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बेटियों का दम: पुलिस ट्रेनिंग में दिखी ताकत, अनुशासन और समर्पण – CM योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में 60,244 नए पुलिस आरक्षियों के दीक्षांत परेड समारोह को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने महिला आरक्षियों की तारीफ की और कहा कि प्रशिक्षण के दौरान बेटियों ने मजबूती, तत्परता, समर्पण और अनुशासन का शानदार परिचय दिया है।

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में 60,244 नए पुलिस आरक्षियों के दीक्षांत परेड समारोह को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने महिला आरक्षियों की तारीफ की और कहा कि प्रशिक्षण के दौरान बेटियों ने मजबूती, तत्परता, समर्पण और अनुशासन का शानदार परिचय दिया है।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रशिक्षण में जितना पसीना बहेगा, बाद में उतना ही कम खून बहाने की नौबत आएगी। उन्होंने नई भर्ती के आरक्षियों को सलाह दी कि कानून अपराधियों के लिए कठोर हो लेकिन आम नागरिकों के प्रति संवेदनशील रहे। यह समारोह पूरे प्रदेश के 10 पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों और अन्य केंद्रों में एक साथ आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण भी किया।

बेटियों ने दिखाई मजबूती और अनुशासन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से महिला आरक्षियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इन बेटियों ने कठिन प्रशिक्षण के दौरान लगन और अनुशासन के साथ काम किया है। अब ये सभी जनपदों में फील्ड ड्यूटी पर जाएंगी। सीएम ने उन्हें याद दिलाया कि पुलिस का काम दो तरफा है। अपराधी के सामने कानून सख्त होना चाहिए, लेकिन आम लोगों के साथ व्यवहार में संवेदनशीलता जरूरी है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी नए आरक्षी प्रशिक्षण से मिले ज्ञान, कौशल और मूल्यों का सही उपयोग करेंगे। निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्य परायणता के साथ वे उत्तर प्रदेश पुलिस की पुरानी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएंगे।

प्रशिक्षण में पसीना, ड्यूटी पर सुरक्षा

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण बात कही – “अभी जितना पसीना बहेगा, बाद में उतना ही कम खून बहाने की नौबत आएगी।” यह वाक्य प्रशिक्षण की अहमियत को साफ बताता है। कठिन तैयारी से ही असली मैदान में बेहतर प्रदर्शन संभव होता है।

यह दीक्षांत परेड रिजर्व पुलिस लाइन, लखनऊ में हुई। मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण किया और सलामी भी ली। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अनुशासन और टीम वर्क वर्दीधारी बल की सबसे बड़ी ताकत है। देश की सेवा के लिए सर्वश्रेष्ठ योगदान देने की भावना हर पुलिसकर्मी में होनी चाहिए।

बड़े पैमाने पर भर्ती और प्रशिक्षण

यह भर्ती 60,244 आरक्षी नागरिक पुलिस की सीधी भर्ती 2025 बैच की है। 15 जून 2025 को लखनऊ के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इन अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे थे। इसके बाद 21 जुलाई 2025 से इनका प्रशिक्षण शुरू हुआ।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने खुद कई प्रशिक्षण केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने देखा कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता और सुविधाएं पहले से काफी बेहतर हो गई हैं। पूरे प्रदेश में 10 पुलिस प्रशिक्षण संस्थान, 73 जनपदों की पुलिस लाइंस, 29 पीएसी बटालियन और 112 रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर में एक साथ यह दीक्षांत परेड आयोजित की गई।

2017 से अब तक पुलिस बल में बदलाव

सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पुलिस के सामने कई चुनौतियां थीं। लेकिन अब इसे देश के बेहतरीन पुलिस बल के रूप में स्थापित किया गया है। इस दौरान 2.18 लाख से अधिक पुलिस कर्मियों की भर्ती हुई और 1 लाख से ज्यादा का प्रमोशन भी किया गया।

2017 में पुलिस की ट्रेनिंग क्षमता सिर्फ 3 हजार थी। लेकिन अब एक साथ 60,244 आरक्षियों का प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश के अपने केंद्रों में पूरा किया गया। यह नौ सालों में हुई प्रगति को दिखाता है।

बैरकों से लेकर प्रशिक्षण तक नई सुविधाएं

पहले पुलिस के बैरक टूटे-फूटे, खपड़ैल या टीन शेड वाले होते थे। अब 55 जनपदों में पुलिसकर्मियों के लिए हाईराइज भवन बन चुके हैं। प्रशिक्षण केंद्र भी बेहतर हो रहे हैं।

हर प्रशिक्षु को बेसिक ट्रेनिंग के साथ-साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिया गया। यूपी पुलिस ट्रेनिंग पोर्टल लॉन्च किया गया। शारीरिक प्रशिक्षण को वैज्ञानिक और आधुनिक बनाने के लिए स्मार्ट पीटी प्रोग्राम शुरू किया गया। आउटडोर ट्रेनिंग में पुरानी 303 राइफल की जगह अब आधुनिक इंसास और एसएलआर राइफल से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

मिशन कर्मयोगी में यूपी का बेहतरीन प्रदर्शन

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में चल रहे मिशन कर्मयोगी का जिक्र किया। इसके तहत कर्मयोगी पोर्टल पर 5 विशेष मॉड्यूल तैयार किए गए हैं। 32 और मॉड्यूल बनाने की प्रक्रिया चल रही है।

हाल ही में हुए साधना सप्ताह में सरकारी कर्मचारियों ने 1.25 करोड़ कोर्स पूरे किए, जिसमें उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर रहा। यूपी पुलिस ने इसमें अकेले 28 लाख कोर्स पूरे किए और देशभर में चौथे स्थान पर रही।

एटीएस और साइबर सुरक्षा पर फोकस

यूपी एटीएस के अधिकारियों और जवानों को एनआईए तथा अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के स्तर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पुलिस बल को व्यावहारिक दक्षता और सॉफ्ट स्किल्स पर आधारित विशेष ट्रेनिंग भी मिल रही है।

75 जनपदों में साइबर थाने स्थापित किए गए हैं। पुलिसकर्मियों को आधुनिक साइबर अपराधों से निपटने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। लखनऊ में उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज की स्थापना हुई है, जहां वैज्ञानिक जांच की बारीकियां सिखाई जा रही हैं।

अपराधियों में भय, पुलिस में आत्मविश्वास

सीएम योगी ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश पुलिस देश में मॉडल और स्मार्ट पुलिस के रूप में जानी जाती है। आमजन को सुरक्षा और सुविधा उपलब्ध कराने में यह बल योगदान दे रहा है।

प्रदेश में अब दंगे नहीं होते। सत्ता के समानांतर कोई दूसरा राज नहीं चलता। गुंडा टैक्स या अवैध वसूली भी नहीं होती। अपराधियों के मन में भय है और पुलिस का मनोबल ऊंचा है। पहले प्रदेश की छवि अराजकता की मानी जाती थी, लेकिन अब स्पष्ट नीति और साफ नीयत के नतीजे दिख रहे हैं।

2017 से पहले महीनों तक कर्फ्यू लगा रहता था। लोग खुद को सुरक्षित नहीं महसूस करते थे। लेकिन अब पुलिस दंगे होने से पहले ही उसे रोकने में सफल रहती है।

महिला सुरक्षा और मिशन शक्ति

महिला कार्यबल 2017 में 13 प्रतिशत था, जो अब 36 प्रतिशत से अधिक हो गया है। 2019-20 से मिशन शक्ति चल रहा है, जिसमें महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन पर काम हो रहा है। हर थाने में मिशन शक्ति केंद्र बनाए गए हैं।

तीन महिला पीएसी बटालियन गठित की गई हैं – लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी, गोरखपुर में झलकारी बाई कोरी और बदायूं में अवंती बाई लोधी। तीन और नई बटालियनों के गठन की प्रक्रिया चल रही है। 17 नगर निगमों और गौतमबुद्ध नगर में सेफ सिटी प्रोजेक्ट लागू किया गया है।

पुलिस सुधार के अन्य कदम

सरकार ने यूपी पुलिस के बजट को 2017 की तुलना में तीन गुना से अधिक बढ़ाया है। सात पुलिस कमिश्नरेट स्थापित किए गए। यूपी एसएसएफ (स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स) का गठन हुआ। पिंक पुलिस बूथ बनाए गए।

एटीएस को आधुनिक तकनीक, साइबर एक्सपर्ट और बेहतर प्रशिक्षण से सुसज्जित किया गया। 12 फॉरेंसिक लैब बन चुकी हैं और 6 निर्माणाधीन हैं। हर जनपद में दो-दो मोबाइल फॉरेंसिक लैब स्थापित की गई हैं।

यूपी-112 का रिस्पॉन्स टाइम 65 मिनट से घटकर 6-7 मिनट रह गया है। भर्ती में अनिवार्य रूप से 20 प्रतिशत बेटियों को शामिल किया गया। अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है।

समारोह में मौजूद प्रमुख व्यक्ति

इस दीक्षांत परेड समारोह में राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, महापौर सुषमा खर्कवाल, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद और पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने पूरे कार्यक्रम में नए आरक्षियों को देश सेवा के लिए प्रेरित किया और पुलिस बल को और मजबूत बनाने के सरकार के निरंतर प्रयासों का उल्लेख किया। इस भर्ती और प्रशिक्षण प्रक्रिया ने उत्तर प्रदेश पुलिस को नई ऊंचाई दी है।

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