DFCCIL ने पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) के न्यू दादरी से न्यू श्री माधोपुर खंड का विस्तृत निरीक्षण किया। रेलकार स्पेशल से किया गया यह दौरा अवसंरचना की तैयारी और परिचालन दक्षता बढ़ाने पर केंद्रित रहा। रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस निरीक्षण का नेतृत्व किया, जिसमें टर्मिनलों की तैयारियों और समन्वय पर खास ध्यान दिया गया।
रेलवे बोर्ड के प्रधान कार्यकारी निदेशक (इंफ्रास्ट्रक्चर) श्री श्याम सुंदर गुप्ता ने इस निरीक्षण की अगुवाई की। उनके साथ DFCCIL के निदेशक (ऑपरेशन्स एवं बिजनेस डेवलपमेंट) श्री शोभित भटनागर और निदेशक (इंफ्रास्ट्रक्चर) श्री अनुराग शर्मा भी मौजूद रहे। रेलकार न्यू दादरी से रवाना हुई और पूरे खंड के महत्वपूर्ण स्थानों का जायजा लिया।
निरीक्षण के प्रमुख पड़ाव
दौरान टीम ने न्यू दादरी स्टेशन, न्यू पृथला टर्मिनल, खातुवास (CMLK) CONCOR साइडिंग और न्यू श्री माधोपुर स्टेशन समेत डेमोंस्ट्रेशन यार्ड का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने टर्मिनलों की तैयारियों, अवसंरचना के प्रदर्शन, यातायात वहन क्षमता और चल रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय, टर्मिनलों की कार्यक्षमता और परिचालन दक्षता को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। न्यू श्री माधोपुर पहुंचकर टीम ने उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR), जयपुर के साथ परिचालन समेकन और समन्वय पर विस्तृत बातचीत की।

मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और व्यवसाय विकास पर फोकस
इस मौके पर मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को मजबूत करने, व्यवसाय विकास की पहलों को बढ़ावा देने, परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग और भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क के साथ निर्बाध एकीकरण पर गहन चर्चा हुई। निरीक्षण का समापन उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय, जयपुर में हुआ, जहां औपचारिक रूप से हस्तांतरण किया गया। इससे DFCCIL और भारतीय रेलवे के बीच लॉजिस्टिक्स विकास के लिए समन्वय और मजबूत हुआ।
रेलवे बोर्ड के निदेशक (इंफ्रास्ट्रक्चर) श्री अभिनव सिंह सहित DFCCIL के कई वरिष्ठ अधिकारी इस निरीक्षण और समीक्षा बैठकों में शामिल रहे। इनमें श्री विकास श्रीवास्तव (जीजीएम/सिग्नल एवं दूरसंचार), श्री रणविजय (जीजीएम/इलेक्ट्रिकल), श्री सौरभ सिंह पटेल (जीजीएम/ब्रिज, ट्रैक एवं टेक्नोलॉजी), श्री अनुराग यादव (सीजीएम/नोएडा) और श्री आर.एस. चौधरी (सीजीएम/जयपुर) शामिल थे।
यह निरीक्षण DFCCIL की डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर में अवसंरचना और परिचालन दक्षता सुधारने की निरंतर कोशिशों को दिखाता है। पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर देश की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था का अहम हिस्सा है, जो तेज ट्रांजिट, बेहतर टर्नअराउंड समय और किफायती माल परिवहन के जरिए आर्थिक विकास में योगदान दे रहा है।
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