HomeStateGujaratगुजरात के किसानों को न बिजली बिल का टेंशन, न रात में...

गुजरात के किसानों को न बिजली बिल का टेंशन, न रात में जागने की आफत! पीएम कुसुम योजना से एक साल में ले रहे 3 फसलें

पीएम कुसुम योजना (PM Kusum Yojana) के तहत गुजरात के किसानों को सोलर पंप पर मिल रही है 100% तक सब्सिडी। जानिए कैसे आदिवासी इलाकों में सौर ऊर्जा से दूर हुई सिंचाई की समस्या।

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

तापी। केंद्र सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी ‘पीएम कुसुम योजना’ (PM Kusum Yojana) गुजरात के लाखों किसानों, विशेष रूप से दूरदराज और आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले अन्नदाताओं के जीवन में खुशहाली की एक नई भोर लेकर आई है। इस योजना के माध्यम से गुजरात के दुर्गम इलाकों के किसान अब सिंचाई के लिए केवल अनिश्चित मानसून के पानी पर निर्भर नहीं हैं। सूर्य की रोशनी से चलने वाले आधुनिक सोलर पंपों ने उनकी खेतों की सिंचाई से जुड़ी पुरानी समस्याओं का हमेशा के लिए समाधान कर दिया है।

दिन में मिल रही निर्बाध सिंचाई, रात के रतजगे से मिली मुक्ति

आदिवासी बहुल डांग जिले के उमरपाड़ा गांव के किसान भरतभाई वाघमारे इस योजना के प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। योजना का लाभ मिलने के बाद वे अपने खेत में स्थापित सोलर पंप के जरिए सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक लगातार और निर्बाध सिंचाई कर पा रहे हैं। इस सुविधा के चलते वे अपने खेतों में धान, तुअर, उड़द और बैंगन व चौली जैसी विविध सब्जियों की भरपूर फसल उगा रहे हैं।

इसी तरह तापी जिले के गवान गांव के किसान गवजीभाई वसावा के खेतों में भी इस योजना ने नई समृद्धि ला दी है। उनके बेटे राजेशभाई वसावा बताते हैं कि सोलर पंप की मदद से अब वे साल में लगातार तीन फसलें उगाने में सक्षम हुए हैं। सबसे बड़ी राहत यह है कि अब उन्हें खेतों में पानी देने के लिए रात-रात भर जागना नहीं पड़ता और न ही भारी-भरकम बिजली बिलों या महंगे डीजल के खर्च की कोई मानसिक चिंता सताती है।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सरकार दे रही है भारी सब्सिडी

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के कुशल नेतृत्व में गुजरात सरकार ने पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर पंप और सोलर प्लांट लगाने के लिए अतिरिक्त आर्थिक मदद (सब्सिडी) का विशेष प्रावधान किया है।

राज्य के आदिवासी और वनांचल (जंगल) वाले संवेदनशील इलाकों के किसानों को केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली 30 प्रतिशत सब्सिडी के अलावा, गुजरात सरकार की तरफ से 70 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है।

इस व्यवस्था से गरीब व मध्यम वर्ग के किसानों के लिए सोलर पंप लगाना बेहद आसान हो गया है, जिससे न केवल उनकी कृषि उपज और आमदनी में बढ़ोतरी हुई है बल्कि उनका दैनिक जीवन भी काफी सुगम बन गया है।

गुजरात के ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल्स मंत्री ऋषिकेश पटेल ने बताया कि पीएम कुसुम योजना के जरिए किसान दूरदराज की जमीनों पर भी प्रचुर मात्रा में फसलें उगा सकते हैं। सूर्य की असीम रोशनी से मिलने वाली इस हरित बिजली से किसान अपने घर की आय को निरंतर बढ़ा रहे हैं।

2.97 लाख से अधिक पंप हुए सोलराइज

आंकड़ों पर नजर डालें तो गुजरात में पीएम कुसुम योजना के ‘कंपोनेंट-सी’ के अंतर्गत 695 मेगावाट की कुल क्षमता वाले 256 सोलर पावर प्लांट सफलतापूर्वक चालू किए जा चुके हैं। इसके माध्यम से लगभग 2.97 लाख कृषि पंपों को सोलराइज (सौर ऊर्जा से संचालित) किया गया है।

इस विशेष कंपोनेंट के तहत अब तक राज्य में 22,787 नए सोलर पंप पूरी तरह काम करने लगे हैं। आज गुजरात के आदिवासी अंचलों में यह सोलर पंप महज एक आधुनिक तकनीक नहीं, बल्कि किसानों के लिए अधिक उत्पादन, अधिक आय और एक खुशहाल भविष्य की सबसे मजबूत गारंटी बन चुके हैं।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Women Express पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related News

Delhi epaper

Prayagraj epaper

Kurukshetra epaper

Ujjain epaper

Latest News