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अमृत भारत स्टेशन योजना: राजस्थान में अलवर स्टेशन का 112 करोड़ में पुनर्विकास, जैसलमेर, बूंदी, बाड़मेर समेत 15 स्टेशन रेडी

Amrit Bharat Station Scheme: राजस्थान में भारतीय रेलवे तेजी से आगे बढ़ रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अलवर रेलवे स्टेशन का 112 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास कार्य चल रहा है। साथ ही, राज्य के 15 स्टेशन पहले ही विश्व स्तरीय सुविधाओं के साथ तैयार हो चुके हैं।

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Amrit Bharat Station Scheme: राजस्थान में भारतीय रेलवे तेजी से आगे बढ़ रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अलवर रेलवे स्टेशन का 112 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास कार्य चल रहा है। साथ ही, राज्य के 15 स्टेशन पहले ही विश्व स्तरीय सुविधाओं के साथ तैयार हो चुके हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वर्चुअल माध्यम से 400 करोड़ रुपये से अधिक की रेलवे परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इन प्रयासों से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं और राज्य की कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अलवर स्टेशन का पुनर्विकास

अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत अलवर रेलवे स्टेशन को आधुनिक बनाने का काम 112 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा है। दिल्ली-जयपुर मुख्य मार्ग पर स्थित यह स्टेशन रोजाना हजारों यात्रियों की आवाजाही का केंद्र है। बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए स्टेशन को नई सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।

स्टेशन के दोनों तरफ प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं। एक अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, 6 मीटर चौड़े दो फुट ओवरब्रिज और नौ आधुनिक लिफ्ट भी शामिल हैं। इन सुविधाओं से यात्रियों को आने-जाने में आसानी होगी। स्टेशन भवन राजस्थान की स्थापत्य शैली और सांस्कृतिक विरासत को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है, जिसमें आधुनिक बुनियादी ढांचा भी शामिल है।

अमृत भारत स्टेशन योजना: राजस्थान में अलवर स्टेशन का 112 करोड़ में पुनर्विकास, जैसलमेर, बूंदी, बाड़मेर समेत 15 स्टेशन रेडी
अमृत भारत स्टेशन योजना: राजस्थान में अलवर स्टेशन का 112 करोड़ में पुनर्विकास, जैसलमेर, बूंदी, बाड़मेर समेत 15 स्टेशन रेडी

अलवर स्टेशन में यात्री सुविधाएं और यातायात प्रबंधन

नए स्टेशन कॉम्प्लेक्स में करीब 16,000 वर्ग मीटर क्षेत्र कवर किया जाएगा। मुख्य और सेकेंडरी प्रवेश द्वार से यात्रियों को बिना रुकावट आवागमन की सुविधा मिलेगी। प्राइवेट गाड़ी, टैक्सी और ऑटो के लिए अलग पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ जोन बनाए जा रहे हैं।

लगभग 4,500 वर्ग मीटर में नई पार्किंग सुविधा विकसित की जा रही है, जिससे स्टेशन के आसपास की भीड़ कम होगी। ट्रैफिक सर्कुलेशन प्लान भी तैयार किया गया है ताकि गाड़ियों की आवाजाही सुचारू रहे। स्टेशन क्षेत्र में करीब 1,900 वर्ग मीटर जगह कमर्शियल उपयोग के लिए रखी गई है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगी।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह विकास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप है, जिसमें स्टेशन शहरों को जोड़ने वाले माध्यम बनें। कार्य तेजी से चल रहा है और पूरा होने पर अलवर स्टेशन आधुनिक और सुंदर दिखाई देगा।

राजस्थान के 15 पुनर्विकसित स्टेशन तैयार

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राजस्थान में कुल 85 स्टेशनों का पुनर्विकास चल रहा है। इनमें से 15 स्टेशन पहले ही पूरा हो चुके हैं। इनमें जैसलमेर, बूंदी, बाड़मेर, मंडल गढ़, सोमेश्वर, दौसा, डीग, देशनोक, फतेहपुर शेखावाटी, गंगापुर सिटी, गोगामेड़ी, गोविंदगढ़, राजगढ़ और खैरथल शामिल हैं।

इन स्टेशनों पर विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हैं, जैसे बेहतर प्लेटफॉर्म, ओवरब्रिज, लिफ्ट और यात्री सुविधाएं। इससे यात्रियों को आरामदायक यात्रा मिल रही है। पूरे देश में इस योजना के तहत 1,340 स्टेशनों का चयन किया गया है।

अलवर क्षेत्र के अन्य स्टेशन और राज्य में रेल सुविधाएं

अलवर क्षेत्र के गोविंदगढ़, राजगढ़ और खैरथल स्टेशनों का पुनर्विकास पहले ही पूरा हो चुका है। राज्य में वर्तमान में पांच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चल रही हैं और एक अमृत भारत एक्सप्रेस भी शुरू की गई है।

पिछले एक साल में कई नई ट्रेनें शुरू हुई हैं, जिनमें दिल्ली-जोधपुर वंदे भारत, दिल्ली-बीकानेर वंदे भारत, उदयपुर-अहमदाबाद वंदे भारत, स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस, भगत की कोठी एक्सप्रेस और पुणे-जोधपुर एक्सप्रेस शामिल हैं। कुल मिलाकर राजस्थान को हाल के वर्षों में 46 नई ट्रेन सेवाएं दी गई हैं।

रेलवे बजट और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास

वर्तमान सरकार के दौरान राजस्थान के लिए रेलवे बजट बढ़कर 10,228 करोड़ रुपये हो गया है। पहले यह आंकड़ा करीब 682 करोड़ रुपये था। 2014 से अब तक राज्य में लगभग 3,900 किलोमीटर रेल ट्रैक बिछाए गए हैं।

दस गति शक्ति कार्गो टर्मिनल पहले से शुरू हो चुके हैं, जिनमें मारवाड़ मुंडवा, खेमली, भूपाल सागर आदि स्थान शामिल हैं। छह और टर्मिनल निर्माणाधीन हैं, जबकि आठ अतिरिक्त टर्मिनलों को मंजूरी मिल चुकी है। इन सुविधाओं से राजस्थान के सीमेंट, टेक्सटाइल, हस्तशिल्प और अन्य उद्योगों को बंदरगाहों तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

चल रही प्रमुख रेल परियोजनाएं

राजस्थान में कई बड़े प्रोजेक्ट एक साथ चल रहे हैं। इनमें आगरा-बांदीकुई, अजमेर-चित्तौड़गढ़, बीकानेर-लाल गढ़ आदि सेक्शनों पर दोहरीकरण कार्य शामिल हैं। गेज परिवर्तन, तीसरी और चौथी लाइन, नई लाइनें जैसे नीमच-बाड़ी सादड़ी और पुष्कर-मेरता सिटी प्रोजेक्ट भी आगे बढ़ रहे हैं।

श्योपुर कलां-कोटा नई लाइन, तारंगा हिल-आबू रोड नई लाइन और अन्य दोहरीकरण कार्य राज्य के सभी क्षेत्रों में रेल सुविधा पहुंचा रहे हैं।

नेताओं के बयान और भविष्य की योजनाएं

पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने अलवर क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए रेल मंत्रालय का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ओवरब्रिज और अंडरपास परियोजनाओं से खैरथल, किशनगढ़ बास, बहरोड़ जैसे क्षेत्रों को फायदा होगा।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिल्ली की निकटता का लाभ उठाते हुए भिवाड़ी, नीमराना और खुशखेड़ा जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देने की बात कही। अलवर की ओर रेल लाइन और बहरोड़ की ओर आरआरटीएस कॉरिडोर की योजनाएं बनाई जा रही हैं।

यात्रियों और अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव

इन सभी विकास कार्यों से राजस्थान में पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। स्टेशन क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं यात्रियों को आकर्षित करेंगी। भारतीय रेलवे सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक यात्रा सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।

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