अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के प्रशासनिक कामकाज को अधिक पारदर्शी और पेशेवर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। इसके साथ ही ट्रस्ट के खाली पड़े पदों को भरते हुए तीन नए सदस्यों को भी बोर्ड में शामिल किया गया है।
39 साल का सैन्य अनुभव और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से गहरा नाता
भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट के रूप में 39 वर्षों तक अपनी बेमिसाल सेवाएं देने वाले रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र का करियर बेहद शानदार रहा है। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले (भोपतपुरा गांव) से ताल्लुक रखने वाले मिश्र ने जनवरी 2025 से अप्रैल 2026 तक वायुसेना की सबसे रणनीतिक ‘वेस्टर्न एयर कमांड’ की कमान संभाली थी।
मई 2025 में चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान उनकी भूमिका बेहद अहम रही। उन्होंने एस-400 (S-400) मिसाइल सिस्टम के जरिए 314 किलोमीटर की दूरी पर दुश्मन देश पाकिस्तान के AWACS (एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम) विमान को मार गिराने का ऐतिहासिक फैसला लिया था। 6 दिसंबर 1986 को वायुसेना में शामिल हुए जितेंद्र मिश्र के पास 3,000 घंटे से अधिक समय तक लड़ाकू विमान उड़ाने का अनुभव है। उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल (SYSM), एवीएसएम (AVSM) और वीएसएम (VSM) जैसे शीर्ष सैन्य सम्मानों से नवाजा जा चुका है।
ट्रस्ट में शामिल हुए तीन नए चेहरे
ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे तथा विमलेंद्र मोहन के दुखद निधन के बाद तीन पद रिक्त चल रहे थे। इन खाली स्थानों की भरपाई के लिए तीन नए सदस्यों को ट्रस्टी नियुक्त किया गया है:
- मदन मोहन पांडेय: अयोध्या के रहने वाले मदन मोहन इलाहाबाद हाईकोर्ट में राम मंदिर पक्ष के प्रमुख वकील रहे हैं।
- महेश भागचन्दका: दिल्ली के प्रमुख व्यवसायी, जो राम मंदिर आंदोलन के पुरोधा स्वर्गीय अशोक सिंघल के रिश्तेदार हैं।
- निर्मला यादव: शिकोहाबाद क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाली समाज सेविका।
इन तीनों नए सदस्यों ने ट्रस्ट की हालिया बैठक में ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया। देवरिया के विधायक शलभमणि त्रिपाठी ने इस नियुक्ति पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पूर्व एयर चीफ मार्शल को यह ऐतिहासिक और पवित्र जिम्मेदारी मिलना पूरे देवरिया और पूर्वांचल के लिए गर्व की बात है।
CEO को मिलेंगे यह बड़े अधिकार और जिम्मेदारियां
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के अनुसार, मंदिर के बढ़ते परिसर और दैनिक प्रबंधन को पेशेवर तरीके से चलाने के लिए सीईओ का पद सृजित किया गया है।
नए नियमों के अनुसार, सीईओ ट्रस्ट के महामंत्री के अधीन काम करेंगे। उनके पास मंदिर प्रबंधन के सभी प्रशासनिक (Administrative), वित्तीय (Financial) और कानूनी/वैधानिक (Statutory) अधिकार होंगे। इससे ट्रस्ट के कामकाज में पारदर्शिता आएगी और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा।
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