Mouth Ulcers Remedies: मुंह में होने वाले छाले भले ही आकार में बेहद छोटे होते हैं, लेकिन इनकी वजह से होने वाली तकलीफ और परेशानी बहुत ज्यादा हो सकती है। जब भी मुंह के भीतर मसूड़ों, जीभ या गालों के अंदरूनी हिस्से में छाले होते हैं, तो व्यक्ति का खाना-पीना, बोलना और यहाँ तक कि सामान्य पानी पीना भी दूभर हो जाता है। वैसे तो आमतौर पर ये छाले कुछ दिनों के भीतर अपने आप ही ठीक हो जाते हैं, लेकिन जब तक ये रहते हैं, तब तक असहनीय दर्द और तीखी जलन बनी रहती है।
इस तकलीफ को कम करने के लिए लोग बरसों से कई तरह के आसान घरेलू उपाय आजमाते आ रहे हैं। इन घरेलू नुस्खों में इस्तेमाल होने वाली प्राकृतिक चीजों में कुछ ऐसे विशेष औषधीय गुण छिपे होते हैं, जो मुंह की सूजन, तीखे दर्द और संक्रमण को तेजी से कम करने में मददगार साबित होते हैं।
क्यों होते हैं मुंह में छाले? जानिए इसके वैज्ञानिक कारण
विज्ञान और डॉक्टरों के अनुसार, मुंह में छाले होने के पीछे कोई एक वजह नहीं होती, बल्कि इसके कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। मानव शरीर में विटामिन बी12, आयरन या फोलिक एसिड जैसे जरूरी पोषक तत्वों की कमी होना इसका एक मुख्य कारण है। इसके अलावा, अत्यधिक मानसिक तनाव (स्ट्रेस), शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव, ब्रश करते समय या अनजाने में मुंह के अंदर कोई चोट लग जाना अथवा शरीर की रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) का कमजोर हो जाना भी छालों को न्यौता देता है।
यद्यपि घरेलू उपाय इन छालों के दर्द को अस्थाई रूप से शांत कर सकते हैं, लेकिन यदि छाले लंबे समय तक ठीक न हों, तो चिकित्सक से परामर्श लेना बेहद जरूरी होता है।
छालों से राहत पाने के 5 सबसे असरदार घरेलू तरीके
- नमक के गुनगुने पानी से कुल्ला: मुंह के छालों के इलाज में यह सबसे ज्यादा लोकप्रिय और पुराना तरीका है। नमक में मौजूद सोडियम क्लोराइड शरीर के लिए एक आवश्यक और सामान्य तत्व है। जब नमक को हल्के गुनगुने पानी में घोलकर कुल्ला (गार्गल) किया जाता है, तो यह मुंह के भीतर मौजूद अतिरिक्त हानिकारक बैक्टीरिया की संख्या को तेजी से घटाता है। नमक में एंटीमाइक्रोबियल प्रभाव होता है, जो सूक्ष्म जीवों को बढ़ने से रोकता है। साथ ही यह प्रभावित जगह से गंदगी साफ कर सूजन को कम करता है।
- शहद का सुरक्षा कवच: शहद भी छालों के घाव को भरने का एक बेहतरीन प्राकृतिक उपाय है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो बैक्टीरिया को मारकर सूजन को समाप्त करते हैं। शहद में मौजूद प्राकृतिक शर्करा और अन्य तत्व छाले के ऊपर एक सुरक्षात्मक पतली परत बना देते हैं, जिससे भोजन या पानी के संपर्क में आने पर बाहरी जलन कम महसूस होती है। इसके एंटीऑक्सीडेंट तत्व भी शरीर को फायदा पहुंचाते हैं।
- नारियल तेल की नमी: नारियल के तेल में ‘लॉरिक एसिड’ नाम का एक बेहद महत्वपूर्ण घटक पाया जाता है। यह लॉरिक एसिड मुख्य रूप से हानिकारक बैक्टीरिया और अंदरूनी सूजन से डटकर लड़ता है। जब नारियल के तेल को छाले वाली जगह पर लगाया जाता है, तो यह उस संवेदनशील हिस्से को हर समय नम (Moist) बनाए रखता है। चूंकि मुंह की सूखी त्वचा में जलन और घर्षण ज्यादा होता है, इसलिए नमी बने रहने से दर्द का अहसास काफी हद तक कम हो जाता है। हालांकि, यदि किसी को इसे लगाने से परेशानी बढ़े, तो इसका उपयोग तुरंत बंद कर देना चाहिए।
- बेकिंग सोडा से पीएच संतुलन: कई लोग छालों की तीखी जलन को शांत करने के लिए बेकिंग सोडा का भी प्रयोग करते हैं। बेकिंग सोडा में उपस्थित सोडियम बाइकार्बोनेट मुंह के भीतर के अम्लीय (Acidic) स्तर को संतुलित बनाए रखने में मदद करता है। कई बार मुंह का वातावरण ज्यादा एसिडिक होने से छालों का दर्द असहनीय हो जाता है। ऐसे में बेकिंग सोडा को पानी में मिलाकर कुल्ला करने से मुंह का पीएच (pH) स्तर सामान्य हो जाता है और जलन कम होती है।
- बर्फ या ठंडी चीजों की सिकाई: मुंह के छालों पर बर्फ का टुकड़ा लगाने या ठंडा पानी मुंह में रोकने से भी दर्द में तुरंत आराम मिलता है। ठंडक की वजह से कुछ समय के लिए उस हिस्से की नसें सुन्न हो जाती हैं, जिससे मस्तिष्क तक दर्द का संकेत नहीं पहुंचता। ध्यान रहे कि बर्फ को सीधे और बहुत लंबे समय तक छाले पर दबाकर नहीं रखना चाहिए।
यदि आपके मुंह के छाले तमाम उपायों के बाद भी दो हफ्ते (14 दिन) से अधिक समय तक बने रहते हैं और ठीक नहीं होते हैं, तो बिना किसी लापरवाही के तुरंत डॉक्टर के पास जाकर इसकी उचित जांच करानी चाहिए।
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