Delhi EV Policy: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति को लेकर आम जनता और वाहन मालिकों के मन में चल रही चिंताओं और आशंकाओं को पूरी तरह दूर कर दिया है। मुख्यमंत्री ने साफ लफ्जों में कहा है कि पेट्रोल और डीजल गाड़ियों के मालिकों को बिल्कुल भी घबराने या परेशान होने की जरूरत नहीं है।
सरकार की यह नई ईवी नीति अचानक या जबरन लागू नहीं की जा रही है, बल्कि इसे बेहद व्यवस्थित और चरणबद्ध तरीके से जमीन पर उतारा जाएगा ताकि आम नागरिकों पर किसी भी तरह का आर्थिक या मानसिक बोझ न पड़े।
अचानक नहीं, सालों में पूरा होगा यह बदलाव
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि किसी भी नई और बड़ी व्यवस्था को रातों-रात लागू नहीं किया जा सकता। बदलाव में हमेशा समय लगता है और एक मजबूत सिस्टम बनने में कई साल लग जाते हैं। इसी बात को ध्यान में रखकर दिल्ली सरकार ने अपनी ईवी नीति को डिजाइन किया है, ताकि लोग बिना किसी असुविधा और परेशानी के धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनी जीवनशैली में शामिल कर सकें।
वैलिडिटी खत्म होने तक चलती रहेंगी पुरानी गाड़ियां
वाहन मालिकों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने साफ किया कि जिन लोगों के पास इस समय पेट्रोल या डीजल की गाड़ियां हैं, वे उनका इस्तेमाल तब तक बेफिक्र होकर कर सकते हैं, जब तक कि उनकी गाड़ी की वैध समय सीमा (लाइफ स्पैन) पूरी नहीं हो जाती। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे इस नीति को लेकर किसी भी तरह की अफवाह, चिंता या भ्रम (कन्फ्यूजन) में न आएं।
जानिए क्या है ईवी नीति का चरणबद्ध टाइमलाइन
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नीति के तहत आने वाले समय में होने वाले मुख्य बदलावों की समय सीमा भी साझा की:
- 1 जनवरी 2027 से पहला चरण: दिल्ली में इस तारीख के बाद से केवल इलेक्ट्रिक ऑटो का ही नया रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि जो लोग नया ऑटो खरीदेंगे, उन्हें इलेक्ट्रिक मॉडल ही चुनना होगा। हालांकि, पहले से चल रहे पुराने पेट्रोल-सीएनजी ऑटो पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा और वे सड़कों पर दौड़ते रहेंगे।
- अप्रैल 2028 से दूसरा चरण: इस महीने से इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों (टू-व्हीलर्स) के लिए नई पंजीकरण व्यवस्था अनिवार्य कर दी जाएगी। इसके बाद नए खरीदे जाने वाले सभी टू-व्हीलर सिर्फ इलेक्ट्रिक ही होंगे। लेकिन, जिन लोगों के पास पहले से पेट्रोल वाले टू-व्हीलर मौजूद हैं, वे उनकी निर्धारित अवधि तक उनका उपयोग जारी रख सकेंगे।
प्रदूषण मुक्त और स्मार्ट दिल्ली बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि इस पूरी नीति का मकसद किसी भी नागरिक को परेशान करना नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य दिल्ली के बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना और शहर को ‘स्मार्ट मोबिलिटी’ (आधुनिक परिवहन) की दिशा में आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण और जनता के हित में उठाए जा रहे इन कदमों और स्पष्ट नियमों के बिना, सरकार द्वारा इस क्षेत्र में किया जा रहा करीब 15,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश प्रभावी साबित नहीं हो पाएगा।
सरकार चाहती है कि जनता इस बड़े और सकारात्मक बदलाव का खुद हिस्सा बने। इसके लिए ईवी नीति के अंतर्गत लोगों को पर्याप्त सब्सिडी, मजबूत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (चार्जिंग स्टेशन) और अन्य जरूरी सुविधाएं भी दी जा रही हैं ताकि इलेक्ट्रिक गाड़ियों को अपनाना हर वर्ग के लिए बेहद आसान और किफायती हो सके।
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