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Tuesday, April 13, 2021

गुरुद्वारा बंगला साहिब : 25 मिनट में बनेगी 500 किलो दाल, गुथेगा डेढ़ क्विंटल आटा

—10 महीने बाद नये रूप में गुरुद्वारा बंगला साहिब में लंगर सेवा शुरू
—अति आधुनिक लंगर हाल एवं हाईटेक रसोई संगतों को सुर्पुद, उमड़ी संगत
—दुनिया की पहली रसोई तैयार, डेढ घंटे में तैयार होगा जाएगा लंगर
—रोटियां बनाने वाली मशीन भी पहले से अधिक क्षमता वाली लगाई गई

नई दिल्ली/ खुशबू पाण्डेय : राजधानी दिल्ली में संसद भवन से सटे प्रमुख धार्मिक स्थल गुरुद्वारा बंगला साहिब का आधुनिक लंगर हाल एवं हाईटेक रसोई रविवार को संगतों के सुर्पुद कर दिया गया। लॉकडाउन के चलते मार्च 2020 से लंगर हाल बंद था। सेवा वाले बाबा बचन सिंह द्वारा नई रसोई का विधिवत उद्घाटन करने के पश्चात नए लंगर हाल को संगतों के लिए खोल दिया गया। अति आधुनिक तकनीक से लैस यह रसोई अपने आप में अनोखी है।

शायद दुनिया की यह पहली रसोई होगी जहां पर हजारों लोगों के लिए लंगर बहुत ही कम समय में तैयार किया जा सकेगा। एक समय में 500 किलो दाल मात्र 20 से 25 मिनट में तैयार की जा सकेगी, वहीं डेढ़ क्विंटल आटा एक बार में मशीन गूंथने की क्षमता रखती है। बड़े बड़े बायलर कुक्कर यहां लगाये गये हैं साथ ही रोटियां बनाने वाली मशीन भी पहले से अधिक क्षमता वाली लगाई गई हैं। इसके बनने से अब लांगरियों को रात से तैयारियां नहीं करनी पड़ेंगी और पहले से एक चौथाई समय में लंगर तैयार किया जा सकेगा।

इस नई व्यवस्था से 60 प्रतिशत एनर्जी की बचत होगी। इसमें बिजली, गैस, मेन पावर की भारी बचत होगी। रविवार को लंगर शुरू होते ही संगतों की भीड़ उमड़ पडी। रविवार होने के चलते देर शाम तक 50 हजार से अधिक लोगों ने लंगर छका। इसमें हर धर्मों के लोग शामिल थे।
इस मौके पर दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबन्धक कमेटी के अध्यक्ष मनजिन्दर सिंह सिरसा, महासचिव हरमीत सिंह कालका, बीबी रणजीत कौर, तख्त पटना साहिब कमेटी के अध्यक्ष जत्थेदार अवतार सिंह हित,गुरुद्वारा बंगला साहिब के चेयरमैन परमजीत सिंह चंडोक भी मौजूद रहे।


कमेटी अध्यक्ष मनजिन्दर सिंह सिरसा एवं महासचिव हरमीत सिंह कालका ने कहा कि बीते दिनों कोरोना काल में लगे डाउन के दिनों में दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबन्धक कमेटी द्वारा लाखों लोगों के लिए रोजाना लंगर बनाकर भेजा जाता था पर उसे अनेक जगहों पर बनाया जाता था अब इस रसोई के तैयार होने से एक स्थान पर बहुत कम सेवा में लंगर तैयार किया जा सकेगा। उन्होंने बताया अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिबान में भी रसोई घर को जल्द ही आधुनिक तकनीक से लैस किया जायेगा। नई रसोई तैयार करने में श्रृधालुओं द्वारा की गई सेवा के लिए उन सभी का आभार प्रकट किया जिन्होंने इसमें अपनी किरत कमाई से दसवंध दिया है। दिल्ली कमेटी द्वारा अभी भी दिल्ली के बार्डस पर बैठे किसानों के लिए लंगर सेवा निरन्तर चलाई जा रही है।

डेढ घंटे में तैयार होगा 35 हजार लोगों का लंगर

गुरुद्वारा बंगला साहिब के चेयरमैन परमजीत सिंह चंडोक के मुताबिक आधुनिक सिस्टम के जरिये अब महज डेढ घंटे में 35 हजार लोगों के लिए लंगर तैयार किया जा सकेगा। अभी तक इसी काम के लिए 4 से 5 घंटे का समय लगता था। सब्जी काटने के लेकर ​बर्तन धोने तक की आटोमैटिक मशीन लगाई गई है। रोटी बनाने की मशीन पहले से ज्यादा क्षमता वाली आधुनिक मशीन स्थापित की गई है। लोगों की आस्था को देखते हुए मैनुअल व्यवस्था भी जारी रखा गया है।

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