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Sunday, May 22, 2022

कोरोना : प्रधानमंत्री मोदी का नया मंत्र, ‘जहां बीमार वहां उपचार’

-PM मोदी ने वाराणसी के डॉक्टरों, अधिकारियों से की बातचीत
-संसदीय क्षेत्र काशी के कोरोना योद्वाओं का बढ़ाया हौसला,
-अभी संतोष का समय नहीं, करनी है कोविड-19 से लंबी लड़ाई : मोदी
-बनारस और पूर्वांचल के ग्रामीण इलाकों पर फोकस करने का किया आग्रह
-‘माइक्रो-कंटेनमेंट जोन’ तथा ‘दवाओं की होम डिलीवरी’ पहल को सराहा

नई दिल्ली /नेशनल ब्यूरो : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के डॉक्टरों और अधिकारियों से बातचीत की। साथ ही महामारी को काफी हद तक नियंत्रित करने में मेडिकल टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए हौंसला बढ़ाया। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से बनारस और पूर्वांचल के ग्रामीण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करके लंबी लड़ाई लडऩे का आग्रह किया। इसके साथ ही कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए कोविड प्रबंधन में नया मंत्र ‘जहां बीमार वहां उपचार दिया। साथ ही कहा कि प्रभावितों के घरों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की व्यवस्था उपलब्ध कराने से स्वास्थ्य प्रणाली पर भार कम होगा। पीएम ने कहा कि अभी संतोष का समय नहीं, कोविड-19 से लंबी लड़ाई करनी है, इसलिए सभी लोग सतर्क और तैयार रहें।

प्रधानमंत्री ने गांवों में कोविड-19 के खिलाफ जारी लड़ाई में आशा तथा एएनएम कर्मियों द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया और स्वास्थ्य अधिकारियों से उनकी क्षमताओं और अनुभवों का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस दूसरी लहर के दौरान अग्रणी कर्मचारी लोगों की सेवा सुरक्षित ढंग से करने में सक्षम हुए हैं क्योंकि उन्हें टीका लगाया गया था। उन्होंने सभी से अपनी बारी आने पर टीका लगाने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने यूपी सरकार के प्रयासों के कारण पूर्वांचल में बच्चों में इनसेफ्लाइटिस मामलों में काफी हद तक नियंत्रण किए जाने का उदाहरण दिया। उन्होंने महामारी के खिलाफ लड़ाई में ब्लैक फंगस द्वारा पेश नई चुनौती से सचेत रहने को कहा। उन्होंने कहा कि पूर्व चेतावनियों और इससे निपटने के लिए आवश्यक तैयारियों के प्रति ध्यान देना महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री ने माइक्रो-कंटेनमेंट जोन पहल की प्रशंसा तथा दवाओं की होम डिलीवरी की सराहना की। साथ ही स्वास्थ्य कर्मचारियों से ग्रामीण क्षेत्रों में इस अभियान को जहां तक संभव हो सके वहां तक व्यापक बनाने का अनुरोध किया। प्रधानमंत्री मोदी ने महामारी के फैलाव को रोकने के लिए सरकारी एवं निजी संस्थाओं के संयुक्त प्रयास से चल रहे काशी कवच के प्रयासों की सराहना की। काशी कवच नामक टेली मेडिसिन सुविधा प्रदान करने में डॉक्टरों, लैब तथा ई-मार्केटिंग कंपनियों को एक साथ लाने का कदम बहुत नवाचारी है। बता दें कि कार्यक्रम के दौरान कोविड की अब तक की स्थिति व रोकथाम की तैयारी को लेकर कमिश्नर दीपक अग्रवाल प्रेजेंटेशन दिया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने अपनी बात रखी। इस दौरान डीआरडीओ के ब्रिगेडियर, कैंसर अस्पताल के चिकित्सक, सीएमएस के अलावा फ्रंटलाइन के दो-तीन वर्कर से बातचीत की।

अपनो के खोने पर प्रधानमंत्री मोदी के छलके आंसू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना की दूसरी लहर से वाराणसी की स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ते दबाव को एक बड़ी चुनौती बताते हुए इससे निपटने में दिन-रात जुटे चिकित्साकर्मियों के साथ अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों के असाधारण योगदान को सराहनीय बताया। साथ ही वायरस से लड़ते हुए दम तोडऩे वाले यहां के अपनो के प्रति श्रद्धांजलि देते हुए भावुक हो गए। इस दौरान प्रधानमंत्री ने हाथ जोड़कर कहा किस इस वायरस ने हमारे कई अपनों को हमसे छीना है। मैं उन सभी लोगों को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि देता हूं और उनके परिजनों के प्रति सांत्वना व्यक्त करता हूं। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी वेव में कई मोर्चों पर एक साथ लडऩा पड़ रहा है। इस बार संक्रमण दर भी पहले से कई गुणा ज्यादा है और मरीजों को ज्यादा दिनों तक अस्पताल में रहना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री ने इस दौरान काशी के डॉक्टरों, नर्सों, तकनीशियनों, वार्ड ब्वाय, एंबुलेंस चालकों और अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मचारियों के कार्यों के लिए उनकी प्रशंसा की। पीएम ने बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो.केके गुप्ता, भाभा कैंसर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. असीम मिश्रा, मंडलीय अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. प्रसन्न कुमार से भी बातचीत की।

चुनौतियों से निपटने के लिए डाक्टरों ने दी प्रधानमंत्री को जानकारी

वाराणसी के डॉक्टरों और अधिकारियों ने प्रधानमंत्री के निरंतर और सक्रिय नेतृत्व के लिए उन्हें धन्यवाद दिया, जिससे स्वास्थ्य संरचना बढ़ाने और आवश्यक दवाओं तथा वेंटिलेटर तथा ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर की आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिली। कोविड को नियंत्रित करने के लिए पिछले एक महीने में किए गए प्रयासों, टीकाकरण की स्थिति तथा भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयारियों की जानकारी प्रधानमंत्री को दी गई। डॉक्टरों ने प्रधानमंत्री को यह भी बताया कि वे म्यूरोर्मिकोसिस के खतरे को लेकर सचेत हैं और उनके द्वारा कदम उठाए गए हैं तथा रोग प्रबंधन के लिए सुविधाएं तैयार की गई हैं।

टीके की बर्बादी को कम करने की दी नसीहत

प्रधानमंत्री ने कोविड से लडऩे वाली मानव शक्ति के निरंतर प्रशिक्षण के महत्व पर बल दिया और अधिकारियों तथा डॉक्टरों को प्रशिक्षण सत्र, वेबीनार आयोजित करने की सलाह दी, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में काम कर रहे चिकित्सा सहायकों और डॉक्टरों के लिए। उन्होंने अधिकारियों से जिले में टीके की बर्बादी को कम करने की दिशा में काम करने को कहा। साथ ही बनारस में कम समय में तेजी से ऑक्सीजन और आईसीयू बेड की संख्या बढ़ाने और बहुत कम समय में पंडित राजन मिश्रा कोविड अस्पताल को सक्रिय करने की सराहना की। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि वाराणसी में एकीकृत कोविड कमान प्रणाली ने अच्छा काम किया और कहा कि वाराणसी का उदाहरण दुनिया को प्रेरित करता है।

पूर्व योजनाओं से कोरोना की लड़ाई में मदद मिली

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जो योजनाएं बनीं हैं और जो अभियान चलाए गए हैं उनसे कोरोना से लडऩे में काफी मदद मिली है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत बनाए गए शौचालय, आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत नि:शुल्क इलाज की सुविधा, उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर, जन धन बैंक खाता या फिट इंडिया अभियान, योग और आयुष के प्रति जागरूकता जैसे कदमों से कोरोना के खिलाफ लड़ाई में लोगों की शक्ति में वृद्धि हुई है।

हमारी लड़ाई रूप बदलने वाले धूर्त के खिलाफ

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब हमारी लड़ाई रूप बदलने वाले धूर्त के खिलाफ है। बच्चों को भी बचाकर रखना है। उनके लिए भी तैयारी करनी है। यूपी के अधिकारियों से बात कर रहा था तो बताया कि पूरी व्यवस्था के लिए यूपी सरकार काम शुरू कर चुकी है। हमारी लड़ाई में ब्लैक फंगस की भी चुनौती है। जरूरी सावधानी और व्यवस्था पर काम करना है। हम सबका सामूहिक प्रयास और बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से काशी जीतेगी। बाबा को प्रणाम करता हूं कि बाबा मानव जाति का कल्याण करते हैं।

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