैठ की राजनीति हो रही थी, तृणमूल कांग्रेस द्वारा जन-कल्याण की योजनाओं और अम्फान के रिलीफ फंड में भी जिस तरह भ्रष्टाचार किया गया, कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भी जिस तरह गरीबों के लिए भेजे गए अनाज की चोरी की गई और कोरोना के खिलाफ देश की लड़ाई को कमजोर करने का प्रयास किया गया, जिस तरह से बंगाल में औद्योगिक विकास एवं महिला सुरक्षा की स्थिति अत्यंत ही दयनीय हो गई थी, उससे पश्चिम बंगाल की जनता में घोर निराशा और हताशा का माहौल था। 27 वर्षों तक कम्युनिस्टों के शासन के बाद बंगाल की जनता के मन में यह आशा थी कि दीदी प्रदेश में एक नई शुरुआत लेकर आएगी लेकिन दल का नाम बदल गया, दल का चुनाव चिह्न बदल गया लेकिन बंगाल वहीं का वहीं रहा और विकास की दौड़ में पिछड़ता ही चला गया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में “सोनार बांग्ला” का जो विजन दिया है, उससे हम पश्चिम बंगाल की जनता के मन में एक आशा की ज्योति जलाने में सफल रहे हैं।

पहली बार बगैर हिंसा के चुनाव हुआ, कोई मरा नहीं

भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने कहा कि हमारे जो भी पार्टी कार्यकर्ता चुनाव मैदान में थे, पार्टी का प्रचार करने में लगे हुए थे, उनमें थोड़ी दहशत थी कि हर बार की तरह गुंडे इस बार भी चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश करेंगे, चुनाव प्रक्रिया को प्रदूषित करेंगे, लेकिन पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण चुनाव कराने में सफलता मिली है। इसके लिए चुनाव आयोग बधाई का पात्र है। सालों के बाद यह पहली बार हुआ है जहां एक भी व्यक्ति की जान गए बगैर, एक भी बम फटे बगैर, एक भी गोली चले बगैर और एक भी बूथ पर री-पोलिंग की मांग के बगैर चुनाव का एक चरण संपन्न हुआ है। यह पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र की मजबूती के लिए एक शुभ संकेत है।

फोन टैपिंग की जिस बात को लेकर सनसनी फैलाने का प्रयास

प्रधानमंत्री मोदी के बंगलादेश के दौरे को लेकर सुश्री बनर्जी के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर शाह ने कहा कि चुनावी आचार संहिता भारत की सीमा में काम करती है। मोदी वहां भारत एवं बंगलादेश के संबंधों को मजबूत करने के लिए गये थे। उन्होंने वहां कोई चुनाव आदि की बात नहीं की है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि फोन टैपिंग की जिस बात को लेकर सनसनी फैलाने का प्रयास किया जा रहा है, वह कोई गोपनीय बात नहीं थी, चुनाव आयोग को वह लिखित में दिया गया है। पर प्रतिप्रश्न यह उठता है कि फोन टैप किसके आदेश पर कराये गये।

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