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Sunday, September 19, 2021
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JAGO पार्टी का दावा, अकाली दल एवं सुखबीर बादल के इशारे पर हुआ लाल किले पर तांडव

-किसान आंदोलन को कमजोर एवं बदनाम करने के पीछे अकाली दल का हाथ
–जागो पार्टी के अध्यक्ष मंजीत सिंह ने किया सनसनीखेज खुलासा
–बादल एवं विक्रम मजीठिया का करीबी अमन खालसा ने किया सारा खेल
–दिल्ली पुलिस एवं केंद्र सरकार से गुहार, 48 घंटे पुराना डाटा चेक करे
–दीप सिद्धू और अमन गिल दोनों लाल किले में रहे मौजूद : जीके

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल : गणतंत्र दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर पर हुए बवाल, सिखों के पहुंचने, झंडा लगाने एवं किसान आंदोलन को पटरी से उतारने के मामले में एक नया मोड़ आया है। जागो पार्टी के अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके ने इस मामले में सीधे तौर पर शिरोमणि अकाली दल बादल के शामिल होने का दावा किया है। साथ ही कहा कि किसान आंदोलन को बदनाम एवं डिरेल करने के पीछे शिरेामणि अकाली दल का पूरी तरह से हाथ है। इसको लेकर मंजीत सिंह ने पत्रकारों के समक्ष सनसनीखेज खुलासा किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रहे कुछ तस्वीर एवं फोटो को दिखाते हुए दावा किया कि लाल किले में जब बवाल कट रहा था उस वक्त दीप सिदधू के साथ ही अकाली दल का नेता अमन सिंह खालसा (अमन गिल) भी मौजूद था। अमन गिल शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल एवं उनके साले पूर्व मंत्री विक्रम सिंह मजीठिया का खास है।
मनजीत सिंह जीके ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के खास लोगों द्वारा लाल किले पर किसान जत्थेबंदीयों के फैसले के खिलाफ कार्यवाही करने का दावा किया है। जीके ने खुलासा किया कि अकाली दल की आईटी विंग के मोगा जिले के अध्यक्ष अमनदीप सिंह खालसा उर्फ अमन गिल लाल किले पर मौजूद था और उसके हाथ में झंडा था। अमन गिल के फेसबुक एकांउट का हवाला देते हुए जीके ने बताया कि अमन गिल अकाली दल के बड़े नेता बिक्रमजीत सिंह मजीठिया का विश्वास पात्र एवं यूथ अकाली दल का राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष रहा है। साथ ही 2019 में सुखबीर बादल ने अमन गिल को लोकसभा क्षेत्र फरीदकोट का कोआर्डीनेटर लगाया था। जीके ने कहा कि किसान आदोंलन को मार्ग से भटकाने के लिए अमन गिल टिकरी बार्डर से संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर पहुंचा और उसके बाद आटो पकड़ कर अपने साथियों के साथ लाल किले के लिए कूच किया। इसके बारे में वह स्वयं अपनी वीडियो आटो में बैठकर डालता है। जीके ने कहा कि लाल किले की घटना के बाद सारा आरोप दीप सिद्धू के खिलाफ पंथक क्षेत्रों में लगाया जा रहा है। परन्तु जो वीडियो एवं तस्वीरें सार्वजनिक हुई उससे साफ हो जाता है कि दीप सिद्धू के साथ अकाली दल भी किसान जत्थेबंदीयों को गैर-जिम्मेदार करार करवाने और आंदोलन को कमजोर करने के लिए कार्य कर रहा था। जीके ने कहा कि यही कारण है कि 25 जनवरी को गाजीपुर बार्डर में ट्रैक्टर चलाने की रिहर्सल करने वाले दिल्ली कमेटी के अध्यक्ष मनजिन्दर सिंह सिरसा 26 जनवरी को कही नजर नहीं आये। क्योंकि उन्हें आंदोलन को गलत दिशा देने की सुपारी मिली हुई थी, इस बात की शंका इन सबूतों से जाहिर हो जाती है।

दीप सिद्धू एवं अमन गिल का फोन डाटा चैक करे दिल्ली पुलिस

जीके ने हैरानी जताई कि लाल किले पर घटना के वक्त सुखबीर सिंह बादल समर्थक मीडिया चैनलों के द्वारा लाल किले से सीधे प्रसारण किया। जीके ने दीप सिद्धू एवं अमन गिल का 48 घंटे पुराना फोन डाटा चैक करने की दिल्ली पुलिस एवं केंद्र सरकार से अपील की है। इनके फोन की जानकारी से साबित हो जायेगा कि किसानों और सिखों की छवि दंगाई के रूप में पेश करने के पीछे मुख्य गुनाहगार कौन था। जीके ने कहा कि अकाली दल का इतिहास ही ऐसे रहा है। कुछ साल पहले पंजाब में गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी और निर्दोष लोगों पर गोली चलवाना बादल का इतिहास रहा है। चूंकि, अकाली दल की सियासी जमीन खत्म हो चुकी है इसलिए वह इस तरह की घटनाओं को अंजाम देकर माहौल खराब करने की कोशिश की है।

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