कोलकाता। कोलकाता पुलिस ने ट्रेनिंग क्लास के दौरान नाबालिग छात्राओं के यौन उत्पीड़न करने के आरोप में एक मार्शल आर्ट्स टीचर को गिरफ्तार किया। एक सीनियर अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार टीचर का नाम प्रोसेनजीत दास है। उसे शनिवार को उसके एक स्टूडेंट की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया। उस पर बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम’ 2012 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार वह दक्षिण कोलकाता के सर्वे पार्क इलाके में एक एनजीओ हॉस्टल में ट्रेजरर के तौर पर काम करता था। नाबालिग लड़कियां एनजीओ हॉस्टल में रहती थीं और वहीं पढ़ती थीं।
एनजीओ उन्हें खेलों में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित करता था। इसीलिए ट्रेजरर के तौर पर काम करने के साथ-साथ प्रोसेनजीत बच्चों को कराटे और कुंग-फू भी सिखाता था।
आरोप है कि वह मार्शल आर्ट्स सिखाने के बहाने नाबालिग लड़कियों को गलत तरीके से छूता था। हालांकि कई लड़कियों को यह असहज लगता था, लेकिन उनमें टीचर के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत नहीं थी।
यह भी आरोप है कि आरोपी उनमें से कुछ लड़कियों को अलग से सिखाने के बहाने हॉस्टल के अंदर किसी सुनसान जगह पर बुलाता था और उनका यौन शोषण करता था।
दक्षिण कोलकाता के रवींद्र सरोवर इलाके की एक नाबालिग लड़की, जिसके माता-पिता अलग हो गए थे, सर्वे पार्क के हॉस्टल में रह रही थी। बाकी लड़कियों की तरह उसने भी प्रोसेनजीत से मार्शल आर्ट्स सीखना शुरू किया।
नाबालिग ने आरोप लगाया कि टीचर हॉस्टल में कई महीनों से उसका यौन शोषण कर रहा था। उसने आरोपी से बचने की कोशिश की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। टीचर लड़की को डराता-धमकाता था और अलग क्लास लेने के बहाने उसे सुनसान जगह पर ले जाता था। वहां उसका लगातार यौन शोषण किया जाता था।
पुलिस ने आगे बताया कि कई महीनों तक यौन शोषण सहने के बाद उसे पैनिक अटैक आने लगे। हॉस्टल के एक दूसरे टीचर ने इस बात पर ध्यान दिया। उसने सहानुभूतिपूर्वक लड़की से इसका कारण पूछा। तब वह टूट गई और उसने टीचर को सब कुछ बता दिया।
अधिकारियों से बात करने के बाद टीचर ने सीधे चाइल्ड वेलफेयर कमेटी से शिकायत की। शिकायत मिलने पर कमेटी के सदस्यों ने हॉस्टल का दौरा किया और जांच की। नाबालिग से बात करने के बाद कमेटी ने उसे एक होम में रखने की व्यवस्था की। शुरुआत में, नाबालिग की ओर से रबींद्र सरोवर पुलिस स्टेशन में मार्शल आर्ट्स टीचर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी।
चूंकि घटना सर्वे पार्क पुलिस स्टेशन इलाके में हुई थी, इसलिए रबींद्र सरोवर पुलिस स्टेशन ने जीरो एफआईआर दर्ज की और शिकायत को सर्वे पार्क पुलिस स्टेशन भेज दिया।
जांच के बाद पुलिस ने शनिवार को मार्शल आर्ट्स टीचर प्रोसेनजीत दास को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि वे उससे पूछताछ कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उसने अतीत में कितने नाबालिगों का यौन शोषण किया है।
Kolkata Case Timeline: जानिए कैसे बेनकाब हुआ आरोपी प्रोसेनजीत दास?
एनजीओ हॉस्टल के भीतर सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करने वाली इस घटना की मुख्य कड़ियां इस प्रकार हैं:
दोहरी भूमिका में आरोपी: गिरफ्तार आरोपी प्रोसेनजीत दास दक्षिण कोलकाता के सर्वे पार्क इलाके में स्थित एक एनजीओ हॉस्टल का ट्रेजरर था। वह वहां रहने वाली बच्चियों को कराटे और कुंग-फू की ट्रेनिंग भी देता था।
डर और अकेलापन: आरोप है कि वह अलग क्लास देने और प्रैक्टिस कराने के बहाने बच्चियों को हॉस्टल के सुनसान हिस्सों में ले जाता था। बच्चियां डर के कारण लंबे समय तक चुप रहीं।
पैनिक अटैक से खुला राज: महीनों तक प्रताड़ना झेलने के बाद एक पीड़ित नाबालिग को पैनिक अटैक आने लगे। हॉस्टल के दूसरे टीचर ने जब सहानुभूति से पूछा, तब पूरा सच सामने आया।
जीरो एफआईआर और गिरफ्तारी: चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की शिकायत के बाद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पहले रबींद्र सरोवर पुलिस स्टेशन में ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज हुई, जिसे बाद में सर्वे पार्क पुलिस को ट्रांसफर कर शनिवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
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