उज्जैन/भोपाल। मध्यप्रदेश में किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने अगले सीजन से दिन के समय लगातार 10 घंटे बिजली देने और सहायक आय के साधन विकसित करने का बड़ा फैसला किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य लक्ष्य खेती के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन, पशुपालन और मत्स्य पालन के जरिए किसानों की कुल आमदनी में बढ़ोतरी दर्ज कराना है।
राजगढ़ में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि और प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं।
खेती के लिए 10 घंटे निर्बाध बिजली और डेयरी क्षेत्र का विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि आगामी कृषि सीजन से प्रदेश के किसानों को सिंचाई कार्य के लिए दिन के समय लगातार 10 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इससे किसानों को रात में सिंचाई की कठिनाइयों से मुक्ति मिलेगी।
इसके साथ ही, राज्य में दुग्ध उत्पादन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का लक्ष्य तय किया गया है। वर्तमान में प्रदेश के कुल दुग्ध उत्पादन में सांची ब्रांड की हिस्सेदारी 12 प्रतिशत है, जिसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने की योजना पर तेजी से कार्य चल रहा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए 16 अलग-अलग सरकारी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर संयुक्त नीतियां बनाई गई हैं।
राजगढ़ की बदली तस्वीर: औद्योगिक और सिंचाई हब के रूप में उभार
राजगढ़ जिले के विकास का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मोहनपुरा और कुंडालिया बांध परियोजनाओं के चालू होने से क्षेत्र में सिंचाई क्षमता का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। आने वाले दिनों में प्रस्तावित ‘चंबल-कालीसिंध-पार्वती लिंक परियोजना’ से जिले की जल सुरक्षा और अधिक मजबूत होगी। बेहतर हाईवे कनेक्टिविटी और नए उद्योगों के आगमन से राजगढ़ की पहचान अब एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित हो रही है।
राज्य में कृषि उपलब्धियों का ब्योरा देते हुए उन्होंने बताया कि इस वर्ष न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड खरीदी की गई है। इसके अलावा, प्रदेश भर में कुल सिंचाई रकबा बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंच चुका है। किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए सोयाबीन पर भावांतर योजना का लाभ दिया जा रहा है, जबकि किसान सम्मान निधि की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित की जा रही है।
‘कवच योजना’ से सुधरा बैंकिंग ढांचा, लाड़ली बहना की किस्त जल्द
कृषि ऋण प्रबंधन के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने ‘कवच योजना’ की प्रभावशीलता पर प्रकाश डाला। इस योजना ने उन किसानों को बड़ी राहत दी है जो किसी कारणवश ऋण चक्र में उलझ गए थे। इसके जरिए किसान दोबारा बैंकिंग प्रणाली से जुड़कर फसल ऋण प्राप्त करने में सक्षम हो रहे हैं।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि ‘लाड़ली बहना योजना’ के तहत दी जाने वाली मासिक सहायता राशि की अगली किस्त शीघ्र ही पात्र महिलाओं के खातों में भेज दी जाएगी।
प्रशासनिक दक्षता: हर शुक्रवार ‘जनविश्वास’ को समर्पित
राज्य के प्रशासनिक ढांचे में कसावट लाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने नई कार्यप्रणाली का ऐलान किया। अब से हर शुक्रवार को सभी सरकारी अधिकारी और कर्मचारी अनिवार्य रूप से मैदानी स्तर पर जाकर जनता की समस्याओं का समाधान करेंगे। शुक्रवार के दिन किसी भी प्रकार की विभागीय बैठकें आयोजित करने पर रोक लगा दी गई है।
उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर दंडात्मक कार्रवाई होगी, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
80 हजार पदों पर सरकारी भर्तियां और जनहित के कदम
प्रदेश में रोजगार के अवसरों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार विभिन्न विभागों में लगभग 80,000 रिक्त पदों पर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया संचालित कर रही है। इनमें से अकेले शिक्षा विभाग में 10,000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शामिल है। साथ ही, पुलिस बल को आधुनिक बनाने के लिए हर जिले में पुलिस बैंड का गठन किया जा रहा है। कर्मचारियों की समयबद्ध पदोन्नति की प्रक्रिया भी जारी है।
अपने संबोधन के अंत में डॉ. यादव ने आगामी त्योहारों—स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी और हलधर जयंती—की शुभकामनाएं दीं और नागरिकों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया।
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