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मोदी कैबिनेट से रेल राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा, पंजाब विधानसभा चुनाव में मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

Ravneet Singh Bittu Resigns: केंद्रीय रेल राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने मोदी कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति मुर्मू ने इस्तीफा स्वीकार किया। पंजाब विधानसभा चुनाव में मिल सकती है बड़ी कमान।

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार की मंत्रिपरिषद से एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के माध्यम से इस निर्णय की पुष्टि की गई है।

बता दें कि रवनीत सिंह बिट्टू का राज्यसभा सांसद के रूप में कार्यकाल 21 जून को ही समाप्त हो चुका था। 18 जून को संपन्न हुए राज्यसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उन्हें दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया था। इसके बाद से ही इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि वे जल्द ही केंद्रीय मंत्री पद से हट सकते हैं।

पंजाब की राजनीति में मिल सकती है अहम भूमिका

सूत्रों और राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, रवनीत सिंह बिट्टू को केंद्रीय मंत्री पद से हटाकर अब पंजाब में भारतीय जनता पार्टी का जनाधार बढ़ाने और आगामी विधानसभा चुनाव में उतारने की रणनीति पर काम चल रहा है।

बिट्टू के इस्तीफे के पीछे का मुख्य कारण:

  • सिख चेहरे के रूप में पहचान: बिट्टू पंजाब के एक अत्यंत प्रभावशाली सिख परिवार से ताल्लुक रखते हैं और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बेअंत सिंह के पोते हैं।
  • पंजाब चुनाव की तैयारी: राज्य में अगले वर्ष मार्च-अप्रैल के आसपास विधानसभा चुनाव होने प्रस्तावित हैं। पार्टी उन्हें किसी महत्वपूर्ण सीट से चुनावी मैदान में उतार सकती है या फिर संगठन में कोई बड़ा दायित्व सौंप सकती है।

कांग्रेस के दिग्गज नेता से भाजपा में शामिल होने तक का सफर

रवनीत सिंह बिट्टू 24 मार्च 2024 को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे। इससे पहले उनका एक लंबा और सफल राजनीतिक करियर कांग्रेस पार्टी के साथ रहा था:

  • सांसद के रूप में कार्यकाल: वे वर्ष 2009 में आनंदपुर साहिब सीट से और उसके बाद 2014 व 2019 के आम चुनावों में लुधियाना लोकसभा सीट से सांसद चुने गए।
  • संसदीय जिम्मेदारियां: 11 मार्च 2021 से 18 जुलाई 2021 तक उन्होंने लोकसभा में कांग्रेस के नेता के रूप में कार्य किया, जब अधीर रंजन चौधरी पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार में व्यस्त थे। इसके अलावा वे लोकसभा में पार्टी के सचेतक (Whip) भी रहे।
  • मोदी 3.0 में भूमिका: 2024 के आम चुनावों के बाद पीएम नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल (मोदी 3.0) में उन्हें राज्यसभा के रास्ते मंत्रिपरिषद में शामिल कर रेल राज्य मंत्री बनाया गया था।

पंजाब में सामाजिक आधार बढ़ाने की कवायद में भाजपा

ऐतिहासिक रूप से पंजाब में भाजपा को मुख्यतः शहरी हिंदू आबादी के प्रतिनिधित्व वाली पार्टी के रूप में देखा जाता रहा है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में पार्टी ने अपने सामाजिक विस्तार पर विशेष जोर दिया है।

सुनील जाखड़, कैप्टन अमरिंदर सिंह, केवल सिंह ढिल्लो और रवनीत सिंह बिट्टू जैसे कद्दावर सिख नेताओं को अपने साथ जोड़कर पार्टी राज्य में अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। वर्तमान में पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार है, जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस अंदरूनी गुटबाजी से जूझ रहा है। ऐसे में भाजपा को लगता है कि राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने का यह एक मुफीद अवसर है।

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