Summer Tanning Remedies: गर्मियों का मौसम आते ही कड़कड़ाती धूप और भीषण गर्मी का असर हमारी त्वचा पर स्पष्ट रूप से दिखने लगता है। घर से बाहर निकलते ही सूरज की हानिकारक किरणें त्वचा को गहरा नुकसान पहुंचाती हैं, जिससे टैनिंग (त्वचा का सांवलापन), रूखापन और त्वचा का निखार कम होने जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। सूरज से निकलने वाली पराबैंगनी यानी यूवी (UV) किरणें त्वचा के लिए बेहद हानिकारक मानी जाती हैं।
आमतौर पर लोग टैनिंग से बचने के लिए सनस्क्रीन लोशन का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन स्किन स्पेशलिस्ट (त्वचा विशेषज्ञों) का मानना है कि सिर्फ सनस्क्रीन लगा लेना ही पूरा सुरक्षा कवच नहीं है। त्वचा को धूप के प्रकोप से पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए दैनिक जीवन की कुछ छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाना बेहद आवश्यक है।
क्यों और कैसे होती है टैनिंग?
डॉक्टरों और त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, जब हमारी त्वचा तेज धूप के संपर्क में आती है, तो वह खुद को सूरज के नुकसान से बचाने के लिए एक सुरक्षात्मक प्रतिक्रिया के रूप में अधिक मात्रा में ‘मेलेनिन’ का निर्माण करने लगती है। मेलेनिन त्वचा को रंग प्रदान करने वाला एक प्राकृतिक पिगमेंट (तत्व) है, जो यूवी किरणों के प्रभाव को कम करने में मदद करता है।
लेकिन जब हम लंबे समय तक सीधी धूप में रहते हैं, तो मेलेनिन का उत्पादन अत्यधिक बढ़ जाता है, जिससे त्वचा का रंग गहरा होने लगता है और टैनिंग हो जाती है। इसके अलावा, सूरज की तेज रोशनी में ज्यादा समय बिताने से त्वचा पर समय से पहले झुर्रियां, महीन रेखाएं, उम्र के निशान और काले दाग-धब्बे उभरने लगते हैं।
सनस्क्रीन लगाने का सही तरीका जानें
विशेषज्ञों का कहना है कि सनस्क्रीन लगाना जितना जरूरी है, उससे कहीं ज्यादा जरूरी इसका सही इस्तेमाल करना है:
सही समय पर लगाएं: अक्सर लोग घर से बाहर निकलते वक्त आखिरी मिनट में सनस्क्रीन लगाते हैं, जबकि इसे धूप में जाने से 15 से 20 मिनट पहले लगाना चाहिए ताकि यह त्वचा में अच्छी तरह अवशोषित हो सके।
री-अप्लाई करें: यदि आप लंबे समय तक बाहर धूप में हैं या आपको अधिक पसीना आ रहा है, तो हर कुछ घंटों के अंतराल पर सनस्क्रीन दोबारा (री-अप्लाई) जरूर लगाएं।
खुले हिस्सों को न भूलें: सनस्क्रीन सिर्फ चेहरे पर ही नहीं, बल्कि गर्दन, हाथ, कान, पैरों और धूप के संपर्क में आने वाले शरीर के सभी खुले हिस्सों पर समान रूप से लगानी चाहिए।
दोपहर की कड़क धूप से परहेज और बचाव
गर्मियों में टैनिंग से सुरक्षित रहने का सबसे कारगर तरीका यह है कि जब धूप सबसे तेज हो, तब बाहर निकलने से बचें। दोपहर के समय सूरज की किरणें सबसे ज्यादा आक्रामक होती हैं। यदि किसी अति-आवश्यक काम से बाहर जाना ही पड़े, तो सीधे धूप में रहने के बजाय छांव का सहारा लें।
इसके अलावा, बाहर निकलते समय सिर्फ चेहरे का ही ध्यान न रखें। हाथ, पैर और गर्दन को ढकने के लिए पूरी बांह के सूती व हल्के कपड़े पहनें। धूप से बचने के लिए चौड़े घेरे वाली टोपी, छाता (अंब्रेला) और गुणवत्ता वाले सनग्लास (धूप का चश्मा) का उपयोग करें। यह भौतिक सुरक्षा कवच (फिजिकल बैरियर) किरणों को सीधे त्वचा तक पहुंचने से रोकता है।
आहार और हाइड्रेशन से अंदरूनी सुरक्षा
त्वचा को केवल बाहर से ही नहीं, बल्कि अंदर से भी स्वस्थ और चमकदार बनाए रखना जरूरी है। गर्मियों में शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) बहुत तेजी से होती है, इसलिए दिन भर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। अपनी डाइट में पानी और पोषक तत्वों से भरपूर फल व सब्जियां जैसे— तरबूज, खीरा, संतरा और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें। ये खाद्य पदार्थ शरीर को जरूरी पोषण देने के साथ-साथ त्वचा को अंदर से प्राकृतिक नमी और सुरक्षा प्रदान करते हैं।
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