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महिलाओं केा हिंसा से बचा रहे हैं वन स्टॉप केंद्र, 3 लाख महिलाओं को मिली मदद

—दिल्ली सहित 35 राज्यों में खुले हैं 701 वन स्टॉप केंद्र —एक ही छत के नीचे महिलाओं को मिला एकीकृत सहारा नई दिल्ली /खुशबू पाण्डेय : महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित की जा रही वन स्टॉप सेंटर योजना (OSC) यानी एक ही छत के नीचे मदद प्रदान करने की योजना ने अब तक […]

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—दिल्ली सहित 35 राज्यों में खुले हैं 701 वन स्टॉप केंद्र
—एक ही छत के नीचे महिलाओं को मिला एकीकृत सहारा

नई दिल्ली /खुशबू पाण्डेय : महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित की जा रही वन स्टॉप सेंटर योजना (OSC) यानी एक ही छत के नीचे मदद प्रदान करने की योजना ने अब तक 3 लाख से अधिक महिलाओं को सहायता प्रदान की है। यह योजना 1 अप्रैल, 2015 से पूरे देश में राज्य सरकारों एवं केन्द्र शासित प्रदेश प्रशासनों के माध्यम से लागू की जा रही है, ताकि हिंसा से प्रभावित महिलाओं और निजी और सार्वजनिक दोनों जगहों पर एक ही छत के नीचे महिलाओं को एकीकृत सहारा और सहायता प्रदान की जा सके। इसके अंतर्गत महिलाओं के खिलाफ किसी भी प्रकार की हिंसा के खिलाफ लड़ने के लिए पुलिस, चिकित्सा, कानूनी सहायता और परामर्श, मनोवैज्ञानिक सहायता सहित कई सेवाओं के लिए तत्काल, आपातकालीन और गैर-आपातकालीन सहायता प्रदान की जाती है। अब तक, 35 राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों में 701 ओएससी चालू किए जा चुके हैं।


कोविड महामारी के कारण बनी मौजूदा स्थिति में, जो महिलाएं संकट की स्थिति में हैं या हिंसा से प्रभावित हैं, वे त्वरित सहायता और सेवाओं के लिए निकटतम ओएससी से संपर्क कर सकती हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों एंव प्रशासकों और सभी जिलों के डीसी एवं कलेक्टर को निर्देश दिया है कि वे लॉकडाउन अवधि के दौरान वन स्टॉप सेंटरों को चालू रखें, जिसमें कोविड-19 से लड़ने के लिए आवश्यक सभी बुनियादी सामग्री जैसे, सैनिटाइजर, साबुन, मास्क आदि उपलब्ध हो।
योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार, इन केन्द्रों के सुचारू संचालन के लिए, कानूनी परामर्श, चिकित्सा सहायता, मनोवैज्ञानिक, सामाजिक परामर्श आदि प्रदान करने के लिए पैनल में शामिल एजेंसियों, व्यक्तियों की नियुक्ति,भर्ती, चयन की जिम्मेदारी संबंधित राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के जिला प्रशासन के पास है।

उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 75 वन स्टॉप केंद्र

राज्य एवं केन्द्र शासित प्रदेश के आधार पर स्वीकृत और क्रियाशील ओएससी में आंध्र प्रदेश में 13, अरुणाचल प्रदेश 24,असम में 33, बिहार में 38, छत्तीसगढ़ में 27, दिल्ली (केन्द्र शासित प्रदेश) में 11, गुजरात 33, हरियाणा में 22, हिमाचल प्रदेश में 12,जम्मू-कश्मीर (केन्द्र शासित प्रदेश) में 18, झारखंड 24, कर्नाटक 30, केरल 14, महाराष्ट्र 37, मध्य प्रदेश में 52, मणिपुर में 16 एवं मेघालय में 11 ओएससी केंद्र खोले गए। इसी प्रकार ओडिशा 31, पंजाब 22, राजस्थान में 33, सिक्किम 04, तमिलनाडु में 34, तेलंगाना में 33, उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 75 एवं उत्तराखंड में 13 ओएससी बनाए गए। सभी राज्यों को मिलाकर कुल 701 ओएससी बनाए गए।

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