HomeRailway Newsकोरोना महामारी : भारतीय रेलवे के 2 हजार कर्मचारियों की गई जान
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कोरोना महामारी : भारतीय रेलवे के 2 हजार कर्मचारियों की गई जान

–भारतीय रेलवे ने आधी यात्री सेवाएं बंद कीं                                                                                 — 279 मेल एक्सप्रेस, 60 हॉलिडे स्पेशल, 263 […]

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–भारतीय रेलवे ने आधी यात्री सेवाएं बंद कीं                                                                                 — 279 मेल एक्सप्रेस, 60 हॉलिडे स्पेशल, 263 पैसेंजर स्पेशल ट्रेनें दौड़ रहीं
-कुल 602 अंतरनगरीय यात्री सेवाएं संचालित की जा रही : सुनीत शर्मा
–रेलवे के एक लाख कर्मचारी कोरोना के शिकार, दो हजार ने जान गंवाई

नई दिल्ली/ खुशबू पांडेय : कोविड महामारी के दूसरी लहर के बीच भारतीय रेलवे ने यात्री सेवाओं में आधी से अधिक कटौती कर दी है। इस समय 279 मेल एक्सप्रेस गाडिय़ां, 60 हॉलिडे स्पेशल और 263 पैसेंजर स्पेशल गाडिय़ों का संचालन किया जा रहा है। इस प्रकार से कुल 602 अंतरनगरीय यात्री सेवाएं संचालित की जा रही है।
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सुनीत शर्मा ने कहा कि रेलवे लगातार यात्रियों की जरूरतों पर निगाह रखे हुए है और केवल उन ट्रेनों को अभी बंद किया गया है जिनमें यात्रियों की संख्या बेहद कम है। कोविड पूर्व की स्थिति में भारतीय रेलवे की कुल अनुमन्य यात्री सेवाओं की संख्या 2906 है, जबकि प्रतिदिन औसतन 1768 गाडिय़ों का परिचालन होता है। कोविड काल में अप्रैल मध्य तक भारतीय रेलवे कुल 1514 यात्री सेवाओं का परिचालन कर रही थी और प्रतिदिन औसत 1182 गाडिय़ां चलायीं जा रहीं थीं।

लेकिन, कोरोना का प्रकोप बढऩे के बाद यात्रियों की संख्या में काफी कमी आयी। इसे देखते हुए विभिन्न जोनल रेलवे मुख्यालयों में कम बुकिंग वाली यात्री सेवाओं को बंद करने का निर्णय लिया गया। बोर्ड चेयरमैन सुनीत शर्मा ने कहा कि यह संख्या दिन प्रतिदिन बदलने वाली संख्या है। यदि किसी मार्ग पर यात्रियों की संख्या अधिक है और प्रतीक्षा सूची लंबी है तो अतिरिक्त गाड़ी चला कर उन्हें गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की गयी है।
कोविड-19 महामारी के बीच माल ढुलाई का रिकॉर्ड बनाने और ऑक्सीजन एक्सप्रेस चला कर लाखों लोगों का जीवन बचाने वाली भारतीय रेलवे के करीब एक लाख कर्मचारी कोरोना के संक्रमण का शिकार हो चुके हैं और इनमें से लगभग दो हजार लोगों ने अपनी जान गंवा दी है।
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं सीईओ सुनीत शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी शुरू होने के बाद से अब तक रेलवे के 1952 कर्मचारियों ने जान गंवायी है। उन्होंने कहा कि रेलवे के अस्पतालों में करीब चार हजार कर्मचारी इस समय भर्ती हैं। शर्मा ने कहा कि मार्च 2020 के बाद से कोरोना से संक्रमित होने वालों की कुल संख्या इतनी ही है। उन्होंने यह भी माना कि करीब 65 हजार लोग ठीक हो चुके हैं और लगभग 33 हजार लोग इलाज करवा रहे हैं। इस वजह से 98 प्रतिशत से अधिक लोग ठीक हो रहे हैं।

रेलकर्मियों की कड़ी मेहनत के कारण रिकार्ड माल ढुलाई

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सुनीत शर्मा ने कहा कि रेलकर्मियों के परिश्रम के कारण भारतीय रेलवे ने माल ढुलाई में रिकॉर्ड कायम किया है। इस वित्त वर्ष के पहले माह अप्रैल में 111.53 टन माल की लदान की है जो एक रिकॉर्ड है। अप्रैल 2019 में रेलवे 101.04 टन माल की ढुलाई की थी। कोविड के बावजूद वित्त वर्ष 2020-21 में रेलवे ने लक्ष्य से अधिक 1232.64 टन मालवहन किया था।
उन्होंने बताया कि भारतीय रेलवे ने 24 अप्रैल के बाद से अब तक 75 ऑक्सीजन एक्सप्रेस के माध्यम से 295 टैंकरों में 4709 टन तरल मेडिकल ऑक्सीजन (एलएमओ) की आपूर्ति की है। सोमवार को रिकॉर्ड 831 टन एलएमओ की ढुलाई की गयी है।

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