नियाग्रा-ऑन-द-लेक (कनाडा)। भारत की 18 वर्षीय उदीयमान खिलाड़ी अनाहत सिंह ने शनिवार को स्क्वैश खेल की दुनिया में इतिहास रच दिया है। कनाडा के ओंटारियो स्थित नियाग्रा-ऑन-द-लेक में आयोजित ‘वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर इंडिविजुअल चैंपियनशिप’ में महिला वर्ग का खिताब जीतकर वे यह स्वर्णिम उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं।
विश्व रैंकिंग में 20वें स्थान पर काबिज और इस प्रतियोगिता में टॉप सीड अनाहत ने महिलाओं के खिताबी मुकाबले में मिस्र की दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी रुकैया सलेम को सीधे गेमों में 11-3, 11-7, 11-9 से हराकर अपने करियर की सबसे बड़ी ट्रॉफी उठाई। पिछले साल इस चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में हारकर कांस्य पदक (Bronze Medal) जीतने वाली अनाहत ने इस बार अपने प्रदर्शन को नया आयाम दिया।
मिस्र के 15 साल पुराने एकछत्र राज को तोड़ा
अपनी इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही अनाहत सिंह ने वर्ष 2011 से चले आ रहे मिस्र के खिलाड़ियों के 15 साल लंबे दबदबे को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। वे 2010 में अमेरिका की अमांडा सोभी के बाद वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश का खिताब जीतने वाली पहली गैर-मिस्र महिला खिलाड़ी बन गई हैं।
21 साल बाद फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय
इससे पूर्व शुक्रवार रात सेमीफाइनल मुकाबले में मिस्र की बारब सामेह को चार गेमों के कड़े संघर्ष में हराकर अनाहत 21 वर्षों में इस प्रतियोगिता के फाइनल में जगह बनाने वाली पहली भारतीय बनी थीं।
अनाहत सिंह का जीत के बाद का बयान:
“चार वर्ल्ड जूनियर टूर्नामेंट्स में क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल तक पहुंचकर हारने के बाद फाइनल में पहुंचना और खिताब जीतना मेरे, मेरे माता-पिता और कोच के लिए बेहद खुशी का क्षण है।”
पुरुष वर्ग में मिस्र का ही दबदबा
दूसरी ओर, पुरुषों की स्पर्धा में मिस्र के शीर्ष वरीय खिलाड़ी मोहम्मद जकारिया ने अपने ही देश के सेफेल्डिन रेफे को सीधे गेमों में हराकर लगातार चौथी बार फाइनल में प्रवेश किया। वे अपना तीसरा वर्ल्ड जूनियर खिताब जीतने की दौड़ में हैं, जहां उनका मुकाबला मिस्र के ही एडम हवाल से होगा।
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