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विद्या से विवेक, कौशल से विकास और उत्तम स्वास्थ्य से हर संकल्प को सिद्धि मिलती है: PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर प्रेरणादायक संस्कृत सुभाषित साझा किया है। पीएम मोदी ने विद्या, कौशल, उत्तम स्वास्थ्य और संतोष को जीवन के सबसे बड़े उत्तम गुण बताया है।

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बुधवार को सुभाषित शेयर किया। प्रधानमंत्री की ओर से सोशल मीडिया पर लिखा गया, “विद्या से विवेक, कौशल से विकास और उत्तम स्वास्थ्य से हर संकल्प को सिद्धि मिलती है। आज हमारे युवा इन्हीं गुणों को आत्मसात कर देश की पहचान को और सशक्त बना रहे हैं।”

पीएम ने संस्कृत श्लोक “धन्यानामुत्तमं दाक्ष्यं धनानामुत्तमं श्रुतम्। लाभानां श्रेय आरोग्यं सुखानां तुष्टिरुत्तमा।” भी साझा किया है, जिसका हिंदी अर्थ है कि सभी श्रेष्ठ गुणों में कौशल सबसे उत्तम है, सभी धनों में विद्या सबसे बड़ी संपत्ति है, सभी लाभों में उत्तम स्वास्थ्य सबसे बड़ा लाभ है और सभी सुखों में संतोष सबसे श्रेष्ठ है।

बीते दिन मंगलवार को सुभाषित शेयर करते हुए पीएम मोदी ने लिखा था, “प्रभया हि विना यद्वद् भानुरेष न विद्यते। प्रभा च भानुना तेन सुतरां तदुपाश्रया॥” इस श्लोक का हिंदी अर्थ है कि जिस प्रकार सूर्य अपनी प्रकाश के बिना दृष्टिगोचर नहीं होता, उसी प्रकार प्रकाश की सूर्य के बिना अस्तित्व में नहीं रह सकता। इस प्रकार, सूर्य और प्रकाश का संपूर्ण अस्तित्व एवं शक्ति एक-दूसरे पर पूर्णत: आश्रित हैं।

प्रधानमंत्री की ओर से सोमवार को सोशल मीडिया पर सुभाषित शेयर करते हुए लिखा गया था, “जब चौतरफा विकास के साथ हर देशवासी के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित होता है, तब राष्ट्र की प्रगति को भी नई गति मिलती है। इसी प्रेरक भावना के साथ हम भारत के सामर्थ्य को निरंतर मजबूती देने में जुटे हुए हैं।”

उन्होंने एक श्लोक “कन्यानां सम्प्रदानञ्च कुमाराणाञ्च रक्षणम्। राष्ट्रस्य सङ्ग्रहे नित्यं विधानमिदमाचरेत्॥” भी शेयर किया था। इस श्लोक का हिंदी अर्थ है कि कन्याओं के हितों की समुचित व्यवस्था करना, नई पीढ़ी के संरक्षण एवं विकास को सुनिश्चित करना तथा राष्ट्र की एकता, सुरक्षा, समृद्धि और सुव्यवस्थित संचालन के लिए निरंतर आवश्यक प्रबंधन करना, ये प्रत्येक जनप्रतिनिधि के नित्य कर्तव्य हैं।

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प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सोमवार से बुधवार तक साझा किए गए तीनों संस्कृत श्लोक और उनके गहरे संदेश इस प्रकार हैं:

  1. बुधवार (कौशल और स्वास्थ्य): “धन्यानामुत्तमं दाक्ष्यं…” श्लोक के जरिए पीएम ने बताया कि सभी गुणों में कौशल (Skill) सबसे उत्तम है, विद्या सबसे बड़ी संपत्ति है, स्वास्थ्य (Health) सबसे बड़ा लाभ है और संतोष सबसे श्रेष्ठ सुख है।

  2. मंगलवार (परस्पर निर्भरता): “प्रभया हि विना यद्वद्…” श्लोक साझा करते हुए पीएम ने सूर्य और प्रकाश का उदाहरण दिया कि कैसे दोनों का अस्तित्व एक-दूसरे पर आश्रित है।

  3. सोमवार (राष्ट्र और जनप्रतिनिधि कर्तव्य): “कन्यानां सम्प्रदानञ्च…” श्लोक के जरिए उन्होंने संदेश दिया कि नई पीढ़ी का संरक्षण, बेटियों के हितों की व्यवस्था और देश की सुरक्षा-समृद्धि सुनिश्चित करना हर जनप्रतिनिधि का नित्य कर्तव्य है।

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